- मंत्री को किसने दिया सजा देने का अधिकारः गरिमा
- पुलिस एनकाउंटर पर सच आया सामनेः रघुनाथ
देहरादून। भाजपा नेता द्वारा भगवाधारी को उत्तराखंड छोड़ने की चेतावनी देने और ऐसा न करने पर गोली मरवा देने का वीडियो वायरल होने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। कांग्रेस की महिला नेता गरिमा दसोनी ने इस वीडियो को लेकर सरकार पर तथा भाजपा नेता पर तमाम सवाल उठाए हैं तो वही जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता करते हुए कहा है कि अब भाजपा के राज में किसी न्यायालय तथा कानून की कोई जरूरत नहीं रह गई है और सरकार तथा भाजपा के नेता जो चाहे कर सकते हैं।
दर असल इस वीडियो में भाजपा के एक दायित्व धारी मंत्री एक भगवा वस्त्रधारी व्यक्ति को यह कहते हुए धमका रहे हैं कि वह नशा तस्कर है इस पर साधु वेशधारी व्यक्ति अपने को जमानत पर बाहर होने की बात कह रहा है और दायित्व धारी राज्य मंत्री उससे कह रहे हैं कि हमने और हमारे मुख्यमंत्री ने कानून बना दिया है कि कोई अपराधी चाहे वह जमानत पर ही जेल से बाहर क्यों न हो राज्य में नहीं रहना दिया जाएगा। या तो वह स्वयं राज्य की सीमा से बाहर चला जाए अन्यथा हम उसको गोली मरवा देंगे। हमने अब तक इतने लोगों को गोली मरवा दी है।
इस वीडियो पर रघुनाथ सिंह नेगी ने आज प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा के शासनकाल में अब न न्याय पालिका की जरूरत है और न किसी कानून की। क्योंकि कानून बनाने और अपराधियों को गोली मारने का अधिकार अब सब कुछ सरकार और भाजपा नेताओं के पास सुरक्षित हो गया। उन्होंने राज्य में हो रहे एनकाउंटरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी जांच कराई जानी चाहिए और इसके लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
उधर कांग्रेस की नेता गरिमा दसोनी का कहना है कि अगर यह मान भी लिया जाए कि भाजपा के दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जिस व्यक्ति को गोली मारने या मरवाने की धमकी दे रहे हैं तो उन्हें यह अधिकार किसने दिया है। क्या वह न्यायाधीश है जो किसी को भी कुछ भी सजा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि दर्जाधारी मंत्री जो वीडियो के साथ छेड़छाड़ या एडिट करने की बात कह रहे हैं वह गलत है। इस वीडियो का पूरा सबूत उनके पास है। गरिमा का कहना है कि भाजपा का असली चाल चरित्र और चेहरा यही है।




