August 18, 2026देहरादून। युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में “खेल महाकुम्भ-2026- मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी” के अन्तर्गत प्रतियोगिताओं के आयोजन की रूपरेखा निर्धारित की गई है। खेल महाकुम्भ का आयोजन न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र एवं राज्य स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से किया जाएगा। न्याय पंचायत स्तर की स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं 01 से 10 सितम्बर 2026 तक, विधानसभा स्तर की विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 11 से 20 सितम्बर 2026 तक, संसदीय क्षेत्र स्तर की सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 21 से 30 सितम्बर 2026 तथा तथा राज्य स्तर की मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 10 सितम्बर से 30 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जाएंगी। न्याय पंचायत स्तर पर अण्डर-14 एवं 19 बालक-बालिका वर्ग में कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो एवं मुर्गा झपट जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। विधानसभा स्तर पर वॉलीबाल एवं पिट्टू सीधे तथा न्याय पंचायत स्तर से चयन के आधार की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। संसदीय क्षेत्र स्तर पर मलखम्ब, रस्साकसी, गोली (कंचा), फुटबाल एवं बैडमिंटन सीधे तथा विधान सभा स्तर से चयन के आधार की विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।राज्य स्तर पर जूडो, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, कराटे, बास्केटबाल, हॉकी, हैण्डबाल, योगासन, तैराकी, तीरंदाजी, फैन्सिंग, कुश्ती, पेंचक सिलाट, पावर लिफ्टिंग, वेट लिफ्टिंग, बेसबाल एवं लॉन टेनिस सीधे तथा विधानसभा स्तर से चयन के आधार की अनेक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। महिला ओपन वर्ग तथा दिव्यांगजन महिला-पुरुष ओपन वर्ग के लिए भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं निर्धारित की गई हैं। इस संबंध में निदेशक, युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल, उत्तराखण्ड दीप्ति सिंह विस्तृत कार्ययोजना जारी की गई है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपेक्षा भी की है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल महाकुम्भ के आयोजन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना तथा खिलाड़ियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का अवसर प्रदान करना है।
August 18, 2026प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तंज से निकली नई सियासी कहानी बयान अब समर्थकों और विरोधियों की राजनीतिक पहचान संसद से निकलकर राजनीति अब सोशल मीडिया में शिफ्ट विरोधी पक्ष ऐसे बयानों को सत्ता के खिलाफ आक्रामक मुद्दा देहरादून। भारतीय राजनीति में तंज, विशेषण और राजनीतिक जुमलों का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया के दौर में यही शब्द कभी-कभी सत्ता के खिलाफ नए राजनीतिक नैरेटिव का आधार भी बन जाते हैं। काकरोच जैसे राजनीतिक तंज के बाद अब दिमागी नक्सल शब्द भी इसी तरह चर्चा में है। प्रधानमंत्री की ओर से किए गए तंज के बाद इस नाम से एक राजनीतिक मंच/समूह के गठन और उससे बड़ी संख्या में लोगों के जुड़ने के दावे ने सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया है। यह घटनाक्रम अपने आप में इस बात का संकेत है कि आज की राजनीति केवल संसद, रैलियों और चुनावी सभाओं तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया पर बोले गए एक शब्द को समर्थक अपने तरीके से राजनीतिक पहचान में बदल सकते हैं और विरोधी उसी शब्द को सत्ता के खिलाफ हथियार बना सकते हैं।राजनीति में किसी विरोधी को निशाना बनाने के लिए दिए गए विशेषण अक्सर कुछ समय के लिए सुर्खियां बनते हैं। लेकिन जब वही शब्द विरोध करने वाले समूह की पहचान बन जाए तो मामला दिलचस्प हो जाता है। दिमागी नक्सल को लेकर सामने आए राजनीतिक प्रयोग को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। समर्थकों का दावा है कि प्रधानमंत्री के तंज के बाद बड़ी संख्या में लोग इस मंच से जुड़े हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संगठन की वास्तविक सदस्य संख्या को अलग-अलग तरीके से देखना जरूरी है। सवाल यह है कि क्या यह महज सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया है या फिर आने वाले समय में इसका कोई संगठित राजनीतिक रूप भी दिखाई देगा?भारतीय राजनीति में कई बार किसी दल या नेता को दिए गए विरोधी के विशेषण ने ही उसकी पहचान को मजबूत किया है। राजनीतिक विरोधियों के आरोपों को पलटकर अपने पक्ष में इस्तेमाल करना चुनावी रणनीति का हिस्सा रहा है। दिमागी नक्सल को लेकर भी यही प्रयोग दिखाई देता है, जिस शब्द का इस्तेमाल आलोचना या तंज के रूप में किया गया, उसी को समर्थक राजनीतिक व्यंग्य और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं। यह सोशल मीडिया राजनीति के उस नए दौर को दिखाता है जहां नकारात्मक प्रचार भी कभी-कभी राजनीतिक ब्रांडिंग में बदल सकता है।इस नए राजनीतिक मंच से लाखों लोगों के जुड़ने का दावा किया जा रहा है। अगर यह संख्या वास्तविक और सक्रिय राजनीतिक समर्थन में बदलती है तो निश्चित तौर पर यह मुख्यधारा की पार्टियों के लिए विचार करने का विषय होगा। लेकिन किसी डिजिटल प्लेटफार्म पर फालोअर या सदस्य संख्या और वास्तविक चुनावी समर्थन में बड़ा अंतर होता है। चुनाव बूथ पर लड़ा जाता है, जहां संगठन, उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दे और मतदाता का भरोसा निर्णायक होता है। यही इस नए राजनीतिक प्रयोग की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।देश की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले के बीच कई छोटे राजनीतिक प्रयोग समय-समय पर सामने आते रहे हैं। कुछ आंदोलनों ने राजनीतिक दल का रूप लिया तो कुछ सोशल मीडिया की सीमाओं से आगे नहीं बढ़ पाए। दिमागी नक्सल नाम से सामने आया राजनीतिक प्रयोग भी अब इसी कसौटी पर देखा जाएगा। क्या यह केवल प्रधानमंत्री के बयान की प्रतिक्रिया तक सीमित रहेगा या बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक मुद्दों को लेकर अपना स्वतंत्र राजनीतिक एजेंडा तैयार करेगा? यदि यह मंच केवल एक राजनीतिक तंज का जवाब बनकर रह गया तो इसकी उम्र सीमित हो सकती है। लेकिन यदि यह अपने नाम से आगे निकलकर नीति, संगठन और जमीन से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट कार्यक्रम तैयार करता है, तब इसकी राजनीतिक प्रासंगिकता बढ़ सकती है।इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा संदेश शायद यही है कि राजनीति में शब्दों को हल्के में लेना अब आसान नहीं है। सत्ता का एक तंज सोशल मीडिया में हजारों पोस्ट, मीम और अभियान का आधार बन सकता है और वही अभियान किसी दिन राजनीतिक संगठन का रूप लेने का दावा भी कर सकता है। लेकिन लोकतंत्र में अंततः फैसला नारों से नहीं, जनता के वोट से होता है। इसलिए दिमागी नक्सल नाम का यह प्रयोग कितना बड़ा राजनीतिक विकल्प बनता है, यह आने वाला समय बताएगा।फिलहाल इतना जरूर है कि जिस शब्द को राजनीतिक तंज के रूप में इस्तेमाल किया गया, वही अब विरोध की पहचान बनने की कोशिश कर रहा है। काकरोच से लेकर दिमागी नक्सल तक की यह राजनीति बताती है कि भारतीय लोकतंत्र में राजनीतिक भाषा का नया दौर शुरू हो चुका हैकृजहां सत्ता का तंज भी कभी-कभी विपक्ष की नई कहानी लिख देता है।
August 18, 2026देहरादून। प्रस्तावित वीवीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत 19 व 20 अगस्त को ट्रेफिक प्लान तैयार किया गया जिसके तहत शहर में यातायात डायर्वट किया जायेगा।आज यहां इसकी जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि प्रस्तावित वीवीआईपी भ्रमण कार्यव्रQम के दृष्टिगत शहर में ट्रेफिक प्लान तैयार किया गया है। जिसके तहत रुट डाइवर्ट का समय 19 अगस्त 2026 को दोपहर एक बजे से साढे तीन बजे तक 20 अगस्त 2026 को प्रातः साढे आठ बजे से साढे दस बजे तक 20 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक ऋषिकेश से देहरादून शहर / मसूरी आने वाले वाहनों के लिये रानीपोखरी भोगपुर — थानों — 06 नम्बर पुलिया — सहस्त्रधारा क्रासिंग — सर्वे चौक होते हुए देहरादून शहर में प्रवेश कराया जायेगा तथा मसूरी हेतु सहस्त्रधारा क्रासिंग आईटी पार्क, साईं मन्दिर से होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा। हरिद्वार से देहरादून शहर/मसूरी आने वाले वाहनों के लिये भानियावाला फ्लाई ओवर सर्विस लेन — डोईवाला चौक — दूधली मार्ग की ओर भेजते हुए कारगी चौक से देहरादून शहर की ओर प्रवेश कराया जायेगा तथा मसूरी जाने वाले वाहनों को कारगी चौक — आईएसबीटी — शिमला बाईपास — जीएमएस रोड — कैन्ट — अनारवाला होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा। आशारोडी / प्रेमनगर क्षेत्र से से मसूरी जाने वाले वाहनों के लिये आशारोडी / प्रेमनगर क्षेत्र से मसूरी जाने वाले वाहनों को आईएसबीटी — शिमला बाईपास — जीएमएस रोड — बल्लूपुर चौक — कैन्ट अनारवाला होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा। देहरादून शहर से हरिद्वार / ऋषिकेश जाने वाले वाहनों के लिये कारगी चौक — दूधली मार्ग — डोईवाला चौक — भानियावाला सर्विस लेन — लालतप्पड — नेपाली फार्म तिराहा होते हुए ऋषिकेश / हरिद्वार की ओर भेजा जायेगा। मसूरी से हरिद्वार / ऋषिकेश जाने वाले वाहनों के लिये जेपी बैंड — बार्लाेगंज — कुठाल गेट — ओल्ड मसूरी रोड — सांई मन्दिर — काठ बंगला पुलिया — किरशाली चौक — आईटी पार्क — सहस्त्रधारा क्रासिंग — 06 नम्बर पुलिया — महाराणा प्रताप चोक— थानो रोड होते हुए अपने गंतव्य की ओर भेजा जायेगा। ईसी रोड से मसूरी जाने वाले वाहनों के लिये सर्वे चौक — सहस्त्रधारा क्रासिंग — आईटी पार्क — साईं मन्दिर होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा। घण्टाघर से मसूरी जाने वाले वाहनों के लिये ग्रेट वैल्यू — कैनाल रोड — काठ बंगला पुल — सांई मन्दिर होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा। हाथीबडकला / दिलाराम से मसूरी जाने वाले वाहनों के लिये दिलाराम — ग्रेट वैल्यू — कैनाल रोड — काठ बंगला पुल — सांई मन्दिर होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा। डायवर्जन प्वाईंट भोगपुर तिराहा (रानीपोखरी), भानियावाला फ्लाई ओवर, डोईवाला थाने से 100 मी0 आगे दूधली रोड, कारगी चौक, शिमला बाईपास चौक, एनेक्सी तिराहा, सहस्त्रधारा क्रासिंग, साईं मन्दिर, राजपुर रोड, दिलाराम चौक, ग्रेट वैल्यू तिराहा, सांई मन्दिर तिराहा, कुठालगेट तिराहा तक किया जायेगा। यातायात पुलिस द्वारा निर्धारित डायवर्जन एवं रूट प्लान का पालन करें तथा अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों का प्रयोग न करें। किसी भी दशा में अपने वाहन मुख्य मार्ग, सड़क के किनारे अथवा प्रतिबंधित स्थानों पर पार्क न करें, जिससे यातायात बाधित हो। अपने गन्तव्य तक पहुँचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और यातायात पुलिस द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें। अति आवश्यक सेवा (एम्बुलेंस, पुलिस, फायर आदि) के वाहनों को रोका / डायवर्ट नहीं किया जायेगा। इसके अतिरिक्त आवश्यक सेवाएं (पेट्रोल / दूध / गैस / सब्जी) के वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से पास कराया जायेगा। नो पर्किग जोन में वाहन खडा करनें पर ट्रेफिक व्रQेन द्वारा व्हीकल को टो किया जायेगा तथा आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। धैर्य रखें, हॉर्न का अनावश्यक प्रयोग न करें, यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। किसी भी असुविधा से बचने के लिए यातायात प्लान का पालन करें। ट्रैफिक सम्बन्धी अपडेट्स पाने के लिए देहरादून पुलिस तथा ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया पेज को फोलो करें।
August 18, 2026देहरादून। पुलिस ने चोरी की कार के साथ एक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुभव दिनेश तिवारी ने कोतवाली नगर पर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा गांधी रोड स्थित होटल की पार्किंग से उनकी हौंडा सिटी कार को चोरी कर लिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। चोरी की घटना की गम्भीरता के दृष्टिगत उसके खुलासे तथा उसमें शामिल व्यक्ति की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर उसके आस—पास तथा आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों का अवलोकन करते हुए घटना में शामिल संदिग्धों के समबन्ध में आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर सुरागरसी/पतारसी करते हुए स्थानीय तंत्र को सक्रिय किया गया। साथ ही पूर्व में वाहन चोरी की घटनाओं में प्रकाश में आये लोगों की वर्तमान स्थिती की जानकारी प्राप्त कर उनका भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस द्वारा लगातार किये जा रहे अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप पुलिस टीम द्वारा चैकिंग के दौरान मिली सूचना पर वाहन चोरी की घटना में शामिल दीपक गुप्ता पुत्र दिनेश को सिंघल मंडी के पास से चोरी किये गये वाहन के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में बताया कि उसके द्वारा ही पूर्व में उक्त वाहन को अनुभव दिनेश तिवारी को बेचा था तथा उक्त कार की दूसरी चाबी उसके पास थी। कुछ दिन पूर्व किसी बात को लेकर उसकी अनुभव दिनेश तिवारी से बहस हो गयी थी, जिसके बाद उसने उसे सबक सिखाने व परेशान करने के इरादे से वाहन चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए उसके द्वारा उक्त वाहन को सुनसान इलाके में छिपा दिया था, जिसे आज वह बेचने के लिए जा रहा था, पर उससे पूर्व ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
August 18, 2026पौड़ी। नाबालिग बेटियों के साथ लम्बे समय से दुष्कर्म करने वाले कलयुगी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।जानकारी के अनुसार कोटद्वार निवासी एक महिला द्वारा कोतवाली कोटद्वार में एक शिकायती पत्र देकर बताया गया कि उसके पति द्वारा अपनी नाबालिग पुत्रियों के साथ पिछले कई समय से दुष्कर्म एवं यौन शोषण किया जा रहा था, साथ ही इसके संबंध में किसी को जानकारी देने अथवा पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने तथा घर से निकाल देने की धमकी दी जाती थी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। प्रकरण की प्रारम्भिक जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पति—पत्नी के मध्य पारिवारिक विवाद चल रहा था। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता एवं सत्यता का निष्पक्ष रूप से जांच करना, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि प्रकरण में कहीं आपसी आरोप—प्रत्यारोप अथवा पारिवारिक विवाद के चलते लगाए गए आरोप तो नहीं हैं। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच की। जांच के दौरान पीड़िता के बयान नियमानुसार दर्ज किए गए तथा घटनाक्रम से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन जांच कर प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन किया गया। साथ ही प्रकरण में पुलिस टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ एवं जानकारी की गई। प्रारम्भ में आरोपी द्वारा विभिन्न प्रकार के बहाने बनाकर तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया, किंतु आवश्यक साक्ष्य संकलन, पीड़िता के बयानों व आवश्यक कार्यवाही के पश्चात आरोपी द्वारा किए गए अपराध को स्वीकार किया गया। जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहंा से उसे जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम अनुप चंद्र, निवासी कोटद्वार बताया जा रहा है।
August 18, 2026सब्सिडी की फाइल बढ़ाने पर मांगी गयी थी 10 हजार रूपये की रिश्वत हरिद्वार। कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगना सहायक कृषि अधिकारी को भारी पड़ गया। सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि उसके भाई को कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के सत्यापन के बाद सतर्कता टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की। 18 अगस्त को टीम ने हरिओम यादव पुत्र स्व. लाल सिंह, निवासी प्रतापनगर, नजीबाबाद रोड, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल, हाल सहायक कृषि अधिकारी, विकासखंड खानपुर, जिला हरिद्वार को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सतर्कता अधिष्ठान की टीम आरोपी से पूछताछ के साथ मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।बता दें कि उत्तराखण्ड राज्य में रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे है। हालांकि सर्तकता अधिष्ठान ऐसे लोगों पर लगातार कार्यवाही कर रहा है। लेकिन फिर भी यह मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। बीते एक वर्ष के दौरान कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारी रिश्वतखोरी के मामले में जेल की हवा खा चुके है।