Home News Posts उत्तराखंड अब ओपन यूनिवर्सिटी की नियुक्ति पर भी हंगामा शुरू

अब ओपन यूनिवर्सिटी की नियुक्ति पर भी हंगामा शुरू

0
663

भाजपा और कांग्रेस नेता आमने—सामने
सूबे में जारी है घोटाला घोटाला का खेला

देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों घोटाला—घोटाला का खेला जारी है। यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले में जहां ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां जारी है वहीं विधानसभा में बैकडोर भर्तियों के रद्द होने की तलवार लटकी हुई है। लेकिन इसी बीच ओपन यूनिवर्सिटी में हुई 56 अवैध नियुक्तियों के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच महासंग्राम छिड़ गया है।
खास बात यह है कि ओपन यूनिवर्सिटी में हुई इन 56 नियुक्तियों की जांच की मांग यूनिवर्सिटी के अंदर से ही उठी है। टीचर्स संघ ने इन भर्तियों की जांच की मांग की है। इस मामले ने उस वक्त और अधिक तूल पकड़ लिया जब ओपन यूनिवर्सिटी के बीसी द्वारा पत्रकारों को हड़काते हुए उन पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात कह दी गई। इस पर अब उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत को सफाई देनी पड़ रही है। धन सिंह रावत का कहना है कि मीडिया को धमकाने का अधिकार किसी को भी नहीं है वह खुद मीडिया का बहुत सम्मान करते हैं।
उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने इस मामले में धन सिंह रावत पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत के कार्यकाल में विश्वविघालय से लेकर तमाम जगह में हुई नियुक्तियों की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कई शिक्षकों के नाम गिनाते हुए कहा है कि वह बिना किसी परीक्षा के ही नौकरियां कैसे पा गए। उधर भाजपा नेताओं का कहना है कि यह नियुक्तियां तो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी इस पर कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि नियुक्तियां किसी भी सरकार के कार्यकाल में हुई हो अगर अवैध तरीके से हुई है तो उसकी जांच होनी ही चाहिए। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर ओपन यूनिवर्सिटी में हुई अवैध भर्तियों की सूची वायरल हो रही है। वहीं पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे द्वारा भी अपने कार्यकाल में अपने सगे संबंधियों व रिश्तेदारों को इंटर कॉलेजों में अपात्र होने के बाद भी उन्हें नौकरियां दिये जाने की खबर चर्चाओं में है।
उधर पेपर लीक मामले में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियाें का सिलसिला जारी है। एसटीएफ ने इस मामले में अब तक 33 वी संजय रावत के रूप में गिरफ्तारी की है। मुख्यमंत्री धामी इस बाबत यह साफ कर चुके हैं कि अगर जरूरत होगी तो सीबीआई जांच सौंपी जा सकती है। विधानसभा में बैक डोर भर्तियों पर क्या निर्णय होता है अब सभी की निगाहें विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी के एक्शन पर ही लगी हुई है। कुल मिलाकर सूबे में जो घोटालों—घोटालों का खेला हो रहा है उससे नेताओं की खूब किरकिरी हो रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here