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दूनघाटी बनेगी सियासी ‘रणभूमि’

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  • विधानसभा का विशेष सत्र में नारी सम्मान लोकतंत्र में अधिकार पर होगी चर्चा
  • भाजपा इस अधिकार को बता रही है अपनी उपलब्धि और कांग्रेस सरकार की नाकामी
  • विधानसभा सत्र से पूर्व भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बयान पक्ष-विपक्ष में आने लगे

देहरादून। 28 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र है और यह सत्र भी सियासी रणभूमि बनने वाला है। राजनैतिक सूत्रों की माने तो सत्र तो नारी शक्ति वंदन पर चर्चा के लिए है, लेकिन सदन में बहस कम, शोर ज्यादा होगा। यह वही मुद्दा है जो सालों से राजनीतिक दलों के घोषणापत्र में सजता रहा है और संसद में अटकता रहा है। एक ओर भाजपा जहां इसे अपनी उपलब्धि बताना चाहती है और कांग्रेस इसे अधूरा वादा कहती है।
विधानसभा का कोई भी सत्र हो उसमें हो-हल्ला होना लाजमी है। सत्ता पक्ष अपनी मनमर्जी चलाती है और विपक्ष सरकार का विरोध करती है। यह प्रथा लंबे समय से चली आ रही है। विधानसभा के सदन में राजनीति न हो यह हो नहीं सकता है। इसके साथ ही विधानसभा में नेता मर्यादा को तार-तार न करें यह भी हो नहीं सकता है। हालांकि विधानसभा सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं इसके बाद भी सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष को असली चेहरा तो दिखेगा ही।
विधानसभा सत्र से पूर्व भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बयान आने लगे है। भाजपा इसे अपनी उपलब्धि बताकर प्रचारित कर रही है। वही कांग्रेस इसे भाजपा सरकार की नाकामी बात रही है। कांग्रेस तो सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करने के मूड में है। शायद यही कारण है कि कांग्रेस ने अपनी चारधाम यात्रा को फिलहाल रदद कर दिया है। क्योंकि सदन में हो-हल्ला करने का समय है तो इसे कांग्रेस गवा नहीं सकती है।
विधानसभा सत्र के बहाने कांग्रेस की रणनीति साफ दिख रही है कि पहले सदन में सरकार को घेरो, फिर सड़क पर उतरकर माहौल बनाओ। यह राजनीति का क्लासिक माडल है अंदर हमला, बाहर अभियान। लेकिन जनता पूछ रही है इस रणनीति में उसका स्थान कहां है? क्या वह सिर्फ भीड़ है, या फिर वोट बैंक?
कांग्रेस चारधाम यात्रा निकलेगी, बयान आएंगे, सदन में हंगामा होगा, टीवी डिबेट होंगी, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं सुधरेंगी या नहीं, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी या नहीं, यह अब भी सवाल ही है। देहरादून से लेकर बदरीनाथ तक और विधानसभा से लेकर गांव तक राजनीति अपनी पूरी ताकत में है। कांग्रेस चुनावी साल में सदन से लेकर सड़क तक अपनी ताकत न दिखाये यह हो नहीं सकता है।

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