- जाते—जाते कहर बरपा रहा है मानसून
- दो दिन प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल से आज भूस्खलन की एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई, देखते ही देखते एक मकान धराशाई हो गया। जिसकी जद में कई अन्य कच्चे—पक्के मकान भी आ गए। जिससे चारों ओर चीख पुकार मच गई। गनीमत रही कि संभावित खतरे के मद्देनजर मकान को पहले ही खाली कर लिया गया था जिसे जान माल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
घटना बी डी अस्पताल के पीछे के क्षेत्र की है। जहां बारिश के कारण एक बड़ी दीवार के ढहने से ढलान पर बने दर्जनों घर भूस्खलन की जद में आ गए हैं। प्रशासन द्वारा खतरे को भांपते हुए कई मकानों को खाली करा लिया गया है। वही एक दो मंजिला मकान आज धराशाई हो गया जबकि अन्य कई मकान ढहने के कगार पर हैं। जिसके कारण स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
उत्तराखंड राज्य में मानसूनी आपदा का कहर अभी भी जारी है जबकि 10 अक्टूबर तक मानसून की समाप्ति की बात कही जा रही है। आज एक बार फिर मौसम विभाग द्वारा आगामी दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए पूरे राज्य में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मानसून की विदाई का समय जैसे—जैसे नजदीक आ रहा है मानसून के तेवर और तीखे होते जा रहे हैं। मुख्य सचिव एसएस संधू का कहना है कि इस साल राज्य में अत्यधिक बारिश के कारण बीते साल की तुलना में 15 से 20 फीसदी अधिक नुकसान होने की बात कही गई है। उनका कहना है कि राज्य में हिमाचल की तुलना में फिर भी बहुत कम नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि राज्य में भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ी है तथा सड़कों और पुलों को भारी नुकसान हुआ है पीडब्ल्यूडी ने इनकी मरम्मत की तैयारी कर ली है बारिश खत्म होते ही काम शुरू हो जाएगा।



