नौ मजदूर लापता, 2 के शव बरामद
चार धाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित
भूस्खलन से 100 सड़के बंद, सड़क व पुल बहे
देहरादून। उत्तराखंड में आसमान से आफत की बरसात का दौर जारी है। बीती रात उत्तरकाशी के बड़कोट में बादल फटने से भारी तबाही के समाचार है। जहां इस आपदा में नौं मजदूरों के लापता होने की सुबह खबर आई वही सैकड़ो नाली कृषि भूमि के बह जाने व यमुनोत्री हाईवे तथा केदारनाथ हाईवे पर कई स्थानों पर मलवा आने से मार्ग बंद होने तथा यात्रियों की फंसे होने की खबरें हैं। बद्रीनाथ धाम राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई स्थानों पर बाधित हो गया। जिससे यात्रा पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। मौसम विभाग द्वारा आज और कल के लिए कई जनपदों के लिए रेड और येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद धामी सरकार द्वारा दो दिनों के लिए चार धाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। वहीं राज्य के प्रमुख मार्गाे को खोलने का काम युद्ध स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
बीती रात यूं तो उत्तरकाशी में सबसे बड़ी तबाही के समाचार है। बड़कोट में सिलाई बंैड के पास बादल फटने से यहां निर्माण कार्य में लगे 9 मजदूरों के लापता होने की खबर है। सुबह एनडीएफआर आइटीबीपी व एसडीआरएफ की टीमों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया जिसमें दो मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए जबकि बाकी सात की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार यहां चार यूपी तथा पांच नेपाल के मजदूर रह रहे थे। बादल फटने की इस घटना में यमुनोत्री हाईवे का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह पास आउट हो गया है जिसके कारण प्रभावित क्षेत्र में मशीनें भी नहीं पहुंच पा रही है केदारनाथ हाईवे सोनप्रयाग से ऊपर कई स्थानों पर मलवा आने से बाधित हो चुका है। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को फिलहाल प्रशासन द्वारा सोनप्रयाग में रोक दिया गया है। खराब मौसम के कारण बचाव राहत कार्य में मुश्किलें आ रही है तथा लगातार हो रहे भूस्खलन की घटनाओं के कारण भी दिक्कतें पेश आ रही है।
मौसम विभाग द्वारा आज पूरे प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है बीती रात की तबाही को देखते हुए तथा मौसम विभाग की चेतावनी के बाद यात्रा को 2 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया वैसे भी सभी चार धाम यात्रा मार्गाे सहित राज्य के लगभग 100 प्रमुख सड़कों के बंद हो जाने के कारण जनजीवन पूरी तरह से ठहर गया है। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी ही नहीं दून से लेकर नैनीताल, उधम सिंह नगर में भी भारी बारिश का दौर जारी है। आपदा सचिव विनोद कुमार खुद सुबह से ही कंट्रोल रूम में डेरा जमाए हुए हैं तथा हालात पर नजर रखे हुए हैं लेकिन उत्तरकाशी व चमोली के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है।



