Home News Posts उत्तराखंड सेना को मिले 419 जांबाज अधिकारी

सेना को मिले 419 जांबाज अधिकारी

0
323
  • कंधों पर सजे सितारे तो छलक आए आंसू
  • देश सेवा के जज्बे को देखकर हुई गर्व की अनुभूति

देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी परिसर में आयोजित की गई पासिंग आउट परेड के संपन्न होने के साथ ही आईएमए के इतिहास में एक और स्वर्णिम पन्ना जुड़ गया जब 451 कैडिटोंं ने पासिंग परेड का हिस्सा बनते हुए देश की सुरक्षा की शपथ ली। पासिंग परेड के बाद परिजनों ने कंधों पर जब सितारे सजाए तो कई लोगों के लिए यह पल इतने भावुक एहसास के थे कि आंखों से आंसू छलक पड़े।
आज कड़ी सुरक्षा के बीच हुई पासिंग आउट परेड सुबह 6 बजे शुरू हुई। 156वें पासिंग आउट परेड की सलामी श्रीलंका के सेना प्रमुख लासांथा रोड्रिगो ने ली। उल्लेखनीय है कि लेफ्टिनेंट जनरल लासांथा ने खुद भी दिसंबर 1999 में आईएमए देहरादून से ही कमीशन प्राप्त किया था, जो आज संपन्न हुई पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आज की पासिंग आउट परेड में कुल 451 कैडिटो ने भाग लिया है जिसमें 419 भारतीय हैं तथा 32 कैडेट मित्र राष्ट्रों के हैं। भारतीय सैन्य अकादमी ने अब तक देश को प्रशिक्षित सैन्य अधिकारी देने के साथ ही विश्व भर के मित्र राष्ट्रों को हजारों की संख्या में सैन्य अधिकारी दिए हैं।
सेना में कमीशन पाने की सफलता और गर्व क्या होता है हर एक पासिंग आउट परेड में इसकी अनुभूतियों को देखा जा सकता है। ठीक उसी क्रम में आज भी पहले मार्च पास्ट, सलामी और परेड के दौरान इन जाबाजों का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। इसके बाद अपनी भावी पीढ़ी के स्वर्णिम भविष्य की तस्वीर को देखने और उसके साक्षी बनने आए परिजनों की खुशियां भी उनके चेहरे पर उसे वक्त साफ नजर आई जब वह अपने सपूतों के कंधों पर सितारे सजा रहे थे। अत्यंत ही भावनात्मक इन क्षणों में कई लोगों की आंखों में खुशियों के आंसू देखे गए।
एक साल की कठिन और अत्यंत कड़ी ट्रेनिंग के बाद इस मुकाम तक पहुंच कर कैडिटों के चेहरे भी खुशी से चमक रहे थे। पासिंग आउट परेड की सुरक्षा के मद्देनजर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे तथा मुख्य मार्ग से ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here