केंद्र सरकार के जातीय जनगणना के फैसले और पहलगाम के आतंकी हमलों जैसे मुद्दों पर नेता विपक्ष ने बीते कल एक पत्रकार वार्ता में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए जो कुछ कहा गया वह काबिले गौर है। जातीय जनगणना कब होगी इसे लेकर राहुल गांधी ने जवाब दिया कि जब सिंधु नदी का जल रुक जाएगा। सवाल जातीय जनगणना पर और जवाब सिंधु जल से। केंद्र सरकार द्वारा पहलगाम की घटना के बाद पाकिस्तान पर जलवार करते हुए पाक को मिलने वाले सिंधु नदी के जल पर रोक लगाने की घोषणा की गई। इस फैसले को मीडिया ने इस तरह पेश किया जैसे कि पाकिस्तान के लोग प्यास से तड़प तड़प कर मर जाएंगे। दिल्ली में हो रही हाई लेवल मीटिंगों को लेकर भी मीडिया भारत की सैन्य ताकत के सामने पाक को धूल चटाता दिख रहा था अब होने वाला है कराची पर अटैक, अब होने वाली है मिसाइलों की बरसात। यही नहीं परमाणु बमों के इस्तेमाल की संभावनाओं तक और भी न जाने क्या—क्या? इस सबसे कुछ चौनलों की टीआरपी जरूर 60 फीसदी तक बढ़ गई। लेकिन सरकार ने जब कुछ नहीं किया तो अब इस मीडिया को भी यह समझ नहीं आ रहा है कि वह अपनी रिपोर्टिंग की दिशा और दशा कैसे रखें ? जिस दिन सिंधु नदी का जल रुक जाएगा उस दिन जातीय जनगणना शुरू हो जाएगी जैसे जवाब न सिर्फ सरकार पर बल्कि मीडिया पर भी भारी पड़ रहे हैं। एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जिस जातीय जनगणना को राहुल गांधी ने इतना प्रभावी मुद्दा बना दिया कि केंद्र सरकार को इस पर काम करने का फैसला लेना पड़ा उसे लेकर टीवी चौनलों पर इसका श्रेय सरकार को देने की होड़ लगी हुई है तथा खूब डिबेट कराई जा रही है। यह वही मुद्दा है जिसे लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर संसद में यह तंज कसा था कि जिन्हें अपनी जाति का पता नहीं है वह जनता की जाति पूछने की बात कर रहे हैं। उनके इस बयान को लेकर संसद में जमकर हंगामा हुआ था। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी यह कहते थे कि जो करेगा जाति की बात उनको मारूंगा कसकर लात। लेकिन अब वही गडकरी अपनी सरकार को लात मारना तो दूर उसके फैसले की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं। भाजपा के तमाम नेता बटोगे तो कटोगे का नारा देते थे और प्रधानमंत्री मोदी कहते थे एक रहोगे तो सेफ रहोगे का लोगों को पाठ पढ़ाते थे तथा कांग्रेस की सोच को नक्सली और विभाजनकारी बताते थे उन्हें अब जातीय जनगणना में तमाम गुण कैसे नजर आने लगे? भाजपा की नीति ने मीडिया को फंसा दिया है उसे भी समझ नहीं आ रहा है कि वह खुद क्या स्टैंड ले? सिंधु नदी का जल रोक पाना प्रैक्टिकली पॉसिबल नहीं है। राहुल गांधी कहते हैं कि जिस दिन सिंधु का जल सरकार रोक देगी उस दिन सरकार जातीय जनगणना भी शुरू कर देगी। मतलब साफ है कि सरकार सिर्फ शगूफे बाजी कर रही है। भले ही राहुल गांधी ने सरकार पर मीडिया पर सीधे कोई आरोप न लगाए हो लेकिन राहुल गांधी जिन्हें भाजपा के नेताओं ने पप्पू बना दिया था अब वह भाजपा के बड़े धुरन्धरो को शालीनता के साथ मीडिया से कहते हैं कि मेरा काम विश्लेषण करना नहीं है यह काम आपका है आप ही कीजिए मैं तो तथ्यों पर आधारित सत्य की राजनीति करता हूं।




