- केदारनाथ हाईवे पर आया मलवा, मार्ग बंद
- कांग्रेस ने तैयारियों पर उठाए सवाल
देहरादून। चार धाम यात्रा तैयारियों के दौरान बिगड़े मौसम के मिजाज ने शासन—प्रशासन के सामने समस्याएं खड़ी कर दी है। वहीं जहां सरकार समय से पूर्व व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का दावा कर रही है तो विपक्ष कांग्रेस द्वारा यात्रा की तैयारियों को लेकर सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी गई है।
30 अप्रैल से शुरू होने जा रही चार धाम यात्रा की तैयारियों में खराब मौसम ने खलल डाल दिया है। पहाड़ों पर हो रही अतिवृष्टि के कारण सड़कों पर मलवा आने से राजमार्गों की हालत और अधिक खराब हो गई है। रुद्रप्रयाग से प्राप्त समाचार के अनुसार केदारनाथ हाईवे पर बांसवाड़ा के पास मलवा और बोल्डर आने से मार्ग अवरूद्ध हो गया है। सड़कों की मरम्मत और पैच वर्क का काम भी बारिश और ओलावृष्टि के कारण नहीं हो पा रहा है। वहीं पैदल मार्ग पर बर्फ हटाने का काम भी प्रभावित हुआ है। बीते दो दिनों से हो रही बारिश के कारण तमाम स्थानों पर पहाड़ से मलवा आने और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें मिल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लेकर मुख्य सचिव आनंद वर्धन और कमिश्नर विनय शंकर पांडे लगातार यात्रा तैयारियों की समीक्षा करने तथा उन्हें समय से पूर्व पूरा कराने की कोशिशों में लगे हुए हैं वही मौसम द्वारा काम में रुकावट डाली जा रही है। खास तौर से सड़कों की सुधारीकरण का काम ज्यादा प्रभावित हो रहा है। भले ही सत्ता में बैठे नेता समय पर काम पूरा हो जाने का दावा कर रहे हैं लेकिन इसके साथ ही विपक्ष द्वारा यात्रा की तैयारियों पर सरकार की घेराबंदी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेत्री गरिमा दसौनी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि सरकार चार धाम यात्रा को पर्यटन इवेंट बनाने में जुटी है जबकि धरातल पर उसे तैयारियों में जुटना चाहिए था। उनका कहना है यात्रा मार्गों की हालत खस्ता है। सड़के बंद है तथा चौड़ीकरण का काम तक नहीं किया जा सका है। उनका कहना है कि नेता सिर्फ दावे कर रहे है उन्होंने कहा कि बीते साल कितने लोगों की यात्रा के दौरान मृत्यु हो गई इसका ब्यौरा तक अभी तक सरकार के पास नहीं है।



