देहरादून। एसटीएफ ने वन्य जीव तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से हिरण की कस्तूरी व पैर बरामद कर लिये। एसटीएफ ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एसटीएफ के दरोगा नरोत्तम बिष्ट ने विकासनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि आज वह सरकारी वाहन व प्राईवेट कार मेें क्राईम किट लैपटाप, प्रिन्टर, कन्वर्टर एसटीएफ कार्यालय देहरादून से ईनामी अपराधियों की धरपकड, नशीले पदार्थों की रोकथाम, वन्य जीव जन्तु की तस्करी करने वाले व्यक्तियों की धरपकड हेतु समय प्रातः दस बजे रवाना हुये। जब वह पुलिस टीम प्रेमनगर पहुँचे तो टेलीफोन के जरिये सूचना मिली कि विकासनगर क्षेत्र में वन्य जीव जन्तुओं के अंगो तथा खाल की अवैध तस्करी हो रही है जिसमे एक व्यक्ति विकासनगर क्षेत्र में आज हिरण की कस्तूरी व हिरण के अंग की खरीद फरोख्त करने वाला है अगर वह जल्दी आ सकते हो तो उक्त व्यक्ति को रंगे हाथो पकडा जा सकता है। सूचना पर विश्वास कर उसके द्वारा अपने उच्चाधिकारियों को सूचना से अवगत कराते हुये बिना देरी किये पुलिस टीम के साथ विकासनगर के लिये सरकारी वाहन से चले जब वह समय करीब दो बजे विकासनगर में बाबूगढ चुंगी पर पहुंचे तो वहां पर उन्हें पूर्व में दी गई सूचना से अवगत कराया। तब पुलिसकर्मी बिना देरी किए उस स्थान के लिये रवाना हुये जब वह शक्ति नहर पुल नम्बर 2 से लगभग 200 मीटर पहले पहुंचे तो एक आदमी किसी का इंतजार कर रहा था। पुलिस वाले छिपते छिपाते उस व्यक्ति के निकट टीन श्ौड के पास गयी तो पुलिस वालों को देखकर वह व्यक्ति सकपका कर वहां से पीछे की ओर जाने लगा तो पुलिस वालों द्वारा उसे तेजी से दौड़कर टीनश्ौड के सामने ही पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान पकडे गये व्यक्ति ने अपना नाम कृष्ण कुमार पुत्र जयप्रकाश निवासी ग्राम लारा नौगॉव जिला उत्तरकाशी हाल निवासी विजय कॉलोनी हरर्बटपुर विकासनगर बताया और उसकी जामा तलाशी ली गई तो उसकी पहनी पैंट की दाहिने जेब से एक सफेद थ्ौली कपडे की निकली, उस थ्ौली को खोल कर देखा तो उसके अन्दर एक कालीभूरी रंग की 01 कस्तूरी व 02 काले व भूरे रंग के पैर हिरण के बरामद हुये, इसके अतिरिक्त पहने पैंट की जेब से 100 रूपये नगद एंव एक भारतीय थलसेना कैंटीन कार्ड दो मोबाईल फोन बरामद हुआ है। उक्त बरामद कस्तूरी व हिरण के पैरों के सम्बन्ध में पकड़े व्यक्ति से पूछा तो बता रहा है कि यह कस्तूरी व पैर वह पहाड से विक्की उर्फ विवेक नाम के व्यक्ति से बेचने के लिए लाया था, जिसका मूल पता वह नहीं जानता है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।




