May 30, 2026बदरीनाथ हाईवे पर जाम की वीडियो सोशल मीडिया पर हो रही है वायरल हाईवे पर जोशीमठ के पास घंटों रेंगते दिख रहे वीडिया में वाहन सरकार का दावा-रिकार्ड भीड़ के बाद भी व्यवस्था संभाल रहे अफसर जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट क्षेत्र में है यात्रियों का ज्यादा दबाव देहरादून। उत्तराखंड के जोशीमठ के पास बद्रीनाथ यात्रा मार्ग से आ रही तस्वीरें और वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें और घंटों से जाम में फंसे श्र(ालु नजर आ रहे हैं। चारधाम यात्रा में उमड़ रही रिकार्ड भीड़ अब बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर भारी दबाव के रूप में दिखाई देने लगी है।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि जोशीमठ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर विगत दिवस लंबा ट्रैफिक जाम लगने से हजारों श्र(ालु घंटों तक रास्ते में फंसे रहे। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि कुछ जगह यात्रियों को सड़क किनारे उतरकर इंतजार करना पड़ा। वायरल हो रहे एक वीडियो में बदरीनाथ हाईवे पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं।वीडियो में बताया जा रहा है कि जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट क्षेत्र में अत्यधिक दबाव के चलते बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है। पहाड़ी मार्ग संकरा होने और कई स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य चलने से भी समस्या बढ़ रही है। उधर, राज्य सरकार ने कहा है कि इस बार चारधाम यात्रा में रिकार्ड संख्या में श्र(ालु पहुंच रहे हैं, जिसके कारण कुछ स्थानों पर दबाव बढ़ा है।सरकार के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों को लगातार मानिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से श्र(ालुओं से अपील की गई है कि वह यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार चारधाम यात्रा को लेकर केवल प्रचार में व्यस्त रही, जबकि जमीन पर व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि पहले से भीड़ का अनुमान था तो पार्किंग, ट्रैफिक नियंत्रण और वैकल्पिक व्यवस्थाओं को मजबूत क्यों नहीं किया गया। कांग्रेस ने यात्रियों की परेशानी को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। वही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकार्ड संख्या में श्र(ालु पहुंच रहे हैं, जो बाबा बदरीविशाल के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है। पार्टी नेताओं के अनुसार सरकार और प्रशासन लगातार स्थिति की मानिटरिंग कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक टीमें तैनात की गई हैं तथा यात्रियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। भाजपा का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अत्यधिक भीड़ के दौरान कुछ समय के लिए दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरलसोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग 5 से 8 घंटे तक एक ही जगह पर फंसे होने का दावा कर रहे हैं। कई वीडियो में लोग प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दिख रहे हैं कि क्षमता से अधिक वाहनों को आगे क्यों जाने दिया जा रहा है। बता दें कि जोशीमठ के पास आल वेदर रोड के निर्माण कार्य और पिछले दिनों हुए कुछ भूस्खलन के चलते भी सड़कें संकरी हुई हैं, जिससे श्बॉटलनेकश् जैसी स्थिति बन गई है।
May 30, 2026टिहरी। दो दिन पूर्व गंगा में डूबे एक व्यक्ति का शव एसडीआरएफ द्वारा आज बरामद कर लिया गया है। वहीं महिला की तलाश अब भी जारी है।जानकारी के अनुसार बीती 28 मई को थाना लक्ष्मण झूला क्षेत्रान्तर्गत सिंगटाली पुल के समीप गंगा नदी में डूबे दो व्यक्तियों की तलाश हेतु एसडीआरएफ द्वारा लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत एसडीआरएफ की टीम द्वारा स्कूबा डाइविंग, राफ्ट एवं अन्य आधुनिक खोज एवं बचाव उपकरणों की सहायता से गंगा नदी के विभिन्न संभावित क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।आज सर्चिंग अभियान के दौरान एसडीआरएफ टीम को सफलता प्राप्त हुई। अभियान के दौरान नरेश उपाध्याय (उम्र लगभग 42 वर्ष), निवासी पोस्ट ऑफिस जागेठी गांव, थाना कंकरखेड़ा, जनपद मेरठ (उत्तर प्रदेश) का शव शिवपुरी क्षेत्र के समीप गंगा नदी से बरामद किया गया। एसडीआरएफ टीम द्वारा शव को नदी से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया। परिजनों द्वारा शव की शिनाख्त भी कर ली गई है।वहीं, घटना में डूबी दूसरी महिला ऋतु पत्नी वांशिक माहेश्वरी (उम्र लगभग 30 वर्ष), निवासी मेरठ की तलाश अभी भी जारी है। एसडीआरएफ टीम द्वारा गंगा नदी के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान में स्कूबा डाइवर्स, राफ्ट टीम एवं अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर संभावित स्थानों पर गहन खोजबीन की जा रही है। एसडीआरएफ द्वारा परिजनों एवं स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को निरंतर जारी रखा गया है तथा शेष लापता महिला की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
May 30, 2026उत्तराखंड में जीत की हैट्रिक लगाकर इतिहास रचने की रणनीति बनाने में जुटी भाजपा ने बहुत पहले से तैयारियंा शुरू कर दी है। गृहमंत्री अमित शाह के हरिद्वार दौरै से शुरू हुई यह कवायद लगातार जारी है। गृहमंत्री के दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा और दून दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करना तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरा किया जाना भाजपा की चुनावी तैयारियों का हिस्सा ही माना जा रहा है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस बात को साफ कर चुका है कि इस बार भाजपा चुनाव से पूर्व सीएम बदलने जैसा कोई प्रयोग नहीं करेगी। भाजपा के प्रांतीय नेताओं के बीच जारी गुटबाजी और सीएम धामी के खिलाफ षड्यंत्र करने वाले पार्टी के नेताओं को हाईकमान ने यह कहकर चुप करा दिया है कि आगामी चुनाव पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। प्रदेश के जो भी नेता इस मुहिम में जुटे थे अब वह खामोशी से बैठ चुके हैं। भले ही उनके मन में कुछ भी चल रहा हो लेकिन ऊपरी तौर पर वह कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। भाजपा के मंत्रियों और विधायकों के बीच टिकटों को लेकर भी इस तरह की खबरें आने से की कई मंत्री और विधायकों के टिकट कट सकते हैं तथा इनकी संख्या 2 से 3 दर्जन तक भी हो सकती है इसका डर भी भाजपा के इन नेताओं के मन में थोड़ा बहुत तो है ही। भले ही भाजपा के बारे में यह कहा जाता रहा हो कि वह हर वक्त चुनावी मोड में रहने वाली पार्टी है लेकिन राज्य में जिस तरह से भाजपा के नेताओं की सरगर्मी और केंद्रीय नेताओं के ताबड़तोड़ दौरे जारी है उनसे यह कयास भी लगाये जा रहे हैं कि इस बार राज्य में समय पूर्व भी चुनाव संभव है भले ही इसके पीछे राज्य में 14 जनवरी से शुरू होने वाले अर्ध कुंभ मेले के आयोजन को माना जाना रहा हो लेकिन इसके साथ—साथ इसे भी भाजपा की चुनावी रणनीति का एक हिस्सा ही माना जा रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार का कार्यकाल 23 मार्च को पूरा होगा। तथा इस हिसाब से राज्य में 15 जनवरी से 15 मार्च 2027 तक चुनाव संपन्न होने चाहिए थे लेकिन चार धाम यात्रा के समापन से पूर्व ही अर्धकुम का श्री गणेश होने के कारण इसका असर चुनावी व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। इसलिए यह संभव है कि राज्य में नवंबर से पूर्व ही चुनाव निपटा लिए जाए। चुनाव अगर अक्टूबर नवंबर में होते हैं तो इसका फायदा भी भाजपा को ही हो सकता है क्योंकि विपक्षी दलों की तैयारियों पर इसका असर पड़ेगा। हालांकि कांग्रेस सहित सभी दल भाजपा की इस मंशा को भांप चुके हैं और वह भी अपनी तैयारियां शुरू कर चुके हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी चार—पांच जून को उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है जिसमें वह दो जनसभाएं करने जा रहे हैं। इस मामले की एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन राज्यों में 2027 में चुनाव प्रस्तावित है उनमें एसआईआर की जो प्रक्रिया जारी है उसे भी जल्द पूरा किया जा रहा है उत्तराखंड में एसआईआर की प्रक्रिया को 15 सितंबर तक कंप्लीट कर लिया जाएगा। इससे भी इस बात की संभावनाओं को बल मिलता है कि राज्य में विधानसभा के जो चुनाव 2027 में प्रस्तावित है वह अक्टूबर नवंबर 2026 में ही संपन्न कराये जा सकते हैं। जहां तक भाजपा के चुनावी जीत की हैट्रिक लगाने की बात है बदली परिस्थितियो में यह आसान नहीं दिखता है लेकिन भाजपा अपनी ओर से कोई कमी छोड़ना नहीं चाहती है।
May 30, 2026प्रजेंटेशन में ही नही बल्कि धरातल पर दिखें सकरात्मक परिणाम देहरादून। यहां जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला गंगा संरक्षण समिति के साथ ही अर्धकुंभ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों के सम्बन्ध बैठक लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जनपद अन्तर्गत संचालित गंगा संरक्षण, सीवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि केवल प्रस्तुतिकरण (प्रेजेंटेशन) नहीं, बल्कि धरातल पर कार्यों के प्रभावी परिणाम दिखाई देने चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान एवं परियोजना प्रबंधन निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों, यह सुनिश्चित किया जाए। टपकेश्वर मंदिर, गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण कार्य हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के साथ पृथक बैठक आयोजित कर भूमि चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पम्पिंग स्टेशन (एसपीएस) एवं सीवर लाइन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जीआईजेड एवं नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संयुक्त रूप से आवास विकास वार्ड में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए उसे मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगरीय क्षेत्रों में डेयरी वेस्ट प्रबंधन की जानकारी मांगे जाने पर नगर निगम देहरादून के संबंधित अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग कार्यों में हो रही देरी पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नाला टैपिंग के सभी कार्य निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किए जाएं। साथ ही आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर नालों की नियमित एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए। मसूरी क्षेत्र में 0.70 एमएलडी क्षमता के कैमल बैक एसटीपी की समीक्षा के दौरान वर्ष 2022 में बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पेयजल निगम, मसूरी के संबंधित अधिकारी को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। इसी प्रकार अर्केडिया जोन में प्रस्तावित 0.70 एमएलडी एसटीपी परियोजना में वर्ष 2022 से स्वीकृति प्राप्त होने के बावजूद भूमि चिन्हीकरण एवं म्यूटेशन की कार्यवाही लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया तथा संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को मामले की जांच कर सात दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, समिति सदस्य पंकज गुप्ता, पर्यावरणविद् विनोद जुगलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
May 29, 2026हरिद्वार। होटल मेे आज दोपहर प्रेमी युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दोनो शवों को कब्जे में लेकर पड़ताल शुरू कर दी है।मामला डबल फाटक स्थित एक होटल का है। जानकारी के अनुसार आज दोपहर एक युवक और युवती के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।बताया जा रहा है कि नाथुखेड़ी निवासी सागर और लंढौरा क्षेत्र की एक युवती ने बीती शाम होटल में कमरा बुक कराया था। आज दोपहर 12 बजे चेकआउट का समय होने पर भी जब कमरा नहीं खुला, तो होटल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। ट्ट112’ की मौजूदगी में जब दूसरी चाबी से दरवाजा खोला गया, तो दोनों अंदर अचेत पड़े थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामला प्रेम प्रसंग का है। माना जा रहा है कि पारिवारिक या सामाजिक बंदिशों के चलते दोनों ने कीटनाशक खाकर यह आत्मघाती कदम उठाया। सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआई धर्मेंद्र राठी ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है, मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
May 29, 2026देहरादून/शिलांग। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने आज शिलांग स्थित असम रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित असम रेजिमेंट के 7वें बैच के अग्निवीरों की भव्य पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए नवप्रशिक्षित अग्निवीरों को संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने अग्निवीरों को राष्ट्रसेवा, अनुशासन, समर्पण और सैन्य मूल्यों के प्रति प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल सैन्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन केवल एक औपचारिक सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा के एक नए अध्याय का शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि असम रेजिमेंट के 7वें बैच के अग्निवीरों ने अपने प्रशिक्षण, अनुशासन और संकल्प से यह सिद्ध किया है कि भारत की सीमाएं सुरक्षित हाथों में हैं। उन्होंने अग्निवीरों को संबोधित करते हुए कहा कि अब उनकी कोई क्षेत्रीय अथवा व्यक्तिगत पहचान नहीं, बल्कि उनकी एकमात्र पहचान “भारतीय सैनिक” है, एक ही धर्म “राष्ट्रधर्म” और एक ही जाति “भारतीय” है।राज्यपाल ने असम रेजिमेंट से अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इस गौरवशाली रेजिमेंट के सैनिक रहे हैं और आज यहां उपस्थित होकर उन्हें अपनी मातृ—रेजिमेंट में ट्टघर वापसी’ जैसा अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि असम रेजिमेंट ने केवल उन्हें सैनिक के रूप में प्रशिक्षित नहीं किया, बल्कि कठोर अनुशासन, उत्कृष्ट परंपराओं और राष्ट्रसेवा के संस्कारों से उनके व्यक्तित्व का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि असम रेजिमेंट का इतिहास अद्वितीय वीरता, बलिदान और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक रहा है। जब भी राष्ट्र पर संकट आया, इस रेजिमेंट के वीर सैनिकों ने अदम्य साहस और पराक्रम से दुश्मनों के मंसूबों को ध्वस्त किया। राज्यपाल ने अग्निवीरों का आह्वान किया कि वे इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखें। राज्यपाल ने इस अवसर पर उपस्थित अग्निवीरों के माता—पिता एवं अभिभावकों को भी नमन करते हुए कहा कि वे धन्य हैं जिन्होंने अपने पुत्रों को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवार राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं।