Home ताजा ख़बर मालेगांव बम ब्लास्ट केस में प्रज्ञा ठाकुर समेत 7 आरोपी हुए बरी

मालेगांव बम ब्लास्ट केस में प्रज्ञा ठाकुर समेत 7 आरोपी हुए बरी

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मुंबई। मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में 17 साल के लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए ) की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया। 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम धमाके के केस में एनआईए की विशेष अदालत ने आज सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। मालेगांव धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी। ये मामला करीब 17 साल तक चलता रहा। ट्रायल के दौरान 34 गवाह बयान से पलट गए थे। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से सुनवाई और अंतिम दलीलें पूरी करने के बाद 19 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब कोर्ट ने सबूतों के अभाव में इन आरोपियों को बरी कर दिया। बरी होने वालों में बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और सेना के अधिकारी रहे लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित शामिल हैं। अदालत ने कहा कि जिस मोटरसाइकिल में धमाका हुआ, उसका मालिकाना हक प्रज्ञा ठाकुर से जोड़ने का कोई पक्का सबूत नहीं था। इसके अलावा, कर्नल पुरोहित समेत बाकी आरोपियों पर लगाए गए आतंकवाद विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करने में भी कानूनी प्रक्रिया की गलतियाँ पाई गईं।
कोर्ट के फैसले पर पीड़ित पक्ष ने नाराजगी जताई है। पीड़ित पक्ष डॉक्टर अंसारी ने कहा, “कोर्ट का फैसला हम मानते हैं, लेकिन हम आगे जाकर मामले में अपील जरूर करेंगे। उस धमाके में कई लोगों की जान गई थी, कई घायल हुए थे। जिस समय ब्लास्ट हुआ था, जो जख्मी थे उनकी हमने मदद की थी। इंसाफ की लड़ाई अभी बाकी है।’ बरी होने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘मुझे 13 दिन तक टॉर्चर किया गया। 17 साल तक आतंकवादी बनाकर अपमानित किया गया। मेरा जीवन बर्बाद कर दिया गया।’ उनका बयान इस ओर इशारा करता है कि उन्होंने इस पूरे केस को राजनीति से प्रेरित माना है।

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