February 12, 2026पिथौरागढ़ में हुआ सैन्य रीति-रिवाज से स्वागत जवानो की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना पिथौरागढ़। संजय सिंघल, (भा.पु.से.) महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पिथौरागढ़ का दो दिवसीय औपचारिक भ्रमण किया गया। उनके आगमन पर वाहिनी मुख्यालय में आज गुरुवार को गरिमामय एवं पारंपरिक सैन्य रीति-रिवाजों के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया। तत्पश्चात उन्हें सुसज्जित परेड दल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया, इस अवसर पर वाहिनी के आशीष कुमार, कमांडेंट 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पिथौरागढ़ द्वारा वाहिनी की गतिविधियों, उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं से अवगत कराया गया।भ्रमण के दौरान महानिदेशक ने सीमाचौकी जौलजीबी का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, गश्ती प्रणाली, संचार तंत्र तथा उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की। उन्होंने वहां तैनात अधिकारियों एवं जवानों से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनके अनुभव, चुनौतियों एवं सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। विषम भौगोलिक परिस्थितियों, प्रतिकूल मौसम एवं सीमित संसाधनों के बावजूद पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं साहस के साथ कर्तव्य निर्वहन कर रहे जवानों की उन्होंने भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा उनके मनोबल को सुदृढ़ करने हेतु प्रेरणादायी संदेश दिया।इसके उपरांत महानिदेशक ने वाहिनी मुख्यालय परिसर में प्रचलित विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना विकास कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने आवासीय भवनों, प्रशासनिक कार्यालयों, प्रशिक्षण स्थलों एवं अन्य सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता मानकों के पालन पर विशेष बल दिया। संबंधित अधिकारियों को उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि जवानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सैनिक सम्मेलन में महानिदेशक ने सभी अधिकारियों एवं जवानों को संबोधित किया। उन्होंने जवानों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु सकारात्मक आश्वासन प्रदान किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात जवान राष्ट्र की सुरक्षा के प्रथम प्रहरी हैं, जिनकी प्रतिबद्धता, अनुशासन एवं त्याग देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा सुनिश्चित करते हैं। परिवारों से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में सेवा देना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने सभी कार्मिकों से उच्च स्तर का अनुशासन, समर्पण, पेशेवर दक्षता एवं मानवीय संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया।इस अवसर पर सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करते हुए जिला चिकित्सालय, पिथौरागढ़ के सहयोग से वाहिनी परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जवानों ने अत्यंत उत्साह एवं स्वेच्छा से इसमें भाग लिया। इस प्रेरणादायी पहल को सशक्त समर्थन प्रदान करते हुए महानिदेशक तथा मनोज कुमार सिंह, कमांडेंट, बल मुख्यालय नई दिल्ली ने स्वयं भी रक्तदान किया। कुल 19 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिसे स्थानीय चिकित्सालय को प्रदान किया गया। महानिदेशक ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए इसे मानवता की सेवा एवं सामाजिक दायित्व निर्वहन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।पर्यावरण संरक्षण एवं हरित पहल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। महानिदेशक महोदय सहित उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है और सुरक्षा बलों को इस दिशा में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।भ्रमण के दौरान महानिदेशक ने जवानों के साथ पारंपरिक ‘बड़ा खाना’ ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने अनौपचारिक वातावरण में जवानों से संवाद स्थापित कर उनके अनुभव साझा किए। इस सहभागिता से अधिकारियों एवं जवानों के मध्य आपसी सौहार्द, विश्वास एवं एकजुटता की भावना को और अधिक सुदृढ़ता प्राप्त हुई।दो दिवसीय यह भ्रमण कार्यक्रम उत्साहवर्धक, प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक सिद्ध हुआ। महानिदेशक महोदय के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल के समस्त अधिकारियों एवं जवानों में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु नवीन ऊर्जा का संचार हुआ।