Home News Posts उत्तराखंड भटके हुए दिव्यांग युवक को परिजनों से मिलाया

भटके हुए दिव्यांग युवक को परिजनों से मिलाया

0
285


झूठी अफवाह फैलाने वालों पर की कड़ी कार्यवाही


बागेश्वर। लापता चल रहे मूक बधिर युवक को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे उसके परिजनों से मिलवा दिया। वहीं मूक बधिर युवक के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने के मामले में पुलिस ने चालानी कार्यवाही की है।
जानकारी के अनुसार बीते रोज कुछ स्थानीय लोग एक मूक—बधिर युवक (उम्र लगभग 30 वर्ष) को लेकर थाना कपकोट पहुँचे और उसे संदिग्ध/बांग्लादेशी होने का दावा करने लगे। युवक बोल पाने में असमर्थ था, जिससे उसकी पहचान करना कठिन था। थानाध्यक्ष कपकोट प्रताप सिंह नगरकोटी ने युवक की वेशभूषा और व्यवहार से उसे स्थानीय निवासी होने की संभावना जताते हुए तत्काल आसपास के गांवों में फोटो के माध्यम से तस्दीक शुरू करवाई। प्रभावी प्रयासों के बाद युवक की पहचान देवेंद्र उर्फ बबलू पुत्र हरीश राम, निवासी ग्राम गडुवा सिरमौर, थाना कांडा के रूप में हुई। सूचना मिलते ही थाने पहुँचे पिता हरीश राम ने बताया कि उनका पुत्र मूक—बधिर है और घर से रास्ता भटककर कहीं चला गया था, जिसे परिवार काफी समय से ढूंढ रहा था। पुलिस ने युवक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया। जिस पर परिजनों ने बागेश्वर पुलिस का आभार प्रकट किया।
युवक को थाने लाने वाले तीन नवयुवक बिना किसी तथ्य के उसे ट्टबांग्लादेशी’ बताकर क्षेत्र में झूठी अफवाह फैला रहे थे। उनके द्वारा आम जनता को भ्रमित करने और क्षेत्र में अशांति व तनाव का माहौल पैदा करने की कोशिश की गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों युवकों भाष्कर कपकोटी पुत्र खीम सिहं कपकोटी निवासी थाना कपकोट, गोलू उर्फ गौरव पुत्र दरवान सिंह कपकोटी निवासी कपकोट, थाना कपकोट और जितेन्द्र तिरुवा उर्फ जीतू पुत्र ललित प्रसाद निवासी थाना कपकोट के विरुद्ध चालानी कार्यवाही की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here