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हंगामेदार रहेगा विधानसभा का सत्र : सरकार ने की विपक्ष से सकारात्मक सहयोग की अपील

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  • गैरसैंण सत्र की तैयारियां पूर्ण
  • 499 सवाल मिलेः ऋतु खंडूरी

गैरसैंण/देहरादून। लंबे समय बाद आयोजित किए जाने वाले विधानसभा सत्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी द्वारा आज इस आशय की जानकारी देते हुए कहा गया है कि 21 अगस्त से 23 अगस्त तक गैरसैंण मेंं आयोजित होने वाले सत्र का संचालन सफलता पूर्वक किया जा सके तथा वहां सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहे इसके लिए अधिकारियों की टीम को वहां भेजा जा चुका है।
दरअसल भिराड़ीसैंण में विगत ग्रीष्मकाल में कोई सत्र नहीं कराया गया था जिसे लेकर विपक्ष कांग्रेस द्वारा सरकार पर कई तरह के सवाल उठाए गए थे। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि भाजपा ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित जरूर कर दिया है लेकिन जब सरकार यहां ग्रीष्मकाल में सत्र का आयोजन करने का साहस नहीं जुटा पा रही है तब काहे की ग्रीष्मकालीन राजधानी। वर्तमान मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस के नेता आरोप लगा रहे हैं कि सरकार मजबूरी में गैरसैंण में सत्र करा रही है क्योंकि देहरादून विधानसभा में मरम्मत कार्य चल रहा है। कांग्रेस नेताओं की तो इसे लेकर भी नाराजगी है कि सत्र की अवधि सिर्फ तीन दिन ही रखी गई है जो अत्यंत कम है।
खैर सरकार गैरसैंण में सत्र की तैयारियां पूर्ण होने की बात कर रही है और सत्र को यादगार बनाना चाहती है ऋतु खंडूरी का कहना है कि यहां अधिकारी सभी तैयारियां कर चुके हैं सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं जिससे किसी को भी कोई दिक्कत न हो वहीं उन्होंने यह भी जानकारी दी है कि सत्र के लिए 499 सवाल मिले हैं। उधर संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने भी विपक्ष से सकारात्मक सहयोग की अपील की है लेकिन दूसरी तरफ विपक्ष कांग्रेस ने भी सत्र के दौरान कई मुद्दों को लेकर सदन से सड़क तक सरकार की दमदार घेराबंदी का मन बना लिया है। राज्य की कानून व्यवस्था और आपदा प्रबंधन के साथ—साथ राज्य में सड़क, बिजली, पानी जैसी व्यवस्थाओं तथा आपदा प्रभावितों के विस्थापन की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस सरकार से दो—दो हाथ करने की तैयारी में है। इसलिए गैरसैण में विधानसभा सत्र के हंगामेदार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। विपक्ष पहले ही कह रहा है कि सरकार सवालों से भागना चाहती है इसीलिए सत्र की अवधि तीन दिन ही रखी गई है।

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