देहरादून। फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों से लाखों रूपये की ठगी करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पांच फर्जी आई कार्ड, विजिटिंग कार्ड, आर्मी—पैरामिलिट्री की वर्दी व एक वायरलेस सेट बरामद किया। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आज यहां पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि यशोवर्धन नाम के व्यक्ति द्वारा अपने आपको वरिष्ठ अधिकारी बताकर उन्हें होटल जिंजर निकट साई मन्दिर में मिलने के लिए बुलाया तथा उनकी दिवंगत माता की स्मृति में उनके नाम पर एक कम्पनी का पंजीकरण जल्द करने के एवज में उससे 15 लाख रूपये धोखाधडी से ले लिये हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। वहीं 15 जुलाई को डॉ. अनुषा निवासी सोशल स्टेज हॉस्टल कैनाल रोड ने राजपुर थाने में तहरीर दी कि यशोवर्धन नाम के व्यक्ति द्वारा खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए उन्हें फर्जी विजिटिंग कार्ड व आईडी दिखायी गयी तथा प्रभाव में लेकर रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसलटेंट के पद पर नौकरी दिलाने के एवंज में धोखाधडी कर 4 लाख 60 हजार रूपये हडप लिये। आरोपी द्वारा स्वयं को फर्जी अधिकारी बताकर लोगों के साथ की जा रही धोखाधडी की घटना की गम्भीरता के दृष्टिगत एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी हेतु निर्देश दिये गये तथा राजपुर थाना पुलिस की एक टीम गठित की गयी। गठित टीम के द्वारा मुकदमों में त्वरित साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए दोनों घटनास्थालों का निरीक्षण कर आज पुलिस टीम ने घटना में शामिल यशोवर्धन को सीएसआई तिराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी है तथा बचपन से उसका सपना अधिकारी बनने का था। बचपन से पिता के साथ रहने के दौरान उसने वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाली पावर व सुविधा देखी थी। उसके मन में बचपन से ही वरिष्ठ अधिकारी बनने का सपना था। उसने कई सालों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की किन्तु उक्त परीक्षा में वह सफल नहीं हो पाया। असफलता हाथ लगने पर उसने खुद को फर्जी आईपीएस व अन्य एजेंनसियों का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों पर अपना रौब झाडने लगा। उसके बात करने के तरीके तथा उसकी यूनिफॉर्म व फर्जी आईडी देखकर लोग उसपर आसानी से भरोसा कर लेते थी इसी का फायदा उठाकर वह सालों से कई लोगों के साथ धोखाधडी कर चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।




