- लंबे समय से खाली मंत्री पदों को प्रदेश सरकार ने भरा चुनावी साल में
- धामी मंत्रिमंडल में किए पांच नए मंत्री शामिल
- भाजपा के विधायकों की मनोकामना हुई पूर्ण
- राज्यपाल ने दिलाई नए मंत्रियों को शपथ

देहरादून। प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा ने विधायकों की मनोकामना पूर्ण कर दी है। सूबे में मंत्रियों के पद लंबे समय से रित्तQ थे और भाजपा सरकार ने चुनावी साल में इन्हें भरा। राजनीति के विशेषज्ञों की माने तो चुनावी साल में भाजपा सरकार का यह प्रदेश के लिए `चुनावी झुनझुना’ है।
बता दें कि लंबे समय से प्रदेश में विकास की गति अवरूद्ध थी और मंत्री पद खाली थे, लेकिन सरकार ने इन्हें नहीं दिया। अब सरकार का मात्र एक साल बचा है और भाजपा सरकार ने पांच नए मंत्री बनाकर सूबे की जनता के साथ मजाक किया है। क्योेंकि इस एक साल में तीन महिने पहले आचार संहिता लग जायेगी और तीन महिने कार्यकाल को समझने में लग जायेगा। इन पांच मंत्री पदों को भरने से प्रदेश को किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं होगा। बल्कि यह एक झुनझुना है। जो सरकार ने प्रदेश की जनता को दिया है। क्योंकि जब तक नए मंत्री विभागों के काम—काज को समझेंगे तब तक चुनाव का समय हो जाएगा। राजनीति के विशेषज्ञों की माने तो इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार का यह चुनावी एजेंडा है।
सरकार और संगठन में सब कुछ ठीक—ठाक नहीं है इसकी चर्चा प्रदेश में लंबे समय से होती आ रही है। कई बार इसके परिणाम सड़क से लेकर सदन तक दिखे हैं जब सरकार के मंत्री और कार्यकर्ता आपस में उलझे और अपनी बयानबाजी को लेकर चर्चा में रहे है। इससे सगठन के साथ ही सरकार की छवि को काफी हानि हो रही है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है, लेकिन ऐन चुनाव से पहले विधायकों को सरकार में शामिल कर मंत्री बनाने से स्पष्ट हो गया है।
बता दें कि उत्तराखंड राज्य में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले धामी मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और महिला—युवा संतुलन साधने की कोशिश की है। साल 2022 में सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रिमंडल के कईई पद खाली चल रहे थे, जिसके बाद से ही समय—समय पर मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट उठती रही है। ऐसे में वर्तमान सरकार के कार्यकाल को चार साल पूरा होने से ठीक तीन दिन पहले मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया गया है।
साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। ऐसे में सरकार के गठन के साथ ही तीन मंत्रिमंडल के पद खाली चल रहे थे, लेकिन कुछ समय बाद ही यानी 26 अप्रैल 2023 को परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निधन के बाद एक और मंत्रिमंडल का पद खाली हो गया। इसके साथ ही 16 मार्च 2025 में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की ओर से दिए गए विवादित बयान के बाद उन्हें भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। ऐसे में धामी मंत्रिमंडल में पांच मंत्री के पद खाली चल रहे थे।
अब मंत्रियों की संख्या हुई 12 : लोक भवन में नव नियुत्त कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। ऐसे में अब धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
इन विधायकों को मिली जगहः
रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट से विधायक भरत चौधरी। रुड़की विधानसभा सीट से विधायक प्रदीप बत्रा । हरिद्वार विधानसभा सीट से विधायक मदन कौशिक। राजपुर विधानसभा सीट से विधायक खजान दास । भीमताल विधानसभा सीट से विधायक राम सिंह कैड़ा।
दायित्व भी जल्द बंटेंगेः सरकार ने निगमों, बोर्ड व आयोगों में पार्टी पदाधिकारियों को दायित्वधारी बनाया है। अभी दायित्वधारियों के कई पद खाली हैं। सूत्रों के अनुसार अब जल्द ही दो दर्जन और पदों पर दायित्वधारी बनाए जाएंगे।
विधानसभा चुनाव अगले वर्षः अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश में राजनीतिक स्थायित्व के संदेश के इस क्रम में पार्टी अपने विधायकों एवं कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ाने की तैयारी कर रही है। मंत्रिमंडल के विस्तार और दायित्व वितरण के माध्यम से पार्टी का मनोबल बढ़ाने के साथ ही संदेश भी दिया जाना है।
नव-नियुक्त मंत्रियों के नाम एवं विभाग
मदन कौशिक: वित्त, शहरी विकास, आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य (प्रेमचंद अग्रवाल वाले विभाग)।
खजान दास: समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और निर्वाचन।
भरत सिंह चौधरी: परिवहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), और खादी एवं ग्रामोद्योग।
प्रदीप बत्रा: पेयजल, जनगणना, और पुनर्गठन विभाग।
राम सिंह कैड़ा : आयुष एवं आयुष शिक्षा, ऊर्जा, और वैकल्पिक ऊर्जा।




