मोदी लहर के आगे सब बेबस

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उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में फिर प्रचंड बहुमत
मणिपुर और गोवा की सत्ता पर भी भाजपा का कब्जा
आप के झाड़ू ने पंजाब में सबका किया सूपड़ा साफ

देहरादून। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू अभी भी बरकरार है। आज आए चुनावी नतीजों में जहां भाजपा ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज की है वही मणिपुर और गोवा में भी भाजपा अपनी सरकार बनाने में कामयाब रही है। वही आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर दिल्ली की तर्ज पर पंजाब में चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड बहुमत के साथ जीत दर्ज करने में सफलता हासिल की है।
जिन पांच राज्यों में चुनाव हुए थे उनमें उत्तर प्रदेश का चुनाव सबसे अहम माना जा रहा था। यूपी की 403 सीटों वाली विधानसभा में भले ही भाजपा 2017 के मुकाबले कम सीटें जीत सकी हो लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 202 से 50 से भी अधिक सीटें जीत कर सत्ता पर बरकरार रही है। समाजवादी पार्टी जिसने इस चुनाव में छोटे और क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन कर सत्ता में आने का ताना—बाना बुना था वह 150 का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। यही नहीं बसपा और कांग्रेस सहित अन्य तमाम दलों का तो इस बार सूपड़ा ही साफ हो गया है। जिसकी उन्हें सपने में भी उम्मीद नहीं रही होगी।

उत्तराखंड में भले ही भाजपा 2017 के प्रदर्शन को न दोहरा सकी हो और 60 पार का नारा गलत साबित हुआ हो लेकिन एक बार फिर 50 के आसपास पहुंचकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में बरकरार रहने में सफल रही है। कांग्रेस जो भाजपा सरकार की विफलताओं और मुख्यमंत्रियों के चेहरे बदले जाने को लेकर परिवर्तन की आस लगाए बैठी थी उसके हाथ एक बार फिर घोर निराशा ही लगी है। भले ही उसने अपने 2017 के प्रदर्शन में थोड़ा सा सुधार किया हो और पहले से ज्यादा आधा दर्जन सीटें उसके खाते में आ गई हो लेकिन पूर्व सीएम हरीश रावत की अगुवाई में लड़े इस चुनाव में फिर एक बार जोर का झटका धीरे से लगा है। 2017 में दो—दो सीटों पर चुनाव हारने वाले हरीश रावत को एक बार फिर करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के साथ जीत के सुखद एहसास के साथ अपनी आखरी राजनीतिक पारी समाप्त करने की इच्छा रखने वाले हरीश रावत का यह सपना अब टूट कर चूर—चूर हो चुका है।

जहां तक बात 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों वाले मणिपुर का सवाल है यहां भी भाजपा 30 सीटों के साथ सत्ता में पहुंचती दिख रही है जबकि अभी उम्मीद है कि उसको यहां भी पूर्ण बहुमत मिल जाए ठीक वैसी ही स्थिति 40 सीटों वाली गोवा विधानसभा की भी है जहां वह 19 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। इन दोनों राज्यों में उसे बहुमत मिलता है या नहीं यह मतगणना पूरी होने पर ही पता चलेगा लेकिन सबसे आगे होने के कारण उसकी सरकार बनना तय है। इस बार आम आदमी पार्टी की पंजाब में ऐसी झाड़ू चली कि उसने 117 सदस्यीय विधानसभा में 90 सीटें जीतकर विरोधियों का सूपड़ा साफ करते हुए एक नया इतिहास ही रच डाला। यहां अकाली दल के बादल और पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह तथा सीएम चन्नी व नवजोत सिद्धू जैसे महारथी धराशाई हो गए।

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