हल्द्वानी हिंसा की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

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  • कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को जांच का जिम्मा
  • 15 दिन में जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने को कहा
  • सरकार दंगाइयों पर सख्त एक्शन की तैयारी में

देहरादून/हल्द्वानी। हल्द्वानी की हिंसा को लेकर अब शासन—प्रशासन सख्त एक्शन के मोड में आ गया है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को जांच का जिम्मा सौंपा गया है तथा 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट शासन को देने की निर्देश दिए गए हैं। उधर हल्द्वानी जिला प्रशासन द्वारा दंगाइयों को चिन्हित करने और उनकी धर पकड़ का काम भी तेजी से शुरू कर दिया गया है।
हल्द्वानी दौरे से वापस लौटी मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा। वही एसएसपी प्रहलाद मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब तक हल्द्वानी हिंसा को लेकर तीन एफआईआर दर्ज की गई है जिसमें 19 लोगों को नामजद किया गया है तथा 50 के आस पास लोगों को हिरासत में ले लिया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा है इस मामले में 5000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसमें पांच लोगों की मौत हुई है तथा घायलों में से तीन की हालत गंभीर है। 100 से अधिक पुलिस कर्मियों को चोटे आई है जो प्राथमिक उपचार के बाद ड्यूटी पर लौट आए हैं। उन्होंने बताया है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दंगाइयों की पहचान का काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी है कि इस घटना में 6 करोड़ के आस पास संपत्तियों को नुकसान हुआ है। जिनमें से 5 करोड़ के आस पास सरकारी संपत्ति है और एक करोड़ के आस पास निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। उधर आज जिलाधिकारी वंदना सिंह ने भी हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया उनका कहना है कि फिलहाल क्षेत्र में शांति है प्रभावित क्षेत्र में चार कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों को जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई दंगाइयों से की जाएगी। हिंसा के किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन अब पूरी तरह से सख्त एक्शन के मोड में है।

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