उमेश पाल अपहरण में कोर्ट का बड़ा फैसला –
माफिया अतीक सहित तीन को उम्रकैद

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40 साल सौ से अधिक केस, लेकिन सजा पहली बार
ढह गया माफिया अतीक अहमद के आतंक का किला
उमेश पाल हत्याकांड का हिसाब अभी भी बाकी
अधिवक्ताओं का कोर्ट में प्रदर्शन, फांसी की मांग
अशरफ सहित सात अन्य आरोपी किए गए बरी

प्रयागराज। पूर्वांचल के माफिया डॉन अतीक अहमद, जिसका कहना था कि देश में कोई ऐसी जेल नहीं बनी जिसमें उसे बंद किया जा सके और ऐसी कोई कोर्ट नहीं बनी जो मुझे सजा सुना सके, का गुरुर आज उस वक्त चकनाचूर हो गया जब उमेश पाल किडनैपिंग मामले में उसे दो अन्य साथियों सहित उम्र कैद की सजा सुनाई गई तथा तीन—तीन हजार का अर्थदंड व पीड़ित परिजनों को एक लाख का मुआवजा देने की सजा सुनाई गई। जबकि इस मामले में अतीक के भाई अशरफ सहित सात अन्य लोगों को बरी कर दिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि उमेश पाल हत्याकांड में अभी न्याय मिलना बाकी है।
उल्लेखनीय है कि राजू पाल हत्याकांड में गवाह रहे उमेश पाल का 17 साल पहले अतीक अहमद के लोगों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। पेशे से वकील उमेश पाल के साथ मारपीट कर व डरा धमका कर उनके वकील द्वारा एफिडेविट साइन करा लिए गए थे। लेकिन बाद में उमेश पाल ने इस मामले में गवाही दी थी जिसके बाद 24 जनवरी 2023 को उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल की हत्या के बाद विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि वह माफिया को मिटृी में मिला देंगे। अतीक अहमद के परिवार की राजू पाल के परिवार के साथ पुरानी अदावत उस समय से चल रही थी जब अतीक के भाई अशरफ को राजू पाल ने चुनाव में हरा दिया था।
प्रयागराज की एमपी, एमएलए कोर्ट द्वारा आज यह फैसला 17 साल पुराने उमेश पाल किडनैपिंग कांड में सुनाया गया है। जिसमें कुल 11 लोग आरोपी थे इसमें से अतीक अहमद उनका वकील हनीफ खान और दिनेश पासी को अदालत ने आज दोषी करार देते हुए तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। 2006 के इस अपहरण कांड में एक आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है जबकि अतीक के भाई अशरफ सहित अन्य 7 को अदालत ने बरी कर दिया है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि 40 सालों से आतंक का पर्याय बने अतीक अहमद पर अलग—अलग थानों में 100 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। लेकिन आज तक उसे किसी भी मामले में सजा नहीं हो सकी थी क्योंकि उसके गुर्गे पीड़ित पक्ष को डरा धमका कर या तो मुकदमे की पैरवी नहीं करने देते थे या फिर गवाहों की हत्या कर देते थे। अतीक अहमद और उसके परिवार के खिलाफ मुंह खोलने का मतलब मौत को बुलावा देना ही माना जाता था। यह पहला मर्तबा है जब किसी मामले में अतीक को सजा हो सकी है।
अतीक को सजा के बाद उमेश पाल की मां और परिजनों ने फैसले को नामाफी बताया है तथा उसके भाई अशरफ को बरी किए जाने पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि इस माफिया से उनके परिवार को बड़ा खतरा है। उधर अतीक के वकीलों का कहना है कि फैसले को बड़ी अदालत में चुनौती देंगे। आज जब अतीक सहित अन्य आरोपियों की कोर्ट में पेशी हुई तो अधिवक्ताओं ने भी अतीक की फांसी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि उनके अधिवक्ता साथी उमेश पाल की हत्या अतीक के गुर्गों ने ही की है। इस मामले में अतीक के बेटे व पत्नी सहित तमाम शूटरों पर पांच—पांच लाख का इनाम घोषित है तथा उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की कार्यवाही की जा रही है।

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