रांची। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शनकारी छात्र जहां मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की कर रहे हैं तो वहीं मामले की जांच सीआईडी कर रही है। अब इस प्रक्रिया में प्रवर्तन निदेशालय की भी एंट्री हो गई है। प्रदर्शन के बीच छात्रों और सरकार के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है और कल रविवार को छठे दौर की बातचीत बेनतीजा रही।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी अब झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) 14वीं की प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में धांधली की जांच करने जा रही है। जांच एजेंसी ने सीआईडी में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईसीआइआर दर्ज कर ली है। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में देवेंद्र नाथ महतो करीब एक हफ्ते से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कुल मिलाकर 6 प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। वहीं दूसरी ओर, जेपीएससी के तीनों सदस्यों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जांच की मांग को लेकर हो रहे विरोध—प्रदर्शनों के बीच कल रविवार को इस्तीफा दे दिया था। लोक भवन की ओर से जारी बयान में बताया गया, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अनिमा हांसदा, अजीता भटृाचार्य और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार भी कर लिए है।
इससे पहले सीआईडी की ओर से इन तीनों सदस्यों को पेपर लीक समेत अन्य अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में पूछताछ के लिए तलब किया गया है। सीआईडी की ओर से तलब किए जाने के बाद इन तीनों ने इस्तीफा दे दिया। जांच एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सुप्रियो भटृाचार्य की पत्नी अजीता भटृाचार्य से आज सोमवार को पूछताछ की जानी है। जबकि जमाल अहमद से 12 अगस्त और हांसदा से 14 अगस्त को पूछताछ की जाएगी। इन तीनों लोगों की नियुक्ति सितंबर 2021 में की गई थी।
इससे पहले आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका हैै। जबकि खियांग्ते से 28 जुलाई से अब तक चार बार लंबी पूछताछ की जा चुकी है। इस बीच प्रदर्शनकारी झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की अपनी मांग पर अड़े है। कल रविवार को राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच छठे दौर की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला।




