June 3, 2026ऋषिकेश। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण कर चारधाम यात्रा एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं से यात्रा का फीडबैक भी लिया।श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए न करना पड़े इंतजारमुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए की गई पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए की श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए इंतजार ना करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों का निरीक्षण कर यात्रियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान देने को बात कही। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्होंने ट्रांजिट कैंप में अतिरिक्त कुलर लगाने तथा पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी संवाद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं का “अतिथि देवो भव:” की भावना के साथ स्वागत करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।यात्रियों ने मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्तनिरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में मौजूद श्रद्धालुओं से भी संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं बिहार सहित विभिन्न राज्यों से आए यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रद्धालुओं ने पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, आवास एवं अन्य सुविधाओं को संतोषजनक बताया।कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया तथा यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम जाना और उन्हें सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।ट्रांजिट कैंप में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण की भी सराहनाट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से रामायण एवं महाभारत के प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रतीक्षा के दौरान उन्हें आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो रहा है। उत्तर प्रदेश से आई कामिनी ने कहा कि “वह गुरुवार से अपनी चार धाम यात्रा शुरू करेंगी। आज सुबह उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। वह सुबह से ही ट्रांसिट कैंप में बैठी हैं, वहां कूलर, पंखे, पानी की पर्याप्त व्यवस्था है उन्होंने बताया साथ ही टीवी में रामायण चलने से उनका समय भी अच्छा बीत रहा है।”उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से आए शुभम ने बताया कि “वो अपने 3 दोस्तों के साथ चार धाम यात्रा से वापस ऋषिकेश लौटे आए हैं, आज सुबह से ही वह ट्रांजिट कैंप में हैं। उन्होंने अपनी यात्रा शुरू भी ट्रांसिट कैंप से की थी, जहां उन्हें सुविधा इतनी अच्छे लगी की वह लौटते समय भी यहां ठहरने के लिए आए हैं”। मध्य प्रदेश से आए ओमप्रकाश ने बताया कि वह भी सुबह ही ट्रांजिट कैंप पहुंचे हैं और आगे की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ट्रांजिट कैंप में ही अपना भोजन किया और स्वास्थ्य जांच करवाई। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।ट्रांजिट कैंप में लंगर सेवा के साथ स्थानीय उत्पादों को मिला बढ़ावाट्रांजिट कैंप परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निरंतर लंगर एवं नि:शुल्क भोजन-पानी की व्यवस्था की जा रही है। एक ओर जहाँ स्वयंसेवकों द्वारा यात्रियों को भोजन की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है तो वहीं दूसरी ओर, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कैंप परिसर में स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी की जा रही है। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद एवं स्वरोजगार से जुड़े सामान यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे जहां एक ओर महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
June 3, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक में प्रतिभाग करते हुए कहा कि मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक और शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित एक होटल में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति बैठक कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 23.15 करोड़ की 1 योजना का लोकार्पण एवं 6.63 करोड़ की 2 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों के मेयर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक और शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं। आपके निर्णय का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा हमारे देश की आत्मा गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की संभावनाएँ शहरों में आकार लेती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा हमारी प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सरल, सुगम , सुरक्षित हो। उन्होंने कहा पहले, आदि कैलाश में 500 लोग आते थे, इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक प्रति दिन करीब 1000 लोग आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोगों ने दर्शन कर लिए हैं। बीते चार सालों में 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। राज्य में निराश्रित गौवंशों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से आश्रय योजना प्रारम्भ की है। स्थानीय निकायों में श्वानों की बढ़ती संख्या की रोकथाम हेतु एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना की शुरुआत की है। हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर, दुनिया के समक्ष देश की वास्तविक छवि भी प्रस्तुत करते हैं। शहर सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित होंगे तो भारत की छवि भी सशक्त, समृद्ध और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा शहर स्वच्छ होगा तो पूरा भारत स्वच्छ होगा। शहर सुव्यवस्थित होगा, तो पूरा देश सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 तर्ज पर हम भी विकसित उत्तराखंड को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। विकसित भारत की कल्पना को पूरा करने में महानगर को विकसित करने, आत्मनिर्भर बनाने, सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधक , रेनवाटर हार्वेस्टिंग, लोकल एवं छोटे उघोग की स्थापना एवं आत्मनिर्भर महानगर की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने नगर निगम, ऋषिकेश में 1.80 करोड़ की लागत से बने पीपीपी मोड़ पर 10 स्थानों पर ई.वी. चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण कार्यों एवं 4.83 करोड़ की लागत से ऋषिकेश के 12 स्थानों पर वर्षा जल का संचय कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने 23.15 करोड़ की लागत से नगर निगम ऋषिकेश के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजनान्तर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनेट्री लैन्डफिल साईट लाल पानी बीट निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, आशुतोष एवं देशभर के विभिन्न शहरों से मेयर उपस्थित रहे।
June 3, 2026देहरादून। पुलिस ने भारी मात्रा में कोकिन के साथ दो विदेशी पैडलरों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।आज यहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने जानकारी देते हुए बताया कि राजपुर पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए चैकिंग के दौरान सूचना मिली कि कोबरा गैंग से जुडे ड्रग पैडलर हाई प्रोफाइल पार्टियों में कोकिन की सप्लाई करने के लिये राजपुर क्षेत्र में आये हैं। प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए थाना क्षेत्रान्तर्गत अलग—अलग स्थानों पर सघन चैकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिस टीम द्वारा जोहडी रोड निकट पुरानी मजार के पास से स्कूटी पर सवार 02 शातिर विदेशी पैडलरों को 9.15 ग्राम तथा सीआईएसएफ तिराहा ओल्ड मसूरी रोड के पास स्विफ्ट डिजायर कार से 11.77 ग्राम अवैध कोकिन के साथ गिरफ्तार किया गया, जिनके विरूद्ध थाना राजपुर पर एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग—अलग मुकदमा पंजीकृत किये गये। गिरफ्तार तीनो पैडलर कोबरा गैंग से जुडे हैं, जो हाई प्रोफाइल पार्टियों में कोकिन की सप्लाई करने आये थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम मिखेल इक्का मेकसोन पुत्र रोबट निवासी पंजाबी कालोनी आईएसबीटी, लेवेकिरी वेनिकी पुत्र वेनेनिकी फिलीफ मूल निवासी सूडान बताया। विदेशियों द्वारा बताया गया कि वह कोबरा गैंग के सक्रिय सदस्य है तथा मूल रूप से सूडान देश के नागरिक है, वह अक्सर अपने देश सूडान से देहरादून आते जाते रहते है। उनके द्वारा डिमांड के हिसाब से कोकीन दिल्ली से लाकर देश के अलग—अलग हिस्सों में अपने एजेंटो/पेडलरों को सप्लाई की जाती है। उक्त कोकीन को वे कुछ दिन पूर्व ही दिल्ली से लेकर आये थे, उनकी योजना उक्त कोकीन को राजपुर क्षेत्रों में आयोजित होने वाली पार्टियों में सप्लाई करने की थी। उनसे पूछताछ में उनके द्वारा उक्त कोकीन को अपने एक विदेशी साथी फ्रान्जी से लेकर आना बताया गया, गिरफ्तार अन्य जावेद से पूछताछ में उसके द्वारा भी बरामद कोकीन को दिल्ली से जॉन नाम के व्यक्ति से लेकर आना तथा उसे देहरादून में आयोजित होने वाली पार्टियों में कालिंस नाम के एक अन्य ड्रग पैडलर के साथ सप्लाई करने की जानकारी दी गई। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान प्रकाश में आये अन्य नशा तस्करों के सम्बन्ध में और अधिक जानकारी एकत्रित कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे है। मादक पदार्थों की तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को सीज किया गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा 2500 रूपये नगद पुरूस्कार से पुरूस्कृत करने की घोषणा की गई। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
June 3, 2026हरिद्वार। ज्वैलर्स के शोरूम का ताला तोड़कर देर रात अज्ञात चोर लाखों के जेवरात व नगदी ले उड़े। घटना का पता सुबह चलने क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर पड़ताल शुरू कर दी है।चोरी की यह बड़ी वारदात गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में घटित हुई है। यहंा देर रात बदमाशों ने एक ज्वेलर्स की दुकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी कर ली। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।जानकारी के अनुसार, पूर्वी अंबर तालाब स्थित खन्ना ज्वैलर्स में देर रात अज्ञात चोरों ने सेंध लगाकर चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि बदमाश दुकान से लाखों रुपये मूल्य के सोने—चांदी के जेवरात व नगदी चोरी कर ले गये। सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया है कि आधी रात के समय सफेद रंग की एक स्विफ्ट कार में सवार होकर कुछ लोग दुकान के बाहर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने दुकान का शटर और ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। आरोपियों ने करीब एक घंटे तक दुकान के भीतर रहकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया और फिर एक—एक कर मौके से फरार हो गए।आज सुबह चोरी की जानकारी मिलने पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही गंगनहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्धों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उनके आने—जाने के रूट और वाहन की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
June 3, 2026क्या देश की सरकार और सिस्टम फेल हो चुका है? आज जब देश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं तथा सीबीएसई की परीक्षाओं में तमाम तरह की धांधलियों के कारण सरकार को इसके पुर्ननिरीक्षण की बात की जा रही है तो इससे एक बात तो साफ है कि जब सरकार एक परीक्षा तक को ठीक से नहीं करा सकती है तो यह सरकार और सिस्टम का फेलियौर नहीं तो और क्या है। खास बात यह है कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए सत्ता में बैठे लोग बेहूदा तर्क देने के साथ इसे लेकर धरना प्रदर्शन करने वालों पर लाठियां बरसाने से लेकर उन्हें पाकिस्तानी बताने जैसे काम कर रहे है। यह मामला कोई साधारण समस्या नहीं है। सीबीएसई की परीक्षा में शामिल हुए 18 लाख तथा नीट में शामिल होने वाले 22 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य का ही सवाल नहीं है। अगर पेपर लीक घटनाओं के इतिहास पर नजर डालें तो 2003 में कैट का पेपर लीक होने का मामला सामने आया था जिसमें रंजीत डॉन सहित कुछ लोगों पर कार्यवाही की गई थी इनमें से कुछ को सजा भी हुई थी लेकिन बीते 12 सालों में क्या—क्या नहीं हुआ, कैट और नीट के राज्य स्तर पर होने वाली परीक्षाओं के 80 से अधिक पेपर लीक अब तक हो चुके हैं। जिसके कारण 8 करोड़ से अधिक युवाओं का भविष्य चौपट हो चुका है। प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद अब बोर्ड की परीक्षाओं में जिस स्तर की व्यापक धांधली का मामला सामने आया है उसने तो पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार द्वारा इस परीक्षा के लिए जिस नए सिस्टम को लागू किया गया था अब उसमें तकनीकी गलती के सिर पर सारी जिम्मेदारी डालकर सरकार फिर से आंसर सीटों के पुर्न निरीक्षण की बात कर रही है। खास बाकी है कि यह बेहद गंभीर मामला न सिर्फ अदालत तक पहुंच चुका है बल्कि देशभर के युवाओं द्वारा सिस्टम और सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शनों का दौरा शुरू हो चुका है। जिससे सरकार की नींद हराम हो चुकी है। और तो और देश की शिक्षा व्यवस्था के इस कड़वे सच के सामने आने पर विश्व गुरु होने का प्रचार करने वाली सरकार की छवि भी तार—तार हो चुकी है। गार्डियन और बीबीसी जैसे अखबारों द्वारा भारत की शिक्षा प्रणाली की इस धांधली को लेकर छपी खबरों को पढ़कर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है की विश्व स्तर पर किस तरह से देश की किरकिरी हो रही है। बीते 10—12 सालों में शिक्षा व्यवस्था के साथ जिस तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है उसका पूरा सच सामने आने के बाद यह साफ हो चुका है कि युवाओं को रोजगार देने में नाकाम सरकार ने युवाओं को सड़कों पर लाकर खड़ा कर दिया है। और इसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। सरकार की बेशर्मी इस बात से भी समझी जा सकती है कि लाखों युवाओं द्वारा हस्ताक्षरित मांग के बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा न लिया गया न उन्होंने इस्तीफा दिया? अदालत में पहुंचे इस मामले में जब सरकार से पूछा जाता है कि पेपर लीक क्यों हुआ तो जवाब दिया जाता है कि इस पर अब प्रधानमंत्री खुद नजर रखे हुए हैं। सवाल यह है कि प्रधानमंत्री तो बीते 12 सालों से नजर रखे हुए हैं फिर भी लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। सवाल यह है कि पेपर लीक पर सही जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है। शिक्षा प्रणाली को जब माफिया के हवाले कर दिया गया है तो सरकार के पास बताने को बचता ही क्या है? अब देश के युवा भी इस बात को मान चुके हैं की खामियां तो पहले भी थी लेकिन उन खामियों को सुधारने के लिए कुछ किए जाने की बजाय उसका पूरा बंटाधार कर दिया गया। लोगों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को निजीकरण में धकेलने और शिक्षा माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया है। खैर अब यह मुद्दा इतना बड़ा हो चुका है कि देश के युवा इस पर शांत बैठने वाले नहीं है। वह इस व्यवस्था को बदलकर ही दम लेंगे। सरकार की परेशानी यह नहीं है कि युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है उसकी चिंता यह है कि उसके भविष्य का क्या होगा।
June 3, 2026मरने वालों में ज्यादातर विदेशी नागरिक! बढ़ सकती है मृतकों की संख्या, रेस्क्यू जारी 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला घटना को लेकर प्रधानमंत्री ने जताया खेद, किया मुआवजे का एलान नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में आज हुए भीषण अग्निकांड में 20 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। माना जा रहा है कि मरने वालों में ज्यादातर विदेशी नागरिक हो सकते हैं। रेस्टोरेंट में आग कैसे लगी, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। कुछ लोग इस घटना में शॉर्ट सर्किट की आशंका जता रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भयावह हादसे पर दुख जताते हुए मुआवजे का ऐलान कर दिया है। जिसमें घायलों को 50 हजार रुपये और मृतकों के परिजनों को 2—2 लाख रुपये सहायता राशि दी जाएगी। घटना के बाद रेस्क्यू टीमो ने 37 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।मीडिया रिपोटर्स के अनुसार यह घटना आज सुबह 8 बजे के करीब की है। बताया जा रहा है कि यहां सारे अवैध होटल चल रहे हैं। मैक्स अस्पताल बनने के बाद यहंा होटलों की संख्या बढ़ती गई। मरने वालों में कई विदेशी नागरिक हो सकते हैं। वहंी आग लगने की इस घटना के बाद आसपास के दुकानदारों ने गद्दे बिछा दिए थे, जिससे लोग जान बचाकर ऊपर से कूदने लगे। बिल्डिंग से कई लोग इसी तरह कूदे हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।दमकल अधिकारियों के अनुसार आग तो बहुत जल्दी बुझा ली गई लेकिन कैजुएलिटी होने और कई लोगों को ऊपर से नीचे बचाकर लाने में समय लगा। कुल 37 लोगों को बचाया गया है। इस इलाके में नीचे दुकानें हैं और ऊपर लोग रह रहे थे. यह बिल्डिंग बेसमेंट+5 फ्लोर की है। उन्होंने बताया कि मैक्स अस्पताल चूंकि सामने हैं इसलिए यहां वो लोग ज्यादा रह रहे थे जिनके मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। वे पेइंग गेस्ट के तौर पर शायद रह रहे होंगे।साउथ डिस्ट्रिक्ट के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी मिली तो हमने अपनी टीम को एक्टिव कर दिया था। पता चला है कि बिल्डिंग के नीचे कोई रेस्टोरेंट चल रहा था। उन्होने कहा कि अभी घटना के कारणों का पूरा पता नहीं चला है, लेकिन उस रेस्टोरेंट के कारण ही आग लगी है। एसडीएम ने कहा कि सख्त कार्रवाई करनी जरूरी है। हम संबंधित विभागों को आदेश देंगे कि एक लाइसेंस की आड़ में ऐसा काम न हो। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछा दिए थे जिससे लोग कूदें तो चोट ज्यादा न लगे।