- नर्सिग अधिकारियों के साथ चार सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम आवास कूच कर रहे थे
देहरादून। अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच कर रहे नर्सिग अधिकारियों सहित कांग्रेसी नेता हरक सिंह रावत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आज यहां नर्सिग एकता मंच के बैनर तले प्रदेश के बेरोजगार नर्सिग अधिकारी परेड ग्रांउण्ड में एकत्रित हुए जहां से उन्होंने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। जब वह हाथीबडकला चौकी के पास पहुंचे तभी पुलिस ने बैरकेडिंग लगाकर उनको रोक दिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंक झोंक हुई। इसी दौरान नर्सिग अधिकारियों का समर्थन करने पहुंचे कांग्रेसी नेता हरक सिंह रावत भी वहां पर पहुंच गये और बैरकेडिग पार करने का प्रयास किया। पुलिस ने हरक सिंह रावत सहित दर्जनों नर्सिग अधिकारियों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन पहुंचाया। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने बताया कि विभाग की ओर से पिछली भर्ती 2020 में निकाली गयी थी। उस समय कई अभ्यार्थियों का दो—दो बार और अन्य राज्य के अभ्यार्थियों का भी चयन हो गया। ऐसे में कई स्थानीय बेरोजगार नर्सिग अधिकारियों को मोका नहीं मिल पाया। काफी इंतजार के बाद वर्तमान में जो भर्ती आई है उसमें कइयों की उम्र निकल गयी तो कई अधिकतम आयु सीमा के करीब हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग में कुल 690 नर्सिग अधिकारियों की भर्ती के पदों पर उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन आयोग ने जो विज्ञप्ति परीक्षा के माध्यम से जारी की है उसे शीघ्र वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में संगठन ने 134 दिनों तक एकता विहार धरनास्थल में धरना दिया था। जिसके बाद सरकार ने तीन हजार पदों पर विज्ञप्ति जारी की थी। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों से कई बार वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। ऐसे में मजबूरन धरना दिया जा रहा है। वर्तमान में मंच से तकरीबन एक हजार बेरोजगार नर्सिग अधिकारी जुडे हैं। उनकी मांग है कि वर्तमान नर्सिग भर्ती विज्ञप्ति और भर्ती पोर्टल को शीघ्र निरस्त किया जाए। आईपीएचएस मानकों के अनुसार स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा विभाग में 2500 पदों पर नई विज्ञप्ति जारी हो तथा उत्तराखण्ड मूल निवासी अभ्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाये और आयु सीमा पर अभ्यार्थियों को विशेष छूट दी जाए।





