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हरक के कामों की हो सीबीआई जांच

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विधायक दिलीप रावत ने लिखा सीएम को पत्र
मंत्री रहते भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप

देहरादून। यूं तो पूर्व काबीना मंत्री डॉ हरक सिंह का विवादों से गहरा नाता रहा है। भले ही उन्हें भाजपा से निष्कासित किया जा चुका हो और कांग्रेस में भी टिकट न मिलने के कारण वह अब न मंत्री रहे न विधायक हों, लेकिन विवाद अभी भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। अब लैंसडौन विधायक दिलीप रावत ने उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उनके मंत्रित्व काल के कामों की सीबीआई जांच कराने की मांग की है जो उनकी मुश्किलें बढ़ा सकती है।
दिलीप रावत ने डॉ हरक सिंह रावत पर 2017 से 2021 के दरमियान वन मंत्री और श्रम कर्मकार कल्याण बोर्ड की जिम्मेदारी रहने के दौरान व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र लिखकर उनके कार्यकाल के कामों की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए डॉ हरक सिंह भले ही अब भाजपा में न सही लेकिन 2017 से 2021 तक वह भाजपा सरकार में वन मंत्री रहे। इस दौरान अधिकारियों की नियुक्तियों और तमाम मामलों को लेकर उनकी सरकार के साथ तकरार बनी रही थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें कुछ शिकायतें मिलने के कारण श्रम कर्मकार कल्याण बोर्ड से हटा दिया गया था। उल्लेखनीय है कि श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसमें उन्हें सिलाई मशीनें, साइकिले, लाइटें तथा अन्य यंत्र और औजार प्रदान किए जाते हैं तथा लड़कियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। दिलीप रावत का आरोप है कि उन्होंने मंत्री रहते कुछ एनजीओ को अनुचित तरीकों से लाभ पहुंचाया गया है तथा वन विभाग और श्रम कल्याण बोर्ड में तमाम काम नियम कानूनों को ताक पर रखकर किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर उनके पूरे कार्यकाल के कामों की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। अगर ऐसा कुछ होता है तो डॉ हरक सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती है।

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