एग्जिट पोलः दिल बहलाने को गालिब ख्याल अच्छा है

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भाजपा और आप की बल्ले—बल्ले
सपा, बसपा और कांग्रेस निराश

देहरादून। पांच राज्यों में हुए चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे आ गए हैं। इन नतीजों को देखकर कई नेता बल्लियों उछल रहे हैं और जिन्हें खुश होने का मौका नहीं मिला है वह इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को 10 मार्च का इंतजार करने की नसीहत देते हुए दूध का दूध और पानी का पानी होने की बात कह रहे हैं।
एग्जिट पोल के नतीजों को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी में खुशी और उत्साह देखा जा रहा है। भाजपा जिसके लिए उत्तर प्रदेश का चुनाव सबसे अहम था, में योगी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को एक बार फिर बंपर बहुमत के साथ एग्जिट पोल नतीजों में वापसी करते हुए दिखाया गया है। अधिकांश एग्जिट पोल यूपी में भाजपा को 250 से अधिक सीटें जीतते हुए दिखा रहे हैं जो भले ही पिछली बार के 300 पार से कुछ कम सही लेकिन बहुमत के लिए 202 से काफी ज्यादा है। यह एग्जिट पोल के नतीजे मोदी और योगी के अत्यंत ही सुखद भविष्य का संकेत है। क्योंकि अब भाजपा की नजर 2024 के आम चुनावों पर है जिसकी जीत का रास्ता यूपी से होकर ही दिल्ली जाता है। उधर पंजाब में आम आदमी पार्टी 60 से अधिक सीटें जीत कर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में पहुंचती दिख रही है। एग्जिट पोल के इन नतीजों पर अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान का बल्लियोंं कूदना बनता है क्योंकि आप एक से दो राज्यों की सत्ता तक पहुंच रही है, वहीं भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
जहां तक बात तीन अन्य राज्यों की है उनमें से उत्तराखंड राज्य एक ऐसा राज्य है जहां यह एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस को आमने—सामने खड़े दिखा रहे है और संभावना यह दिखाई गई है कि सत्ता में कोई भी आ सकता है। आधे पोल भाजपा को और आधे कांग्रेस को सत्ता के करीब बता रहे हैं। हालात यह है कि मुख्यमंत्री धामी स्वयं को दोबारा मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना से इतने गदगद है कि वह पोल नतीजों के बाद एक बार फिर 60 पार की बात कर रहे हैं। भले ही पोल नतीजों में वह 36 तक भी न पहुंच रहे हो। वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत तो स्वयं को बहुमत के करीब इन पोल नतीजों में पाकर इतने खुश हैं कि जैसे उन्होंने सब कुछ जीत लिया हो। हो भी क्यों न अपनी राजनीति की यह अंतिम पाली उनके राजनीतिक अस्तित्व से जुड़ी थी। बाकी के एक राज्य गोवा में भी त्रिशंकु सरकार इन पोल नतीजों में बनती दिखाई गई है। वहीं भाजपा मणिपुर में फिर सरकार बनाने जा रही है। खास बात यह है कि सभी एग्जिट पोल के आंकड़े अलग—अलग कहानी कह रहे हैं। असल में नतीजे 10 मार्च को ही आएंगे जो बताएंगे कि कौन कहां हारा और जीता था कहां किसकी सरकार बन रही है और किसकी सरकार जा रही है। अभी एग्जिट पोल के नतीजों के बारे में यही कहा जा सकता है कि नेताओं के दिल को बहलाने के लिए यह ख्याल अच्छा है।

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