पिछले तीन दिनों से उत्तराखण्ड राज्य के विभिन्न न्यायालयो की सुरक्षा को लेकर कई खबरें सामने आ रही है। जिसे देखते हुए शासन—प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से पहले नैनीताल व उत्तरकाशी जिलों के न्यायालयों मे बम रखे जाने की खबरे सामने आयी थी। जिसके बाद वहंा के जिला प्रशासनों ने न्यायालय परिसरों को खाली करवा कर गहन छानबीन की लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया। जिसके बाद शासन—प्रशासन ने राहत की सांस ली। अभी इस खबर को 24 घंटे भी नही हुए थे कि एक बार फिर किसी अज्ञात सोर्स द्वारा टिहरी, हरिद्वार तथा रूद्रप्रयाग जिलोे को ऐसा ही ई—मेल मिला जिसमें वहंा के न्यायालय परिसरोें में बम रखे जाने की सूचना दी गयी थी। जिसके बाद एक बार फिर पुलिस व प्रशासन सक्रिय हुआ और उसने आनन—फानन में कोर्ट परिसरो को खाली करवा कर चैंिकंग अभियान चलाया। लेकिन कड़ी जांच के बाद भी उन सभी जगहों से ऐसी कोई संदिग्ध वस्तू नहीं मिल सकी कि जिसके बारे मे कोई जानकारी दी जा सके। दो दिनों की इन सभी घटनाओं के बारे में सोचा जाये तो ऐसा लगता है कि यह कोई बड़ा साइबर अपराधी है जिसका पता लगाने में मित्र पुलिस नाकामयाब हो रही है। साथ ही इस अपराध के पीछे कोई ऐसा मानसिक विक्ष्प्ति व्यक्ति है जो या तो सिर्फ पुलिस प्रशासन को परेशान रखना चाहता है या फिर वह करना और कुछ चाहता है और कर कुछ और रहा है। जिससे वह शासन—प्रशासन को बेवकूफ बना कर अपना उद्देश्य पूरा कर सके। असल में इन सभी बातों का उद्देश्य क्या है इसका पता लगाने के लिए शासन प्रशासन को इसकी गहन जांच की जरूरत है नहीं तो इसकी वजह से न्यायालयों में न्याय पालिका और आम जिन्दगी में हर व्यक्ति को आये दिन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।




