Home उत्तराखंड देहरादून बढ़ते महिला अपराधों पर सोता सिस्टम

बढ़ते महिला अपराधों पर सोता सिस्टम

0
486


तमाम सख्त कानून, सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक सर्तकता के बावजूद देश में महिला अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे है। बात अगर उत्तराखण्ड की करें तो यहंा भी महिला अपराधों के मामले में स्थिति चितंाजनक बनी हुई है। ताजा मामला आज हरिद्वार जिले के श्यामपुर क्षेत्र में सामने आया है। जहंा हाईवे किनारे एक महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ है। ऐसे मामले देखकर क्या हम इस समाज को जिसमें हम रह रहे है उसे एक जिंदा व संजीदा समाज कह सकते है? वास्तव में यह एक मृत समाज नहीं है तो और क्या है? इस महिला को जिसने भी इस हाल में देखा वह सोच में पड़ गया कि क्या समाज में ऐसे लोगो की संख्या बढ़ गयी है जो कानून का इस तरह से मजाक बना रहे है। ऐसा नहीं है कि देश व राज्य में इस तरह की हैवानियत या दंरिदगी की यह कोई पहली घटना है। साल देश के किसी न किसी राज्य से इस तरह की अनेक घटनाए घटित होती है। अभी कुछ वर्ष पूर्व राज्य में घटित हुए अंकिता भण्डारी हत्याकांड ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। अभी बीते वर्षो में मणिपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान देशवासियों ने महिलाओं पर किये गये अत्याचारों की कुछ ऐसी तस्वीरे देखी थी जिन्हे लेकर देश ही नहीं दुनिया भर में चर्चा हुई थी। लेकिन न तो देश की सरकार को और न समाज को इससे शर्मशार होते हुए देखा गया। हां इन घटनाआें पर राजनीति होते हुए जरूर देखी गयी। दिल्ली के निर्भया कांड से लेकर निठारी कांड तक न जाने कितनी अनगिनत घटनाएं है जिनके बारे में सोच कर किसी का भी दिल फट जाये। लेकिन इस तरह की घटनाओं का सिलसिला देश भर में अविराम जारी है। महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा के लिए तमाम कानून बनाने वाले और उन्हे पूरी सुरक्षा मुहैया कराने का दावा करने वाले महिलाओं और बच्चियों की कितनी सुरक्षा कर पा रहे है देश में घटित अनेक घटनाए इसका एक साक्षात प्रमाण है और इसके लिए हमारा मृत समाज और सड़ा गला सिस्टम ही जिम्मेदार है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here