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मोदी का संबोधन, सारहीन

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल फिर देश की जनता को संबोधित करने के लिए टीवी पर उपस्थित हुए। देश के लोग पहले से सोच विचार में उलझे थे कि पता नहीं आज मोदी फिर न जाने क्या कहने वाले हैं। कई लोगों को यह भी मुगालता था कि वह 75 साल के हो गए हैं कहीं वह पीएम की कुर्सी छोड़ने की तो नहीं छोड़ने जा रहे हैं और अपना झोला उठाकर फिर सन्यासी तो नहीं होने जा रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी मजे ले रहे थे कि उन्हें डर लग रहा है कि वह 500 के नोट को इंलीगल टेंडर होने की घोषणा न कर दें। लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया तो देश के लोगों ने चैन की सांस ली। इस बार वह सिर्फ लोगों को यह बताने के लिए टीवी पर आए थे कि उन्हें देश के गरीब तथा मध्यम वर्ग के हितों की इतनी चिंता है कि आज से देश में जो भी जीएसटी दरों में सुधार लागू किया जा रहा है उससे उन्हें कितना बड़ा फायदा होने वाला है। इस बार वह नवरात्र और दशहरा व दिवाली पर अधिक से अधिक खरीदारी कर बहुत बड़ी बचत कर सकते हैं। सरकार ने उन्हें इस बार बचत महोत्सव मनाने का सुनहरा मौका दिया है। मोदी यही रुकने वाले नहीं थे। उन्होंने एक बार फिर इस मौके पर लोगों को यह समझाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी कि सरकार के इस फैसले से ई एस एम ई क्षेत्र के लोगों को कितना फायदा होगा। उनका कारोबार अब छलांगे मारने लगेगा। आत्मनिर्भर भारत बनाने की बात को भी वह भला कैसे भूल सकते थे राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भर भारत तो उनकी राजनीति की रग—रग में बहता है। उन्होंने साफ कहा कि इस बचत महोत्सव में वह स्वदेशी वस्तुओं की ही खरीदारी करें, क्योंकि दूसरे देशों की वस्तुओं पर निर्भरता ही राष्ट्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। कल प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनकर गरीब व मिडिल क्लास के लोग इसलिए हैरान परेशान थे कि बीते 8—9 सालो में सरकार ने जीएसटी के कुचक्र में देश की जनता को फंसा कर कंगाल बना दिया अब प्रधानमंत्री को याद आ रहा है इनकी जेब में कुछ नहीं बचा है। और अगर इस जीएसटी को आगे भी जारी रखा तो जनता बगावत पर उतर आएगी। लेकिन पीएम मोदी तो मोदी है वह अपनी सरकार के गलत फैसलो को वापस लेकर भी अपनी उपलब्धि बता रहे हैं और अपनी पीठ खुद ही थपथपा रहे हैं। 55 लाख करोड़ रूपया जीएसटी के नाम पर बटोरा गया और जब जनता के हाथ में थमा दिया कटोरा तो कह रहे थे कि इससे जनता को 2.5 लाख करोड़ का फायदा होगा। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ट्टनौ सौ चूहे खाकर बिल्ली अब हज को चली है,। आप के नेता संजय सिंह का कहना है कि जीएसटी से लाखों करोड़ रूपया जनता की जेब से निकाला गया इस पैसे को जनता को वापस करें। वह कहते हैं कि जनता का पैसा उघोग पति मित्रों की जेब में डालने का जो काम इस सरकार ने किया उसनें देश के गरीब लोगों को कहीं का भी नहीं छोड़ा है। जनता उन्हे कभी माफ नहीं करेगी उनका कहना है कि देश के लोगों को स्वदेशी वह आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाने वाले यह बताएं उनका चश्मा, घड़ी, कार किस देश के बने है। बीते 5 साल में चीन से 39 लाख करोड़ का आयात किया गया। अमेरिका से भी बड़ा आयात किया गया यह किसने किया है। मोदी कितने कंफ्यूज है कभी कहते हैं यह खरीदो वह खरीदो तो कभी कहते हैं की स्वदेशी अपनाओ। वह भी अब जान चुके हैं उनकी अब कोई बात नहीं सुनना चाहता, न कोई उन पर भरोसा करता है।

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