- करोड़ों की स्मैक पकड़ी, पुलिस की बड़ी सफलता
देहरादून। नशे के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ व पुलिस को खासी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन नशा तस्करों को करोड़ो रूपये की स्मैक के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार दिये गये। बीते रोज एसटीएफ की कुमायूँ युनिट द्वारा एसटीएफ चम्पावत तथा थाना बनबसा पुलिस के साथ मिलकर 3 नशा तस्करों सुरजदीप सिंह पुत्र जस्वंत सिंह निवासी मझरा पूर्व थाना परवाहा जिला लखीमपुर खीरी, करनेल सिंह पुत्र कक्का सिंह निवासी दरलाजपुर थाना सिंघाही जिला लखीमपुर खीरी व गुरमीत सिंह पुत्र इंदर सिंह निवासी बेलराजपुर थाना सिंघाही जिला लखीमपुर खीरी को बनबसा थाना क्षेत्र से करीब 800 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ की कुमायूँ टीम द्वारा कल थाना बनबसा जनपद चम्पावत क्षेत्र से 3 शातिर नशा तस्करों बनबसा छेत्र से हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में एसटीएफ द्वारा एसओजी चम्पावत तथा थाना बनबसा पुलिस को साथ लेकर गिरफ्तारी की गयी है। बताया गया कि पकड़े गये आरोपी अन्तर्राज्यीय तस्कर हैं जो कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद के रहने वाले हैं और लम्बे समय से नशे के कारोबार में लिप्त हैं ये पूर्व में भी कई बार नशे की बड़ी खेप उत्तराखण्ड, नेपाल, मुंबई, गोवा पहुँचाने में सफल रहे हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया की वो उत्तराखंड के रास्ते नेपाल मे हेरोइन की तस्करी करते है। तीनो तस्कर एक मोटरसाइकिल के जरिये मादक पदार्थ उत्तराखण्ड ला रहे थे, जिसकी कि खपत नेपाल मे की जानी थी, टीम के द्वारा जाल बिछाकर धर—दबोचा गया है। तीनो से टीम द्वारा विस्तृत पूछताछ की जा रही है इस नेटवर्क में और कौन—कौन लोग शामिल है पता लगाया जा रहा है। अभियुक्तो ने एसटीएफ को पूछताछ में बताया कि वह उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड के रास्ते नेपाल और उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में हरोइन की सप्लाई करते हैं। ताकि यहाँ उसे भारी मुनाफे पर बेच सकें। एसटीएफ द्वारा पूछताछ में अन्य कई ड्रग्स पैडलरों के नाम की जानकारी हुई है. जिन पर कार्यवाही की जायेगी। एसएसपी द्वारा बताया गया कि बड़े अपराधों में मादक पदार्थों की भूमिका महत्वपूर्ण है मादक पदार्थों की तस्करी आर्गेनाइज क्रिमिनल्स के लिए राजस्व का एक बड़ा स्रोत है, जो उन्हें अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन प्रदान करता है, मादक पदार्थों की तस्करी अन्य गंभीर अपराधों, जैसे कि हथियारों की तस्करी, टारगेट कीलिंग, आतंकवादी घटनाएं और मानव तस्करी, को बढ़ावा देती है इसलिए नशा के छोटे कारोबार करने वालों को पकडने की बजाय नशे का कारोबार करने वाले बड़े मगरमच्छों को पकडने की जरूरत है। ये सभी अवैध रूप से नशीली दवाओं को बेचकर युवा वर्ग को नशे की लत लगा रहे हैं।




