- बोले-इस बार भाजपा का लक्ष्य 65 पार,कांग्रेस को जमकर घेरा
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोले-सूबे में बनेगी भाजपा की सरकार
- परेड ग्राउंड से चुनावी हुंकार, मुट्ठी भींचकर लगवाए जय श्रीराम के नारे
- अटल ने बनाया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संवार रहे उत्तराखंड
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के 26वें वर्ष के समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह देहरादून पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत भाजपा नेताओं ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड की धरती से आगामी विधानसभा चुनाव का सियासी शंखनाद करते हुए भाजपा की दोबारा सरकार बनने का दावा किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संबोधन के बाद जनसभा को संबोधित करने पहुंचे शाह ने सीधे कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यहां से ऐसी आवाज उठनी चाहिए, जो राहुल बाबा तक पहुंचे कि उत्तराखंड में इस बार भी भाजपा की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों से मुट्ठी भींचकर विजय का संकल्प लेने और जय श्रीराम के नारे लगाने का आह्वान किया।
अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत लोगों का अभिवादन करते हुए राम-राम और नमस्कार से की। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संघर्ष को याद करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री और राज्य के निर्माता स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने अलग राज्य के लिए लंबा संघर्ष किया। इस दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन राजनीतिक व्यवस्था में राज्य आंदोलनकारियों और युवाओं पर अत्याचार हुए। रामपुर तिराहा कांड सहित राज्य आंदोलन के दौरान हुए संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने आंदोलनकारियों को नमन किया।
गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण अटल बिहारी वाजपेयी ने किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने का काम किया है। विकसित भारत की यात्रा में विकसित उत्तराखंड सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश गौरव, सिद्धि और संकल्प के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। गौरव उत्तराखंड राज्य के गठन का है, सिद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों की है।शाह ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश अपनी आजादी के सौ वर्ष पूरे करेगा, तब उत्तराखंड को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करना है। इसके लिए अभी से संकल्प लेकर काम करना होगा। उन्होंने नई युवा पीढ़ी को देशभक्ति, राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय गौरव के रास्ते पर आगे बढ़ाने की जरूरत भी बताई।
अपने संबोधन में अमित शाह ने उत्तराखंड की वीर परंपरा का उल्लेख करते हुए वीरांगना तीलू रौतेली और वीर माधो सिंह भंडारी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी वीरता, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण से है। भाजपा सरकार इसी गौरवशाली विरासत को विकास के साथ आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
अमित शाह ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ऐसा एक काम बताना चाहिए, जिसे उत्तराखंड की जनता याद रखती हो। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उत्तराखंड की संरचना और विकास को रोकने का काम किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के कार्यकाल में बने सड़क नेटवर्क और रमेश पोखरियाल निशंक के कार्यकाल में कुंभ के वैज्ञानिक आयोजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक उत्तराखंड को मनीऑर्डर इकोनॉमी के भरोसे छोड़ दिया था, जबकि भाजपा ने प्रदेश में धन का सृजन करने वाली इंडस्ट्री स्थापित करने का काम किया है। सीमावर्ती क्षेत्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस कहती थी कि चीन अंदर आ जाएगा, लेकिन भाजपा सरकार ने सड़कों का निर्माण किया है। आज देश की सुरक्षा इतनी मजबूत है कि कोई भी यहां घुसने की हिम्मत नहीं कर सकता।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जब वह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की बात करते हैं तो कुछ लोग इसे स्वीकार नहीं करते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश में किसी को चार शादियां करने की अनुमति होनी चाहिए? उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब कोई चार शादियां नहीं कर सकता और न ही तीन तलाक दे सकता है। अमित शाह ने दावा किया कि देश के 15 राज्यों में यूसीसी पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बिना किसी सिफारिश के 35 हजार युवाओं को नौकरी मिली है। प्रदेश में धर्मांतरण अब संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पिछले 10 वर्षों में भाजपा सरकार ने कई विकास कार्य किए हैं। इनमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण और किच्छा में एम्स के सैटेलाइट सेंटर जैसी उपलब्धियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों का जिक्र करने लगेंगे तो सात दिन की भागवत कथा करनी पड़ेगी।
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देवभूमि को बनाएंगे देश की सांस्कृतिक राजधानी, भाजपा ने रखा 65 पार का लक्ष्य: अमित शाह
कांग्रेस पर मुस्लिम यूनिवर्सिटी की वकालत करने का आरोप, अवैध मजारों और मदरसों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का ऐलान
देहरादून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड को लेकर भाजपा का बड़ा राजनीतिक और सांस्कृतिक एजेंडा सामने रखते हुए कहा कि पार्टी देवभूमि को देश की सांस्कृतिक राजधानी बनाना चाहती है। परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा से उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को 65 पार का लक्ष्य दिया। साथ ही कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला।
अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि देश की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। भाजपा इसे देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता में आती है तो मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की वकालत करने लगती है। इसके विपरीत भाजपा सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
गृह मंत्री ने प्रदेश में अवैध मजारों और मदरसों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अवैध निर्माणों को हटाने का काम जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी राहुल गांधी को पसंद नहीं आती। शाह ने कहा कि सरकार कानून के अनुसार अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में अमित शाह ने चुनावी रणनीति को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने घर-घर संपर्क अभियान तेज करने और केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। शाह ने कहा कि कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरें और आगामी विधानसभा चुनाव में 65 से अधिक सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ काम करें।गृह मंत्री के इस संबोधन ने साफ कर दिया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में विकास के साथ देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान, अतिक्रमण और धार्मिक मुद्दों को भी अपने प्रमुख राजनीतिक एजेंडे में शामिल करने जा रही है।
अमित शाह को धामी ने भेंट किया गंगाजल, 1475 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी कुंभ मेले के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को गंगाजल भेंट किया। परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुंभ की तैयारियों और प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश की 1475 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं को प्रदेश के बुनियादी ढांचे और विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के बीच गंगाजल भेंट कर उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीकात्मक संदेश भी दिया।
अमित शाह ने बांधे धामी की तारीफों के पुल, सुनाया एक लाख करोड़ के निवेश का किस्सा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर सराहना की। परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों और निवेश की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली का एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया।
अमित शाह ने बताया कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा था, तब उन्हें इस आंकड़े पर थोड़ा संदेह हुआ था। उन्हें लगा कि क्या वास्तव में उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में इतने बड़े निवेश का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है?शाह ने कहा कि इस लक्ष्य की वास्तविकता जानने के लिए उन्होंने स्वयं प्रदेश के मुख्य सचिव को फोन किया और निवेश के आंकड़े की पुष्टि की। मुख्य सचिव ने जब उन्हें निवेश योजना की पूरी रूपरेखा समझाई और आंकड़ों की पुष्टि की तो उनका संदेह दूर हो गया।
गृह मंत्री ने कहा कि इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री धामी की कार्यकुशलता और प्रदेश के विकास को लेकर उनकी गंभीरता पर पूरा भरोसा हो गया। अमित शाह की इस टिप्पणी को मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व और निवेश के मोर्चे पर राज्य सरकार की उपलब्धियों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक सराहना के रूप में देखा जा रहा है।
अंकिता पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस जेनी और तंदूर कांड पर क्यों मौनः धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। परेड ग्राउंड में केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यक्रम से पहले अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जेनी प्रकरण और तंदूर कांड का जिक्र करते हुए कांग्रेस की राजनीतिक मंशा पर सवाल खड़े किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को उम्रकैद की सजा दिलाने वाली सरकार से लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस अपने शासनकाल से जुड़े जेनी प्रकरण और तंदूर कांड पर चुप्पी साध लेती है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस को अंकिता के मामले में तो जवाब चाहिए, लेकिन जेनी प्रकरण और तंदूर कांड पर वह जवाब देने से क्यों बचती है?धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सरकार ने कार्रवाई की और दोषियों को सजा मिली। इसके बावजूद कांग्रेस इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर दोहरे राजनीतिक मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने अतीत का भी जवाब देना चाहिए।मुख्यमंत्री के इस बयान से एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में अंकिता भंडारी हत्याकांड के साथ जेनी प्रकरण और तंदूर कांड को लेकर सियासी बहस तेज होने के आसार हैं।
राहुल गांधी के दौरे पर धामी का तंज, बोले- छात्रों की नहीं, झूठ की गूंज थी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब समझ चुकी है कि कांग्रेस के युवराज और उनके नेता किस तरह जनता के बीच भ्रम फैलाकर अपनी राजनीतिक जरूरतें पूरी करना चाहते हैं।मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे का जिक्र करते हुए तंज कसा कि यहां उन्होंने छात्रों की गूंज नहीं, बल्कि श्झूठ की गूंजश् का कार्यक्रम किया। धामी ने कहा कि कांग्रेस युवाओं को गुमराह करने की राजनीति कर रही है, जबकि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देश के सबसे सख्त नकलरोधी कानूनों में शामिल कानून बनाया है। इसके परिणामस्वरूप भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आई है और प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर मिल रहे हैं।मदरसा बोर्ड के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक विकास प्राधिकरण बनाया है। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में समानता लाना और सभी बच्चों को एक जैसी शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।धामी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह विकास और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करने के बजाय भ्रम और झूठ के सहारे राजनीति करना चाहती है।





