- डीएम की संस्तुति पर सीएम ने दिए निलंबन के आदेश
- झूठी जानकारी और लापरवाही बना कारण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्यवाही शराब की दुकानों की शिफ्टिंग में लापरवाही, झूठे तथ्य प्रस्तुत करने के साथ ही अधिकारियों को गुमराह करने के आरोपों के चलते उठाया गया है। हालांकि इस कार्रवाई का आधार जिलाधिकारी सविन बंसल की संस्तुति रही।

विदित हो कि राजधानी देहरादून में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों की बढ़ती समस्याओं के मद्देनजर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में छह शराब की दुकानों को स्थानांतरित करने की संस्तुति दी गई थी। इसके अनुपालन में 13 मई को आबकारी विभाग को निर्देश दिए गए थे कि दुकानों को एक सप्ताह में शिफ्ट कर 22 मई तक रिपोर्ट दी जाए, लेकिन तय समयसीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि इस दौरान शराब कारोबारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। अदालत में जिला आबकारी अधिकारी ने बिना सक्षम अधिकारियों की स्वीकृति के तथ्य प्रस्तुत किए, जिससे शासन की स्थिति कमजोर हुई। 27 जून को न्यायालय ने शासन को रिवीजन सुनवाई के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव आबकारी द्वारा सुनवाई में जिलाधिकारी के आदेश को सही ठहराते हुए दुकानों की शिफ्टिंग की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई। मामले में डीएम सविन बंसल ने केपी सिंह की भूमिका को गैर—जिम्मेदाराना बताते हुए उनके निलंबन और उच्चस्तरीय जांच की संस्तुति की। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो उन्होंने तत्परता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आबकारी आयुक्त ने सीएम के निर्देशों पर अमल करते हुए अधिकारी को निलंबित कर दिया है।



