- कई घर और गौशालाएं बही, भारी तबाही
- चार धाम यात्रा मार्गों पर कई जगह भूस्खलन
- 12 जुलाई तक राज्य में भारी बारिश का अलर्ट
देहरादून/चमोली। उत्तराखंड राज्य में इन दिनों आसमान से भारी आफत की बारिश हो रही है। राज्य में 80 से अधिक सड़कों पर यातायात ठप है तथा दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट चुका है कहीं बादल फटने से तबाही का मंजर है तो कहीं भूस्खलन के कारण जान संकट में फंसी है और लोग भय के साए में जीने पर विवश हैं।
चमोली से प्राप्त समाचार के अनुसार बीती रात नंदा नगर घाट इलाके में बादल फटने से दो गांवों में भारी तबाही की खबरें आई है। मोख और सेरा गांव में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश के साथ पहाड़ से आए मलवा और पानी के तेज बहाव में कई घर बह गए और कई घरों में मलवा घुस गया वहीं कुछ गौशालाओं के भी बह जाने की खबर है। जिलाधिकारी चमोली का कहना है कि तहसील की टीमें मौके पर पहुंच गई है, बचाव राहत कार्य जारी है। उनका कहना है कि अभी जान माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
बीती रात से दून और टिहरी में भी भारी बारिश हो रही है बीती रात नरेंद्र नगर से गुजराला जाने वाला मार्ग भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। दून के कारगी ग्रंाट में बीती रात हुई भारी बारिश के कारण जल भराव की स्थिति पैदा हो गई और सड़कों पर नदियों जैसा हाल देखने को मिला। जब पानी लोगों के घरों में घुस गया तो वह घरों से बाहर आ गए प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। गंगोत्री और यमुनोत्री राजमार्ग भी भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर बंद है। यमुनोत्री राजमार्ग बीते 9 दिनों से बंद है। वही बद्रीनाथ राजमार्ग भी पीपल कोठी के पास अवरुद्ध हो गया है।
इस बीच मौसम विभाग द्वारा आज भी राज्य के पांच जिलों टिहरी, चमोली उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है वहीं 12 जुलाई तक राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्कता बरतने को कहा गया है।




