कोलकाता। सिटी सेंटर मॉल के पास से सीबीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि संदीप घोष सीबीआई की पूछताछ से भागने की कोशिश कर रहा था। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने आधी रात के विरोध प्रदर्शन के दौरान आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भीड़ के हमले की निंदा की और कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने इसे ‘राज्य मशीनरी की पूर्ण विफलता’ बताया। दूसरी ओर, कोलकाता पुलिस ने मृतका के घर की सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रशासन ने घर के गली के बाहर ही बेरिकेट लगा कर पुलिस की तैनाती की है। किसी को भी मृतका के घर के नजदीक नही जाने दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा है कि यह घटना राज्य मशीनरी की पूर्ण नाकामी है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि बेहतर होगा कि अस्पताल को बंद किया जाए और मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जाए। जब राज्य सरकार के वकील ने अदालत से कहा कि लोगों की भीड़ बृहस्पतिवार को तड़के एकत्र हुई थी तो मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने कहा कि इस बात पर भरोसा कर पाना कठिन है कि पुलिस खुफिया विभाग को अस्पताल में 7,000 लोगों के एकत्र होने की जानकारी नहीं थी। इससे पहले सीबीआई अधिकारियों ने अपनी जांच के तहत पीड़ितों के परिवार से मुलाकात की थी, जिसके बाद पीड़िता के पिता ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें उनकी बेटी की मौत के लिए मुआवजे की पेशकश की गई थी जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया और वह न्याय चाहते हैं।




