नई दिल्ली। उत्तराखंड के भर्ती घोटाले भाजपा व धामी सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन चुके हैं। इन घोटालों के कारण पार्टी की छवि खराब हो रही है वहीं सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं। घोटालों में भाजपा और संघ नेताओं की संलिप्तता का खुलासा होने से पार्टी हाईकमान सख्त नाराज है और डैमेज कंट्रोल का भी कोई उपाय नहीं सूझ रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी के दिल्ली प्रवास और बड़े नेताओं के साथ हुई इस मुद्दे पर बातचीत के बाद आज पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह की भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से हुई मुलाकात यह बताने के लिए काफी है कि इस प्रकरण को लेकर भाजपा कितनी असहज है। जेपी नड्डा इस मामले की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आज त्रिवेंद्र सिंह को बुलाकर उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर जानकारी ली। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि त्रिवेंद्र सिंह इस मामले में भाजपा नेताओं को कटघरे में खड़े करते रहे हैं और उनका साफ कहना है कि जिनके कारण पार्टी की छवि खराब हुई और जो दोषी हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सूत्रों से जानकारी यह भी मिली है कि पार्टी हाईकमान अब बड़े एक्शन के मूड में है और गलत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर मंथन हो रहा है। त्रिवेंद्र सिंह व जेपी नड्डा के बीच क्या वार्ता हुई इसका तो पता नहीं चल सका लेकिन एक घंटे की इस मुलाकात में चर्चा इन भर्ती घोटालों पर ही केंद्रित रही। देखना है कि अब आगे क्या होता है?



