उघमसिंह नगर। खटीमा क्षेत्र में वन विभाग के कर्मियों और एक बीजेपी नेता के बीच हुए विवाद ने स्थानीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। बीजेपी अनुसूचित जनजाति चकरपुर मंडल के अध्यक्ष तथा ग्राम प्रहरी विपिन राणा पर वन रेंजर समेत तीन कर्मियों द्वारा कथित मारपीट, गाली—गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना शुक्रवार को तब हुई जब विपिन राणा को लकड़ी चोरी से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए वन चौकी बुलाया गया। उनके अनुसार, वन बीट अधिकारी का फोन आने के बाद वह चौकी पहुंचे। वहां बिना किसी पूछताछ के उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद उन्हें बूड़ाबाग कुटरा मार्ग से दोपहिया वाहन पर खटीमा रेंज ले जाया गया, जहां फिर से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान उनका वीडियो बनाया गया और अन्य लोगों के नाम बताने का दबाव डाला गया।
विपिन राणा ने पुलिस को दी तहरीर में स्पष्ट रूप से कहा, “मुझे एक वन बीट अधिकारी का फोन आया था। उन्होंने मुझे वन चौकी बुलाया। जहां मेरे साथ बिना बातचीत के मारपीट कर दी। फिर जंगल में ले जाकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही एक वीडियो भी बनवाई। मैं ग्राम प्रहरी हूं। ऐसे में मुझे लोगों को लकड़ी के बारे में जानकारी देनी पड़ती है, लेकिन मेरे साथ मारपीट की गई। मारपीट के बाद विपिन राणा की हालत बिगड़ गई। शनिवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों पर मारपीट, गाली—गलौज, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की धमकी के आरोप लगाए।
शुरुआत में पुलिस की ओर से कोई तत्काल कार्रवाई न होने पर स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। रविवार को भाजपा कार्यकर्ताओं, जनजाति मोर्चा, किसान मोर्चा, युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने खटीमा कोतवाली का घेराव किया। बहरहाल पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




