- कोर्ट की रोक के बाद भी चुनाव परिणाम घोषित
- सिर्फ एक वोट से भाजपा प्रत्याशी की जीत एक वोट रद्द
- तथाकथित अपहृत पांच सदस्यों पर कोर्ट का फैसला आना बाकी
नैनीताल। नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान फैली अराजकता और अपहरण जैसी घटनाओं की सुनवाई जब हाई कोर्ट में चल रही है इस बीच आज चुनाव अधिकारियों द्वारा मतगणना के नतीजे की घोषणा कर दी गई है जिसमें अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया गया है तथा उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस प्रत्याशी ने बाजी मार दी है।
उल्लेखनीय है बीते कल हाईकोर्ट ने नैनीताल में हुई अराजकता के लिए जिलाधिकारी और एसएसपी को कड़ी फटकार लगाते हुए उनसे व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर एफिडेविड मांगे गए थे तथा कोर्ट ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कही थी यही नहीं उन तथाकथित पांच अपहरत सदस्यों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया जारी की थी और बंद लिफाफे के चुनाव परिणाम को भी सार्वजनिक नहीं किया गया था। कल की सुनवाई के बाद आज भी कांग्रेस ने एक रिट याचिका दायर कर परिणाम न्यायालय के फैसले से पहले घोषित न करने व चुनाव को रद्द कर पुनः चुनाव कराये जाने या अपहरत सदस्यों से वोटिंग कराने की मांग की गई। लेकिन न्यायालय में आज की सुनवाई से पूर्व ही चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए जिसमें भाजपा प्रत्याशी को एक मत से विजयी घोषित कर दिया गया उन्हें 11 मत मिले हैं तथा कांग्रेस प्रत्याशी को 10 वोट मिले हैं एक मत को अवैध घोषित किया गया है जबकि उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस प्रत्याशी को विजई घोषित किया गया है परिणाम के अनुसार दोनों ही प्रत्याशी कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशी को बराबर बराबर 11—11 वोट मिले थे लेकिन लॉटरी में कांग्रेस प्रत्याशी ने बाजी मार ली। हाई कोर्ट में समाचार लिखे जाने तक इस मामले की सुनवाई जारी थी। डीएम व एसएसपी को भी आज कोर्ट में एफिडेविट देने थे। अब मुख्य न्यायाधीश की पीठ इस मामले में क्या निर्णय लेती है यह समाचार लिखे जाने तक साफ नहीं हो सका है लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद अभी इस मामले में कुछ भी बाद फेर बदल भी हो सकता है। जिसको देखना दिलचस्प होगा क्या न्यायालय इस चुनाव परिणाम जिस पर कोर्ट ने ही रोक लगाई थी सही मानता है या नहीं तथा अपहरत उन पांच पंचायत सदस्यों जो अपने वीडियो में उत्तराखंड को भी बिहार बना देने की बात कर रहे थे क्या फैसला लिया जाता है यह सब कुछ जानना बाकी है।



