नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी से अलग होने की चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा है कि ममता बनर्जी ने मुसीबत में मेरा साथ दिया, मैं उनका साथ नहीं छोड़ूंगा। टीएमसी सांसद ने कहा, ‘पिछले कुछ दिनों से मेरे बारे में बहुत अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग सच बोल रहे हैं, तो कुछ अफवाहें फैला रहे हैं। कुछ लोगों ने दावा किया है कि मैं तथाकथित बागी गुट में शामिल हो गया हूं। हां, स्वभाव से मैं हमेशा से बेबाक रहा हूं। मैं अक्सर कहता हूं कि अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं भी बागी हूं। मैं साफतौर पर कहना चाहता हूं कि मुश्किल समय में ममता जी मेरे साथ खड़ी थीं और आज उनके मुश्किल दौर में, मैं उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकता। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, मैं आसनसोल और पश्चिम बंगाल के लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे इतना प्यार, सम्मान और समर्थन दिया और बार-बार मेरी जीत पक्की की। मैं पहली बार दीदी (ममता बनर्जी) के बुलावे और उनके कहने पर आसनसोल आया था। वहां अपने पहले ही चुनाव में, मैंने रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की। बाद में, मैं दूसरी बार भी बड़े अंतर से जीता। इसलिए, मैं खास तौर पर ममता जी, तृणमूल कांग्रेस और सबसे बढ़कर आसनसोल और पश्चिम बंगाल के लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं। उन्होंने आगे कहा कि मैं यह साफ करना चाहता हूं कि मैंने बंगाल में हमेशा सभी के लिए काम किया है, चाहे वे किसी भी पार्टी से हों या उन्होंने मुझे वोट दिया हो या नहीं। मैं अपनी जिम्मेदारियों को समझता हूं और उन्हें पूरा करता रहूंगा। ममता बनर्जी उन कुछ लोगों में से थीं जिन्होंने मेरा साथ दिया और मेरा हौसला बढ़ाया। उनका मानना था कि मुझे अपनी संसदीय यात्रा में बिना किसी रुकावट के सार्वजनिक जीवन में बने रहना चाहिए और उन्हीं के कहने पर मैंने आसनसोल से चुनाव लड़ा।भगवान की कृपा और ममता जी व आसनसोल की जनता के समर्थन से मुझे जीत मिली।




