- सत्र में हंगामे के कारण नहीं हुआ प्रश्नकाल
- आपदा और कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग
चमोली। सूबे की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैण में शुरू हुए चार दिवसीय विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष द्वारा आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर जबरदस्त हंगामा किया गया। विपक्ष द्वारा इन मुद्दों पर सदन में चर्चा की मांग की गई लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी तो विपक्ष ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।
विपक्ष द्वारा आपदा प्रबंधन और नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान हुई अराजकता के मुद्दे को सदन में उठाने का पहले ही मन बना लिया गया था। आज जब सदन की कार्रवाई शुरू हुई तो शोक संवेदनाओं के बाद विपक्ष द्वारा कामकाज रोक कर पहले धराली आपदा प्रबंधन और नैनीताल पंचायत चुनाव के दौरान हुई अराजकता की स्थिति पर चर्चा करने की मांग की गई जिसे पीठ ने अस्वीकार कर दिया।

इसे लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांतिपूर्ण कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया गया लेकिन विपक्ष ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी जिसके कारण 11 बजे से लेकर 2 बजे के बीच सदन की कार्रवाई स्थगित हुई लेकिन विपक्ष का हंगामा नहीं थमा तथा पूरा प्रश्न काल हंगामें की भेंट चढ़ गया। इसके बाद भी जब हंगामा जारी रहा तो सदन की कार्रवाई 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
अगर दूसरे सत्र में सदन की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल सकी जिसकी संभावना बहुत ही कम नजर आ रही हैं। सरकार द्वारा आज ही अनुपूरक बजट विधेयक को पेश किया जाना है इसके अतिरिक्त इस सत्र में यूसीसी संशोधन विधेयक सहित नौ अन्य विधेयक भी पेश की जाने हैं। समाचार लिखे जाने तक सदन में हंगामा जारी था। विपक्ष का कहना है कि राज्य सरकार धराली आपदा पीड़ितों की मदद करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है वहीं विपक्ष ने चुनाव में भारी धांधली का आरोप सरकार पर लगाए हैं।




