नई दिल्ली। शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में उत्तराखण्ड के भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा उत्तराखण्ड में खनन और भूकंप का मुद्दा उठाया गया।
संसद में शीतकालीन सत्र के 12वें दिन लोकसभा में डिजास्टर मैनेजमेंट बिल पर चर्चा हुई। जिस पर उत्तराखंड से हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी मेन सेंट्रल थ्रस्ट और गंगा किनारे खनन के मुद्दे पर प्रकाश डाला गया। उन्होने उत्तराखंड में आई आपदा को लेकर बातचीत की। वहीं भूकंप और आपदा के दौरान होने वाले प्रदेश को नुकसान के मुद्दे को भी उठाया गया। सांसद त्रिवेंद्र ने लोकसभा स्पीकर के सामने रुद्रप्रयाग से लेकर हरिद्वार तक गंगा से होने वाले किसानों के नुकसान के मुद्दे को उठाया। कहा कि यह लगातार देखने के लिए मिल रहा है कि कुछ माफिया किस्म के लोग अवैज्ञानिक तरीके से खनन कर रहे हैं। यह पर्यावरण के साथ—साथ हरिद्वार के लिए सही नहीं है।
उन्होंने अपने हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के ग्रामीण आबादी का जिक्र करते हुए कहा कि हर साल मॉनसून के दौरान जब गंगा पूरे उफान पर होती है तो यह गंगा गांव में घुसकर किसानों, काश्तकारों के फसलों का नुकसान पहुंचाती है। लिहाजा, गंगा का पानी रोकने के लिए तटबंध बनाने की आवश्यकता है। इसके बाद सांसद त्रिवेंद्र ने उत्तराखंड में भूकंप के कारण होने वाले नुकसान के मुद्दे को भी संसद में रखा गया।




