May 5, 2026हरिद्वार। गिरफ्ट सेंटर के गोदाम में देर रात भीषण आग लगने से अफरा—तफरी फैल गयी। सूचना मिलने पर पुलिस व दमकल विभाग के कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। आग लगने की इस घटना में कोई मानव क्षति तो नही हुई है लेकिन लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।जानकारी के अनुसार बीती देर रात अंबर तालाब क्षेत्र में नेहरू स्टेडियम के पास स्थित एक गिफ्ट सेंटर के गोदाम में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और ऊंची—ऊंची लपटें दूर—दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के लोगों में अफरा—तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में सजावटी और ज्वलनशील सामान रखा हुआ था, जिसके कारण आग ने तेजी से पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन नेहरू स्टेडियम के पीछे की संकरी गलियों के चलते दमकल कर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अन्य क्षेत्रों से भी अतिरिक्त दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। दमकल विभाग की टीम ने घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। गोदाम रिहायशी इलाके में स्थित होने के कारण आसपास के घरों में भी आग फैलने का खतरा बना रहा, हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन लाखों केनुकसान की आशंका जताई जा रही है।
May 5, 2026पत्थरों की विरासत और लकड़ी पर उकेरे होते थे भगवान यह है आस्था, प्रकृति और लोकजीवन का अद्भुत संगम आज पहाड़ में कई घरों में लटके हैं ताले और दीवारें ढह रही खंडहरों में खोली के गणेश आज भी अपनी जगह पर अडिग देहरादून। हिमालय की वादियों में जब सर्द हवाएं चलती हैं और धुंध की चादर पुराने गांवों को ढक लेती है, तब भी ऊंचे पहाड़ों पर बने पठाल की छत वाले घरों की चौखटें एक अलग ही चमक बिखेरती हैं। इन घरों के मुख्य द्वार, जिसे पहाड़ी में खोली कहा जाता है, पर विराजे गणेश जी केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि उस घर के सबसे बुजुर्ग सदस्य की तरह पहरेदार होते हैं।पहाड़ के गांवों में जाने पर गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी का यह मांगल गीत याद आता है-दैणा होया खोली का गणेशा हे…दैणा होया मोरी का नारेणा हे… पहाड़ के उन पुराने घरों को देखकर जिनकी खोलियों में आज भी गणेश जी विराजमान है। आपको बता दें कि पुराने समय में जब पहाड़ में घर बनते थे, तो सबसे पहले स्थानीय शिल्पकार को बुलाया जाता था। वह केवल मिस्त्री नहीं, बल्कि एक कलाकार होता था। टुन या देवदार की सख्त लकड़ी पर जब उसकी छैनी चलती थी, तो वह सबसे पहले चौखट के ठीक बीचों-बीच सिरदल पर एक छोटा सा सिंहासन बनाता था।उस छोटे से खांचे में भगवान गणेश की आकृति उकेरी जाती थी। हाथ में मोदक, बड़ी सूंड और सौम्य आंखेंकृ गणेश जी का यह स्वरूप विघ्नहर्ता के रूप में घर की दहलीज पर बैठ जाता था। माना जाता था कि जिस घर की खोली में गणेश होंगे, वहाँ दुख और दरिद्रता कभी प्रवेश नहीं कर पाएगी।यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ों में धार्मिक आस्था केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकजीवन की हर परत में रची-बसी है। गढ़वाल और कुमाऊं के ग्रामीण इलाकों में आज प्रकृति, परिवार और संस्कृति के गहरे संबंध खोली के गणेश के रूप में दिखते हैं। पहले पहाड़ के हर घरों के मुख्य द्वार पर गणेश की आकृति होती थी, लेकिन बदलते परिवेश में यह अब यह कम दिखती है।पहाड़ी की संस्कृति और स्थापत्य कला में खोली का गणेश मात्र एक मूर्ति नहीं, बल्कि घर की मर्यादा, सुरक्षा और सौभाग्य का प्रतीक है। पहाड़ों के पुराने घरों की नक्काशीदार लकड़ी की चौखट ‘खोली’ के ऊपर विराजमान गणेश जी की यह परंपरा आज भी पहाड़ की पहचान है। पहाड़ी भाषा में खोली का अर्थकृमुख्य द्वार या देहरी होता है। हिंदू धर्म में गणेश जी को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य माना गया है। शायद यही कारण रहा होगा कि हमारे बुर्जूगों ने इसे सर्वोच्च स्थान दिया होगा।आज जब हम पहाड़ के वीरान होते गांवों की ओर देखते हैं, तो दिल बैठ जाता है। कई घरों में ताले लटके हैं, दीवारें ढह रही हैं, लेकिन उन खंडहरों की चौखटों पर आज भी वह खोली का गणेश अपनी जगह पर अडिग है। पलायन ने इंसान को तो घर से दूर कर दिया, लेकिन गणेश जी आज भी उसी सूनी देहरी की रक्षा कर रहे हैं। कई लोग अब इन पुरानी चौखटों को उखाड़कर शहरों में ले जा रहे हैं, ताकि आधुनिक कंक्रीट के घरों में अपने पूर्वजों की उस आस्था को फिर से जीवित कर सकें।
May 4, 2026गंभीर अनियमितताएं हुई उजागर देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में औचक निरीक्षण किया। डीएम की छापेमारी के दौरान गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जिलाधिकारी द्वारा आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, विकासनगर में औचक निरीक्षण/छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।औचक निरीक्षण के दौरान वर्ष 2018, 2024 एवं 2025 तक के मूल विलेख पत्र (Original Deed Registers) कार्यालय में संदिग्ध स्थिति में पाए गए, जिन्हें तत्काल कब्जे में लेते हुए जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि विक्रय हेतु प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्री किए जाने के मामले भी पाए गए हैं, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।इसके अतिरिक्त, जांच में धारा 47-ए के अंतर्गत स्टांप शुल्क की चोरी से संबंधित 47 प्रकरण भी चिन्हित किए गए हैं। यह वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला है, जिस पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।निरीक्षण के दौरान कार्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी, अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही तथा प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन जैसी अन्य अनियमितताएं भी पाई गईं। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच करते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक समग्र रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शासन को प्रेषित किया जाएगा।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्तमान एवं पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रार के कार्यकाल के दौरान हुई समस्त गतिविधियों की गहन जांच की जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, डीजीसी नितिन वशिष्ठ, तहसीलदार विकास नगर विवेक राजौरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।
May 4, 2026‘आस्था’ के द्वार से ‘सियासी’ दस्तक कांग्रेस के लिए प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा का गढ़वाल दौरा अहम उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल से इस बार से सियासत का नया अध्याय कांग्रेस पार्टी अब आस्था के जरिए जनता से जुड़ने की कोशिश करेगी देहरादून। उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल से इस बार सियासत का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। कांग्रेस ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर जैसे प्रमुख धामों से करने का फैसला लिया है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार आस्था के केंद्र सियासी संदेशों के प्रमुख मंच बनेंगे।कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा का गढ़वाल दौरा प्रमुख धार्मिक स्थलों पर केंद्रित रहेगा, जो यह संकेत देगा है कि पार्टी अब आस्था के जरिए जनता से जुड़ने की कोशिश करेगी। ज्ञात हो कि अब तक उत्तराखंड की राजनीति में धार्मिक मुद्दों और सनातन आस्था के प्रतीकों पर मुख्य रूप से भाजपा की पकड़ मजबूत मानी जाती रही है। भाजपा ने लंबे समय से धार्मिक आयोजनों और आस्था से जुड़े प्रतीकों को अपनी राजनीति का अहम हिस्सा बनाया है, लेकिन अब कांग्रेस भी उसी पिच पर उतरती नजर आ रही है, जिससे सियासी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।बता दें कि कांग्रेस की गढ़वाल क्षेत्र के रुद्रप्रयाग, चमोली और अन्य जिलों में प्रस्तावित बैठकों को केवल संगठनात्मक गतिविधि के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यह कार्यक्रम स्थानीय भावनाओं को समझने और उनसे जुड़ने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इन इलाकों में धार्मिक आस्था का गहरा प्रभाव है, ऐसे में यहां से सियासी संदेश देना बेहद प्रभावी माना जाता है। कुमारी शैलजा का यह दौरा 6 मई से शुरू होने जा रहा है। वह सबसे पहले )षिकेश पहुंचेंगी, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगी। इसके बाद 7 मई से उनके राजनीतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इस दिन वह श्रीनगर में जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी और संगठन की स्थिति का जायजा लेंगी।8 मई को उनका कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब वह केदारनाथ धाम पहुंचेंगी और वहां पूजा-अर्चना करेंगी। यह दौरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दृदृष्टि से भी अहम होगा। इसी दिन वह अगस्त्यमुनि में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी और इसके बाद रुद्रप्रयाग में भी जिला स्तर के नेताओं के साथ बैठक करेंगी। इसके अगले दिन यानी 9 मई को उनका दौरा चमोली जिले में रहेगा, जहां वह बदरीनाथ धाम पहुंचेंगी और वहीं रात्रि विश्राम करेंगी। 10 मई को सुबह वह बदरीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी और इसके बाद जोशीमठ में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। इस दौरान पार्टी की रणनीतियों और आगामी चुनावों को लेकर चर्चा की जाएगी।11 मई को कुमारी शैलजा टिहरी गढ़वाल के चंबा में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। इस तरह करीब 5 से 6 दिनों के इस दौरे में वह पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जाकर संगठन की स्थिति का आकलन करेंगी और कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलेंगी। हालांकि इस पूरे दौरे का सबसे अहम पहलू बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में होने वाले कार्यक्रम हैं। यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि इसके जरिए कांग्रेस एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह भी आस्था और परंपरा के साथ खड़ी है और जनता की भावनाओं को समझती है।उत्तराखंड की राजनीति में अब तक भाजपा को ही धर्म के मोर्चे पर मजबूत माना जाता रहा है, लेकिन कांग्रेस ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम से अपने अभियान की शुरुआत कर यह साफ कर दिया है कि वह अब गढ़वाल के धार्मिक महत्व को अपनी सियासत का मुख्य आधार बनाने जा रही है। यह महज एक यात्रा नहीं, बल्कि देवभूमि के जनमानस को यह बताने की कोशिश है कि आस्था पर किसी का एकाधिकार नहीं है।
May 4, 2026देहरादून। मसूरी में बीती देर शाम मॉल रोड बैरियर पर जबरदस्त हंगामा हो गया। दिल्ली से आए एक पर्यटक ने प्रतिबंधित समय में मॉल रोड के अंदर वाहन ले जाने की जिद पकड़ ली। विवाद इतना बढ़ गया कि पर्यटक दंपति और स्थानीय दंपति के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोनों दंपतियों के बीच जमकर गाली—गलौज और लात—घूंसे चले। स्थानीय लोगों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को अलग किया।प्राप्त जानकारीं के अनुसार, दिल्ली से आया पर्यटक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मॉल रोड बैरियर पर पहुंचा था। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने उसे बताया कि प्रतिबंधित समय में मॉल रोड पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद है और वाहन को पार्किंग में खड़ा कर पैदल जाना होगा। लेकिन पर्यटक वाहन अंदर ले जाने की जिद पर अड़ गया। बताया जा रहा है कि पर्यटक ने बैरियर के पास ही वाहन खड़ा कर दिया और करीब साढ़े पांच घंटे तक वहीं बैठा रहा, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। देर शाम स्थानीय दंपति और लोग वहां पहुंचे और सड़क से वाहन हटाने का अनुरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि पर्यटक और उसकी पत्नी वाहन से उतरकर स्थानीय व्यक्ति पर चप्पलों से हमला करने लगे, जिसके बाद उसकी पत्नी भी उलझ पड़ी। दोनों पक्षों के बीच जमकर लात—घूंसे चले। महिलाओं के बीच भी धक्का—मुक्की और हाथापाई हुई। घटना के दौरान मॉल रोड बैरियर क्षेत्र में अफरा—तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया। बाद में पुलिस दोनों पक्षों को मसूरी कोतवाली ले गई, जहां देर रात तक एक—दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को लेकर बहस चलती रही। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पर्यटन सीजन में बढ़ती अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी पर चिंता जताई है।
May 4, 2026हरिद्वार। पुरानी रंजिश के चलते बिनारसी गांव मेंं हुई हत्या के मामले में लम्बे समय से फरार चल रहे दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिनारसी गांव में रविदास जयंती के दिन दो हत्यायें हुई थी जिसमें दोनो पक्षों की ओर से हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था।बीती 1 फरवरी को रविदास जयंती शोभायात्रा सकुशल संपन्न होने के उपरान्त शाम को समय करीब पांच बजे पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी विशाल द्वारा अपने सह आरोपियों के साथ मिलकर गाँव के ही युवक आनंद की गोली मारकर ह्त्या कर दी थी। जिसके पश्चात आनंद के परिजनों व उसके परिवार के अन्य लोगों द्वारा आक्रोशित होकर विशाल पक्ष के मांगेराम पुत्र चमनलाल उम्र 55 वर्ष की लाठी डंडों से पीटकर ह्त्या कर दी गयी थी तथा विशाल पक्ष के लोगों के घरों में आगजनी कर तोडफोड़ कर शान्ति व्यवस्था भंग की गयी थी। जिस पर दोनों पक्षों की तहरीर पर थाना भगवानपुर पर सम्बंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कए गए। मृतक मांगेराम के पुत्र जोनी की तहरीर पर आरोपी अनुज पुत्र चन्द्रपाल, टिकू पुत्र समय सिंह, रोहित पुत्र पदम, असकेन्द्र पुत्र रामपाल, अवनेश उर्फ हनुमान पुत्र गिरधारी लाल, मोहित पुत्र मुनेश, विकास पुत्र लक्ष्मीचन्द देशराज पुत्र बुद्धु राणा, अशोक पुत्र अतर सिंह, रामानन्द पुत्र इलमचन्द, बबलेश पुत्र सतपाल, भवानी पुत्र पाले राम, हुस्रलाल पुत्र अतर सिंह, प्रमोद पुत्र शोभाराम, अक्षय पुत्र पप्पू, सुनील पुत्र पदम, भूपेन्द्र पुत्र रामपाल, जोनी पुत्र सूरत सिंह अन्य निवासी गण बिनारसी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया। मृतक आनंद के पिता लक्ष्मीचंद की तहरीर पर आरोपी विशाल पुत्र शेर सिंह, हिमांशु पुत्र तराचंद, सौरभ पुत्र मनीराम, विनीत पुत्र देशपाल, निखिल पुत्र टीटू, विकसित पुत्र टीटू, प्रिंस पुत्र शेर सिंह के विरुद्ध थाना भगवानपुर पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था तथा जिस पर गाठित पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुये दोनो पक्षो से वर्तमान तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। घटना में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। जिनमें से दो बदमाशों मनीष पुत्र रामबतोरा निवासी ग्राम बिनारसी थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार उम्र 42 वर्ष व सुमित पुत्र लाखन सिंह को चुडियाला ईट भटृे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है।