July 11, 2026अल्मोड़ा। रानीखेत तहसील क्षेत्र के दूरस्थ ऐना गांव में बीती शाम अज्ञात हमलावर ने पास के सिमोली गांव निवासी एक युवक की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। बीच—बचाव के लिए आईं युवक की बुआ सहित दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह युवक मेरठ में पढ़ाई करता था और कुछ समय से सेना में अग्निवीर की भर्ती की तैयारी भी कर रहा था।जानकारी के अनुसार, सिमोली गांव निवासी 20 वर्षीय सागर पुत्र चंदन सिंह यहां ऐना गांव में अपनी बुआ जानकी देवी के यहां आया हुआ था। बताया जा रहा है कि बीती देर शाम एक अज्ञात हमलावर घर में घुस आया और सागर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। बाद में हमलावर ने सागर की गला रेतकर हत्या कर दी। हमले के दौरान बीच—बचाव के लिए आईं सागर की बुआ जानकी देवी और जानकी की सास साबुली देवी को चाकू मारकर घायल कर दिया और फरार हो गया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को उपचार के लिए उप जिला अस्पताल रानीखेत ले जाकर भर्ती कराया है। हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। कोतवाल भुवन जोशी ने बताया कि हमलावर कौन था और क्यों वारदात को अंजाम दिया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं है। हमलावर की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द खुलासा किया जाएगा।
July 11, 2026देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनाल मिश्रण को स्वच्छ ऊर्जा, विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। नीति के उद्देश्य निश्चित रूप से सराहनीय हैं। लेकिन जब कोई राष्ट्रीय नीति सीधे करोड़ों वाहन मालिकों की जेब और उनके वाहनों की कार्यक्षमता से जुड़ती हो, तब केवल लक्ष्य नहीं, उसके क्रियान्वयन की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है। पिछले कुछ समय से देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक वाहन मालिकों ने शिकायत की है कि ई20 पेट्रोल भराने के बाद उनके वाहनों की माइलेज घटी, इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हुई या रखरखाव की समस्या बढ़ी। दूसरी ओर, वाहन निर्माता कंपनियां लगातार यह स्पष्ट कर रही हैं कि सभी वाहन ई20 के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए हैं। पुराने माडलों में एथेनाल की अधिक मात्रा ईंधन प्रणाली के कुछ हिस्सों पर अतिरिक्त प्रभाव डाल सकती है, जबकि ई20-अनुकूल वाहनों को विशेष रूप से इस मिश्रण को ध्यान में रखकर विकसित किया जाता है। यहीं सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है। यदि देश की सड़कों पर अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे वाहन चल रहे हैं जो पूरी तरह ई20-अनुकूल नहीं हैं, तो क्या उनके लिए पर्याप्त संक्रमण योजना तैयार की गई? क्या हर पेट्रोल पंप पर उपभोक्ता को स्पष्ट जानकारी मिलती है कि कौन-सा ईंधन उसके वाहन के लिए उपयुक्त है? क्या वाहन मालिकों को पर्याप्त जागरूक किया गया? सरकार का कहना है कि एथेनाल मिश्रण से प्रदूषण कम होगा, आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी और गन्ना उत्पादकों सहित कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा। यह तर्क मजबूत हैं और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण भी। लेकिन किसी भी नीति की सफलता तब मानी जाती है जब उसके लाभों का बोझ आम नागरिक पर अनुचित रूप से न पड़े। यदि किसी उपभोक्ता को वाहन निर्माता की सलाह के विपरीत ईंधन का उपयोग करना पड़ता है, या उसे यह जानकारी ही नहीं मिलती कि उसका वाहन किस ईंधन के लिए उपयुक्त है, तो समस्या नीति की मंशा में नहीं, बल्कि उसके क्रियान्वयन और संवाद में है। हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण आवश्यक है, लेकिन यह संक्रमण भरोसे और स्पष्ट जानकारी के साथ होना चाहिए। इस मुद्दे का दूसरा पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सभी शिकायतों का कारण केवल ई20 हो, ऐसा निष्कर्ष निकालना भी उचित नहीं होगा। वाहन की उम्र, रख-रखाव, इंजन की स्थिति और निर्माता के तकनीकी मानक भी प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। इसलिए आवश्यक है कि सरकार, तेल विपणन कंपनियां और वाहन निर्माता मिलकर पारदर्शी तकनीकी अध्ययन सार्वजनिक करें ताकि भ्रम और अफवाहों की जगह तथ्यों पर आधारित चर्चा हो। आज जरूरत किसी नीति का विरोध या समर्थन करने की नहीं, बल्कि उपभोक्ता के विश्वास की रक्षा करने की है। यदि ई20 भविष्य का ईंधन है, तो उसके लिए वर्तमान के करोड़ों वाहन मालिकों को असमंजस में नहीं छोड़ा जा सकता। हर पेट्रोल पंप पर स्पष्ट सूचना, वाहन-वार अनुकूलता की आसान जानकारी, तकनीकी सहायता और शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। हरित भारत का सपना तभी सफल होगा, जब पर्यावरण के साथ-साथ आम नागरिक की जेब और उसके वाहन का भी समान सम्मान किया जाएगा। ऊर्जा परिवर्तन की असली सफलता आंकड़ों से नहीं, बल्कि उस भरोसे से तय होगी जिसके साथ नागरिक अपनी गाड़ी में अगली बार ईंधन भरवाएगा।
July 10, 2026माइक्रो लेवल प्लान तैयार कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देशदेहरादून। मोबिलिटी प्लान के अंतर्गत देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने तथा पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार, पार्किंग स्थलों के बेहतर उपयोग, लंबित निर्माण कार्यों की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए आवश्यकतानुसार सड़कों, चौराहों एवं जंक्शनों के सुधारीकरण हेतु माइक्रो लेवल प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा योजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारें।बैठक में आढ़त बाजार क्षेत्र में यातायात सुधार एवं व्यवस्थाओं, जंक्शन इम्प्रूवमेंट कार्यों की प्रगति, पार्किंग उपयोगिता की मॉनिटरिंग व्यवस्था, इंदिरा मार्केट पुनर्विकास कार्य, मंडी शिफ्टिंग, परेड ग्राउंड पार्किंग, रामराय पार्किंग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने आढ़त बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के प्रमुख चौराहों के सुधारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करते हुए कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए, जिससे यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके।बैठक में इंदिरा मार्केट में निर्माणाधीन मल्टीलेवल कार पार्किंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि यहां लगभग 1050 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग विकसित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए एमडीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित कार्यदायी संस्था/फर्म के साथ बैठक कर प्रगति की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की जाए तथा निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पार्किंग स्थलों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि शहर में अनावश्यक जाम की स्थिति को कम किया जा सके और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नगर निगम को प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात प्रबंधन के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण, बेहतर पार्किंग व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएं।जिलाधिकारी ने मंडी शिफ्टिंग, आढ़त बाजार सड़क सुधार, परेड ग्राउंड एवं रामराय पार्किंग सहित अन्य विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक, व्यवस्थित एवं जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए सभी विभागों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, एमडीडीए, नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
July 10, 2026देहरादून। किसी फिल्म की असली कामयाबी तब मानी जाती है, जब वह केवल पर्दे पर नहीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ले। इन दिनों देहरादून में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिल रहा है। फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ पिछले एक सप्ताह से लगातार हाउसफुल शो के साथ दर्शकों के अपार स्नेह की गवाह बन रही है। हर गुजरते दिन के साथ सिनेमाघरों में उमड़ रही भीड़ ने यह साबित कर दिया कि अच्छी कहानी और सच्ची भावनाएं सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचती हैं।देहरादून के दर्शकों से मिले इसी अथाह प्रेम ने फिल्म की पूरी टीम को भावुक कर दिया। उन्होंने महसूस किया कि जब कोई शहर किसी कहानी को इतनी आत्मीयता से अपना ले, तो केवल धन्यवाद कहना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उस शहर तक स्वयं पहुंचकर उसके लोगों का आभार व्यक्त करना चाहिए। इसी भावना के साथ फिल्म के ‘इंडिया दर्शन’ अभियान के अंतर्गत अभिनेत्री हुमा कुरैशी, अभिनेता रचित सिंह, मरुधर शेखावत, निर्देशक नचिकेत सामंत और निर्माता साकिब सलीम देहरादून पहुंचे।कलाकारों ने शहरवासियों से मुलाकात कर कहा कि दर्शकों का प्यार किसी भी पुरस्कार से कहीं अधिक बड़ा सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि देहरादून ने जिस अपनत्व के साथ ‘बेबी डू डाई डू’ को स्वीकार किया, उसने पूरी टीम को भावुक कर दिया। यह केवल हाउसफुल शो की सफलता नहीं, बल्कि उन हजारों दिलों का विश्वास है जिन्होंने फिल्म के हर दृश्य, हर किरदार और हर भावना को अपना समझा। फिल्म की टीम ने कहा कि उनका मानना है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है। जब दर्शक किसी कहानी को अपना लेते हैं, तो कलाकारों का भी कर्तव्य बनता है कि वे उस प्रेम का सम्मान करें। इसी सोच के साथ वे देहरादून आए, ताकि उस शहर को दिल से धन्यवाद कह सकें जिसने ‘बेबी डू डाई डू’ को अपनी यादों का हिस्सा बना लिया। देहरादून की गर्मजोशी, आत्मीयता और सिनेमाप्रेम ने फिल्म की इस यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया है। कलाकारों ने कहा कि दर्शकों की तालियां, मुस्कानें और आंखों में दिखाई देने वाला अपनापन उनके लिए किसी भी ट्रॉफी से बढ़कर है। देहरादून ने केवल एक फिल्म को नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे जज्बातों को भी पूरे दिल से स्वीकार किया है। यही प्रेम कलाकारों के लिए सबसे बड़ी पूंजी है और यही उन्हें भविष्य में भी ऐसी कहानियां लेकर आने की प्रेरणा देता रहेगा।
July 10, 2026देहरादून। टिहरी गढ़वाल के विधायक किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्व के प्रमुख रुद्राक्ष उत्पादक देश नेपाल का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड में रुद्राक्ष उत्पादन की व्यापक संभावनाएं जताते हुए 200 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है।प्रतिनिधिमंडल में विधायक किशोर उपाध्याय के साथ रुद्राक्ष विशेषज्ञ प्रिंस अग्रवाल तथा वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक लेखक डॉ. रमेश सिंह पाल शामिल थे। अध्ययन भ्रमण के दौरान नेपाल में रुद्राक्ष की उन्नत खेती, कृषि प्रबंधन, प्रसंस्करण, विपणन व्यवस्था, मृदा की विशेषताओं और उत्तराखंड में इसकी व्यावसायिक खेती की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन किया गया।अध्ययन के दौरान नेपाल के रुद्राक्ष उत्पादक क्षेत्रों की मिटृी के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कर उनकी तुलना टिहरी, नरेंद्रनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून सहित गढ़वाल के विभिन्न क्षेत्रों की मिटृी से की गई। जांच में पाया गया कि दोनों क्षेत्रों की मिटृी में काफी समानता है, जिससे उत्तराखंड में रुद्राक्ष की सफल खेती की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश सिंह पाल ने बताया कि उत्तराखंड में रुद्राक्ष आधारित एक मजबूत और टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सकता है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि उत्तराखंड के कई स्थानों पर जिन पेड़ों को रुद्राक्ष समझा जाता है, वे वास्तव में भद्राक्ष हैं। वास्तविक रुद्राक्ष Elaeocarpus ganitrus वृक्ष से प्राप्त होता है और इसका धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व अधिक माना जाता है। वहीं भद्राक्ष अन्य वृक्ष प्रजातियों से प्राप्त होता है और इसका बाजार मूल्य रुद्राक्ष की तुलना में काफी कम है। वर्तमान में भारत और चीन में बिकने वाला अधिकांश रुद्राक्ष नेपाल और इंडोनेशिया से आयात किया जाता है, जिसका कारोबार सालाना कई सौ करोड़ रुपये का है।प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड में रुद्राक्ष की खेती की संभावनाएं तथा रणनीतिक विकास एवं विस्तार हेतु व्यापक कार्ययोजना विषय पर तैयार 200 पृष्ठों की रिपोर्ट 9 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री को सौंपी। रिपोर्ट में आयातित रुद्राक्ष पर निर्भरता कम करने, पर्वतीय किसानों की आय बढ़ाने, आध्यात्मिक पर्यटन और वेलनेस उघोग को प्रोत्साहन देने तथा उत्तराखंड को हिमालयी रुद्राक्ष के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने का रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही रुद्राक्ष खेती के रणनीतिक विकास एवं विस्तार के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करेगी। इसके लिए वन विभाग, जिला प्रशासन और कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग से इसे धरातल पर उतारा जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्राक्ष आधारित स्थानीय संपदा सृजन मॉडल पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। साथ ही यह राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण और उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
July 10, 2026देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव संगठन के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि पिछले दस साल में प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।आज यहां प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस में कोई आपसी मनमुटाव नहीं है इस बार चुनाव सभी मिलकर एक साथ लडेंगे और जीतेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार से जनता काफी निराश है। प्रदेश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार में काफी इजाफा हुआ है। प्रदेश सरकार अपने दस साल के प्रोग्राम के बारे में कोई श्वेत पत्र जारी नहीं कर सकती है। पूरे देश में युवा बेरोजगार है और रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीबीएससी व नीट के पेपर लीक हो रहे हैं। अयोध्या में चंदा चोरी के मामले में वेणुगोपाल ने कहा कि अयोध्या मंदिर ट्रस्ट प्रधानमंत्री के सुपरविजन में है और चंदा चोरी में प्रधानमंत्री चुप्पी साधे हुए हैैं और अगर इनके खिलाफ कोई बोलता है तो उसके यहां ईडी, सीबीआई भेज देते हैं।इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी श्ौलजा ने कहा कि भाजपा सन् 90—91 से राममंदिर के नाम पर राजनीति करती आ रही है जो अब लूटेरे बन गये है। इन्होंने आस्था की धज्जियां उडा दी है और प्रधानमंत्री चुप्पी साधे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि इस चोरी की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब बद्रीनाथ मंदिर से चढ़ावा चोरी हो गया है। उन्होने कहा कि यह लोग भगवान के लुटेरे हैं। इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यहां कोई सुरक्षित नहीं है। इस चोरी में भाजपा के लोग शामिल है। विपक्ष इनको आईना दिखायेगा। इस बार सब मिलकर चुनाव लडेंगे और जीत हासिल करेंगे। इस अवसर पर प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, करन माहरा, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, लालचंद शर्मा व आंदोलनकारी मोहन खत्री सहित कई लोग मौजूद रहे।