July 10, 2026देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव संगठन के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि पिछले दस साल में प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।आज यहां प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस में कोई आपसी मनमुटाव नहीं है इस बार चुनाव सभी मिलकर एक साथ लडेंगे और जीतेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार से जनता काफी निराश है। प्रदेश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार में काफी इजाफा हुआ है। प्रदेश सरकार अपने दस साल के प्रोग्राम के बारे में कोई श्वेत पत्र जारी नहीं कर सकती है। पूरे देश में युवा बेरोजगार है और रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीबीएससी व नीट के पेपर लीक हो रहे हैं। अयोध्या में चंदा चोरी के मामले में वेणुगोपाल ने कहा कि अयोध्या मंदिर ट्रस्ट प्रधानमंत्री के सुपरविजन में है और चंदा चोरी में प्रधानमंत्री चुप्पी साधे हुए हैैं और अगर इनके खिलाफ कोई बोलता है तो उसके यहां ईडी, सीबीआई भेज देते हैं।इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी श्ौलजा ने कहा कि भाजपा सन् 90—91 से राममंदिर के नाम पर राजनीति करती आ रही है जो अब लूटेरे बन गये है। इन्होंने आस्था की धज्जियां उडा दी है और प्रधानमंत्री चुप्पी साधे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि इस चोरी की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब बद्रीनाथ मंदिर से चढ़ावा चोरी हो गया है। उन्होने कहा कि यह लोग भगवान के लुटेरे हैं। इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यहां कोई सुरक्षित नहीं है। इस चोरी में भाजपा के लोग शामिल है। विपक्ष इनको आईना दिखायेगा। इस बार सब मिलकर चुनाव लडेंगे और जीत हासिल करेंगे। इस अवसर पर प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, करन माहरा, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, लालचंद शर्मा व आंदोलनकारी मोहन खत्री सहित कई लोग मौजूद रहे।
July 10, 2026वायरल वीडियो से गरमाई उत्तराखंड की सियासत सोशल मीडिया के एक दावे ने छेड़ दी है नई बहस भाजपा ने 2027 से आगे का भी खींच दिया खाका राजनीतिक खाका या यह केवल डिजिटल नैरेटिव देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों एक वायरल वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वर्ष 2037 तक मुख्यमंत्री बने रहने का दावा किया जा रहा है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वीडियो ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तराखंड में अभी 2027 का विधानसभा चुनाव भी नहीं हुआ है, लेकिन सोशल मीडिया पर 2037 की सत्ता का दावा यह संकेत देता है कि चुनावी राजनीति अब केवल जनसभाओं में नहीं, बल्कि डिजिटल नैरेटिव के जरिए भी लड़ी जा रही है।राजनीति में आत्मविश्वास किसी भी दल की ताकत माना जाता है, लेकिन जब भविष्य के चुनावी नतीजों को पहले से तय मानने जैसा संदेश सामने आने लगे, तो विपक्ष इसे लोकतांत्रिक विनम्रता के बजाय राजनीतिक अतिआत्मविश्वास के रूप में पेश करने की कोशिश करता है। उत्तराखंड का राजनीतिक इतिहास बताता है कि राज्य की जनता ने कई बार सत्ता परिवर्तन का फैसला किया है। ऐसे में 2037 तक सत्ता में बने रहने जैसे दावों पर स्वाभाविक रूप से राजनीतिक बहस तेज होना तय है। विपक्षी दलों के लिए ऐसा वायरल वीडियो सरकार पर निशाना साधने का अवसर बन सकता है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल यह सवाल उठा सकते हैं कि क्या सरकार जनता की मौजूदा समस्याओं बेरोजगारी, पलायन, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय मुद्दों से ज्यादा राजनीतिक संदेश गढ़ने में व्यस्त है।उत्तराखंड में चुनावी राजनीति अब सोशल मीडिया के दौर में प्रवेश कर चुकी है। छोटे वीडियो, वायरल क्लिप और आकर्षक राजनीतिक संदेश कुछ ही घंटों में लाखों लोगों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी भी वायरल सामग्री का प्रभाव उसके तथ्यात्मक होने से पहले ही राजनीतिक चर्चा को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल संचार जितना अवसर है, उतनी ही चुनौती भी। वायरल सामग्री पर जनता की प्रतिक्रिया और तथ्यात्मक स्थिति दोनों पर नजर रखना आवश्यक है।राजनीति में जनता अंतिम निर्णायक होती है, सोशल मीडिया नहीं। मुख्यमंत्री कौन बनेगा और कितने समय तक रहेगा, इसका फैसला न किसी वायरल वीडियो से होता है और न किसी राजनीतिक नारे से। यह निर्णय चुनाव में मतदाता अपने वोट से करता है। फिर भी यह वायरल वीडियो एक संकेत अवश्य देता है कि उत्तराखंड की राजनीति में 2027 का चुनावी नैरेटिव अब धीरे-धीरे आकार लेने लगा है। आने वाले समय में भाजपा अपनी उपलब्धियों के आधार पर जनादेश मांगेगी, जबकि विपक्ष सरकार के प्रदर्शन को मुद्दा बनाएगा। ऐसे में डिजिटल दावे, राजनीतिक प्रतीक और चुनावी संदेश आने वाले महीनों में और अधिक तीखे होने की संभावना है।
July 10, 2026टिहरी। पुलिस ने तीन लाख रूपये की स्मैक के साथ दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कीर्तिनगर के नेतृत्व में कीर्तिनगर पुलिस ने नशा तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए दो स्मैक तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 8.95 ग्राम अवैध स्मैक (अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख) बरामद की है। कोतवाली कीर्तिनगर पुलिस द्वारा मलेथा बैरियर क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस टीम द्वारा दोनों को रोककर नियमानुसार तलाशी ली गई, जिसमें उनके कब्जे से कुल 8.95 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पूछताछ के दौरान दोनों बरामद स्मैक के संबंध में कोई वैध दस्तावेज अथवा संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके। जिस पर पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ को कब्जे में लेते हुए दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों पहाड़ी क्षेत्रों में स्मैक की आपूर्ति कर युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस द्वारा अब इस पूरे नशा तस्करी नेटवर्क, सप्लाई चेन एवं इसमें संलिप्त अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ एवं जांच की जा रही है, ताकि इस अवैध कारोबार में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अंकित डोभाल पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी कीर्तिनगर व रूद्र राणा पुत्र गम्भीर सिंह राणा निवासी सेमरपुर रतूडी रूद्रप्रयाग हाल निवासी श्रीनगर गढवाल बताया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
July 10, 2026कांग्रेस में 2027 विस चुनाव से पहले संगठन पर कसा केंद्रीय नेतृत्व ने शिकंजा गुटबाजी, टिकट की दौड़ और नेतृत्व के समीकरणों पर है पैनी नजर राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुटबाजी पर लगाम और चुनाव की तैयारी देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में जब भी कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का दौरा तय होता है, तो यह महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होता। यह संकेत होता है कि दिल्ली अब उत्तराखंड की राजनीति को केवल देख नहीं रही, बल्कि उसे अपनी रणनीति के अनुसार आकार देना चाहती है। 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन कांग्रेस के भीतर चुनाव शुरू हो चुका है। यह चुनाव भाजपा के खिलाफ कम और कांग्रेस के भीतर नेतृत्व, संगठन, टिकट और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई ज्यादा दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि वेणुगोपाल का दौरा कई नेताओं के लिए अवसर भी है और परीक्षा भी।उत्तराखंड कांग्रेस वर्षों से एक ही बीमारी से जूझ रही है चुनाव आते ही कार्यकर्ताओं से ज्यादा दावेदार सक्रिय हो जाते हैं। बूथ कमजोर रहता है और नेताओं के खेमे मजबूत हो जाते हैं। परिणाम यह होता है कि जनता के बीच लड़ाई लड़ने से पहले पार्टी अपने भीतर ही उलझ जाती है। ऐसे में वेणुगोपाल का दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दिल्ली अब यह जोखिम दोहराना नहीं चाहती। राष्ट्रीय नेतृत्व जानता है कि यदि संगठन बिखरा रहा, तो सत्ता विरोधी माहौल भी कांग्रेस के लिए पर्याप्त नहीं होगा। भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका बूथ नेटवर्क और चुनावी मशीनरी है। कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती उसका संगठनात्मक ढांचा है। भाजपा चुनाव से महीनों पहले बूथ पर पहुंच जाती है, जबकि कांग्रेस अक्सर टिकट घोषित होने के बाद पूरी ताकत से मैदान में उतरती है।यदि कांग्रेस को 2027 में मुकाबला करना है, तो उसे भाषणों से ज्यादा संगठन पर निवेश करना होगा। यही कारण है कि वेणुगोपाल की प्राथमिकता संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ता-आधारित राजनीति मानी जा रही है। कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले टिकट की दावेदारी हमेशा संगठन पर भारी पड़ती रही है। कई सीटों पर एक ही टिकट के लिए अनेक दावेदार सक्रिय रहते हैं। यदि समय रहते इस प्रतिस्पर्धा का प्रबंधन नहीं हुआ, तो असंतोष चुनावी नुकसान में बदल सकता है। संभव है कि राष्ट्रीय नेतृत्व इस बार प्रदर्शन, जनाधार और संगठनात्मक सक्रियता को अधिक महत्व देने की कोशिश करे। हालांकि अंतिम फैसला भविष्य में ही होगा, लेकिन संगठन को अनुशासित रखने का संदेश अभी से दिया जा सकता है।कांग्रेस के सामने केवल सरकार की आलोचना करना पर्याप्त नहीं होगा। मतदाता अब यह भी जानना चाहता है कि विकल्प क्या है। बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य, शिक्षा, भू-कानून, मूल निवास और पहाड़ी अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर ठोस और विश्वसनीय रोडमैप के बिना केवल सत्ता विरोधी राजनीति सीमित असर छोड़ सकती है। यदि वेणुगोपाल के दौरे के बाद कांग्रेस इन मुद्दों पर एक स्पष्ट और संगठित अभियान खड़ा करती है, तो चुनावी मुकाबला अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है। उत्तराखंड कांग्रेस में यह धारणा लंबे समय से रही है कि बड़े संगठनात्मक फैसलों पर दिल्ली की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए वेणुगोपाल का दौरा स्वाभाविक रूप से राजनीतिक संदेश लेकर आता है। कार्यकर्ताओं की नजर इस बात पर रहेगी कि संगठनात्मक दिशा, अभियान और समन्वय को लेकर क्या संकेत दिए जाते हैं।वेणुगोपाल का उत्तराखंड दौरा केवल कैलेंडर का एक कार्यक्रम नहीं है। यह कांग्रेस के लिए एक परीक्षा है क्या वह गुटों की राजनीति से ऊपर उठकर संगठन को प्राथमिकता दे पाएगी? यदि जवाब हाँ है, तो 2027 का चुनाव अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि जवाब नहीं है, तो सत्ता विरोधी माहौल भी कांग्रेस के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
July 10, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उघोग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तराखंड की विकास यात्रा में सहयोग करने की अपील की है।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ट्टउत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए, उघोग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तराखंड की विकास यात्रा में सहयोग करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कॉर्पाेरेट जगत के प्रतिनिधियों, विभिन्न केंद्रीय उपक्रमों के अधिकारियों, सीएसआर पार्टनर्स, उघोग एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे धर्म ग्रंथों में भी लिखा गया है कि तीर्थ स्थलों पर किए गए दान पुण्य का विशेष महत्व है। इसलिए कॉरपोरेट समूहों द्वारा देवभूमि उत्तराखंड में, सीएसआर के तौर पर दिए गए योगदान का महत्व भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में जन्म लेना का अवसर तो ईश्वर देता है, लेकिन हर कोई देवभूमि में कर्म कर अपना योगदान दे सकता है। इसलिए सभी लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत से समूह सीएसआर के तहत शानदार काम कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में स्थापित अन्य समूहों से भी अपना सीएसआर उत्तराखंड में ही खर्च करने की अपील की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये कार्यक्रम कोई औपचारिक बैठक नहीं बल्कि देवभूमि उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक साझा संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कौशल विकास, सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए किए गए हैं। साथ ही देश के प्रतिष्ठित कॉर्पाेरेट समूहों ने उत्तराखंड के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा भी की है। इस मौके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की अपनी विशिष्ट परिस्थितियाँ हैं, उत्तराखंड एक पर्वतीय और सीमांत प्रदेश है। यहां की पारिस्थितिकी अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए इस राज्य की विकास संबंधी चुनौतियाँ भी अन्य राज्यों से भिन्न हैं। यहां ज्यादा संसाधन और मेहनत खर्च करनी पड़ती है। इसलिए हमारे लिए ष्समग्र विकासष् का अर्थ केवल सड़कें, भवन और आधारभूत संरचनाएँ खड़ी करना ही नहीं है बल्कि रोजगार सृजन, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच समन्वय स्थापित करना है। इसलिए राज्य को ऐसा विकास चाहिए जो पहाड़ों की संवेदनशीलता का सम्मान करे, साथ ही जंगलों और नदियों को भी सुरक्षित रखने के साथ ही युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति में कॉरपोरेट जगत का अनुभव, संस्थागत क्षमता, आधुनिक प्रबंधन श्ौली और सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके साथ—साथ, उत्तराखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्सश् तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, अपर सचिव मनमोहन मैनाली शामिल हुए।
July 10, 2026उधमसिंहनगर। बाइक चोरी में लिप्त तीन शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनके कब्जे से चोरी की बाइक बरामद की गयी है।जानकारी के अनुसार बीती 4 जून को उत्तराखण्ड पुलिस मोबाइल एप के माध्यम से अंकुश प्रजापति निवासी जगतपुरा वार्ड नंबर—6 रुद्रपुर द्वारा ऑनलाइन ई—एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसमें बताया गया कि दिनांक 2 जून 2026 की रात्रि लगभग 10.30 बजे उसने अपनी बाइक अपने घर के बाहर खड़ी की थी। अगले दिन तड़के जब उसने वाहन को देखा तो वह अपने स्थान पर मौजूद नहीं थी। घटना के संबंध में पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक करने पर तीन अज्ञात युवक मोटरसाइकिल चोरी करते हुए दिखाई दिए। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी गयी। चोरों की तलाश में जुटी पुलिस टीम द्वारा बीती रात एक सूचना के आधार पर क्षेत्र में चैकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान रात में पुलिस को परशुराम चौक से आनन्दपुर रोड की ओर सड़क किनारे बिना नम्बर प्लेट लगी एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर तीन युवक बैठे दिखाई दिए। पुलिस द्वारा जब उन्हें रोककर पूछताछ करने का प्रयास किया गया तो पुलिस को देखकर तीनों युवक मौके से भागने लगे। जिस पर पुलिस ने उन्हे घेर कर दबोच लिया। जांच के दौरान उक्त मोटरसाइकिल चोरी की पाई गई, जिसकी पुष्टि थाना ट्रांजिट कैम्प में दर्ज मुकदमें से हुई। पूछताछ में उन्होने अपना नाम अंश खत्री उर्फ अक्की पुत्र भानुप्रताप खत्री निवासी शिवपुरी अम्बेडकर नगर थाना कठघर जनपद मुरादाबाद उत्तर प्रदेश, हाल निवासी गौला गेट राजपुर हल्द्वानी जनपद नैनीताल, रजत पुत्र पप्पू सिंह निवासी कुमाऊं कॉलोनी दमुवाढूंगा थाना काठगोदाम जनपद नैनीताल, हाल निवासी किरायेदार बद्रीपुरा आनन्दबाग थाना कोतवाली हल्द्वानी जनपद नैनीताल, कमल मौर्य पुत्र मोहन लाल मौर्य निवासी ग्राम बल्ली पोस्ट बल्ली तहसील मीरगंज थाना शीशगढ़ जनपद बरेली उत्तर प्रदेश, हाल निवासी छड़ैल चौराहा थाना मुखानी जनपद नैनीताल बताया। जिस पर पुलिस ने उन्हे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया है।