July 25, 2026मांगा धनसिंह रावत का इस्तीफा, हुए गिरफ्तार देहरादून। राजधानी देहरादून में हुए पेपर लीक के मामले में कांगेे्रेस ने तकनीकि विश्वविघालय का घेराव करते हुए शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता ट्टपीएम—सीएम वीक है, तभी तो पेपर लीक है’ के नारे लगा रहे थे। जिसके बाद पुलिस द्वारा सभी को गिरफ्तार कर पुलिस लाईन लेकर आया गया।आज यहां कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता प्रेमनगर स्थित तकनीकि विश्वविघालय का घेराव करने पहुंचे जहां पर उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत के इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि विश्वविघालय के दो पेपर लीक हो गये है जिसके लिए विश्वविघालय के वाइस चांसलर को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यूटीयू प्रशासन मुर्दाबाद के जमकर नारेबाजी की और कहा कि पेपर लीक की सरकार नहीं चलेगी—नहीं चलेगी, उन्होने नारेबाजी करते हुए कहा कि ट्टपीएम सीएम वीक है तभी तो पेपर लीक है। उनका कहना था कि भाजपा सरकार में पेपर लीक हो रहे हैं लेकिन कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने से छात्रों का भविष्य के साथ खिलवाड किया जा रहा है जिसको कांग्रेस पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी और इसलिए आज कांग्रेस कार्यकर्ता सडक पर आया है कांग्रेस कार्यकर्ता हर लडाई के लिए तैयार हैं।इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, डा. हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, सूर्यकांत धस्माना, लालचंद शर्मा, आर्यन्द्र शर्मा, मदन लाल, वीरेन्द्र पोखरियाल, राजीव महार्षि सहित बडी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे। जिसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर पुलिस लाईन लेकर आयी
July 25, 202612 फीसदी बढ़ा कुल जीएसटी संग्रहण, प्रमुख सचिव ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा देहरादून। प्रदेश में राज्य कर विभाग ने जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में नेट एसजीएसटी संग्रहण में 24 फीसदी की वृद्धि हुई है। जबकि नॉन-जीएसटी संग्रहण में 12 प्रतिशत और कुल संग्रहण में 22 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।राज्य कर विभाग की शनिवार को प्रमुख सचिव आर के सुधांशु की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में जीएसटी संग्रहण, कर अनुपालन, विभागीय कार्यों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। बताया गया कि अप्रैल से जून 2026 की अवधि में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में नॉन-जीएसटी संग्रहण ₹658 करोड़ से बढ़कर ₹740 करोड़ हो गया है, जो 12 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में नेट एसजीएसटी संग्रहण ₹2,457 करोड़ से बढ़कर ₹3,056 करोड़ हो गया है, जो 24 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी प्रकार कुल संग्रहण ₹3,115 करोड़ से बढ़कर ₹3,796 करोड़ हो गया है, जिसमें 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।बैठक में केंद्रीय खुफिया इकाई (CIU) के कार्यों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में CIU के माध्यम से ₹12.92 करोड़ की वसूली की गई थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून 2026 तक ₹16.48 करोड़ की वसूली दर्ज की गई है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 27.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।प्रमुख सचिव ने जीएसटी संग्रहण में हुई प्रगति को बनाए रखते हुए आगामी अवधि में इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर अनुपालन को बढ़ावा देने और विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उपलब्ध आंकड़ों और तकनीक का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया।प्रमुख सचिव ने विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि करदाताओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और जीएसटी अनुपालन को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।बैठक में विशेष जांच शाखा (SIB), मोबाइल स्क्वाड और ऑडिट कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने सभी संबंधित इकाइयों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।बैठक में होटल और रेस्टोरेंट सेवाओं, वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट सहित विभिन्न क्षेत्रों में जीएसटी अनुपालन की स्थिति और विभाग की आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए जीएसटी संग्रहण और अनुपालन को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर वित्त सचिव दिलीप जावलकर, आयुक्त राज्यकर प्रतीक जैन, अपर सचिव/अपर आयुक्त महमोहन मैनाली, अपर सचिव/अपर आयुक्त अनिल सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
July 25, 2026देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि कंसल्टेंट्स को फीस लमसम में दिए जाने हेतु पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।आज यहां मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान समिति द्वारा विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई। मुख्य सचिव ने पंपिंग पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव को सतत् और किफायती बनाए रखने के लिए सॉलर पावर से संचालित किए जाने की संभावना तलाशते हुए प्रस्ताव में शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पंपिंग पेयजल परियोजनाओं के निर्माण में सोलराइजेशन की संभावनाओं को अनिवार्य रूप से तलाश जाए। उन्होंने नियोजन विभाग को इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी किए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने विभागों द्वारा अभी भी कंसल्टेंट्स को दी जाने वाली फीस, प्रोजेक्ट कॉस्ट के प्रतिशत के रूप में दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कंसल्टेंट्स को फीस लमसम में दिए जाने हेतु पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में किया गया शासनादेश पुनः विभागों को प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रोजेक्ट या प्रोजेक्ट के किसी भाग में लागत में अप्रत्याशित बढ़त के मामलों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस एजेंसी द्वारा गलत आंकलन किए जाने के कारण लागत में बढ़ोतरी हुयी है, उस एजेंसी पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने नियोजन विभाग को, लोक निर्माण विभाग के मार्गदर्शन में कॉस्ट वेरिएशन के लिए गाइडलाइन तैयार किए जाने के निर्देश दिए। इससे परियोजनाओं की लागत में अनावश्यक बढ़ोत्तरी को रोक जा सकेगा। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में आयुष की दृष्टि से काफी संभावना है, इस दिशा में अच्छे प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाएं, प्रोजेक्ट की लोकेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने गरुड़ (बागेश्वर) में आईटीआई के प्रस्ताव पर आसपास हॉस्टल की व्यवस्था भी सुनिश्चित किए जाने की बात कही। कहा कि इससे आईटीआई में एडमिशन लेने वाले छात्रों को काफी सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी एवं सी. रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
July 25, 2026देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) से लोक भवन में सचिव, सूचना प्रौघोगिकी (आईटी) नितेश कुमार झा ने शिष्टाचार भेंट की।आज यहां राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) से लोक भवन में सचिव, सूचना प्रौघोगिकी (आईटी) नितेश कुमार झा ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने सचिव से डिजिटल नवाचार, प्रशासनिक दक्षता तथा नागरिक सेवाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की। राज्यपाल ने कहा कि सूचना प्रौघोगिकी का प्रभावी उपयोग न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाता है, बल्कि नागरिकों तक सेवाओं की त्वरित, सरल एवं सुगम पहुंच भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने राज्य में नवाचार, डिजिटल गवर्नेंस तथा तकनीक आधारित कार्यसंस्कृति को और अधिक प्रोत्साहित करने पर बल दिया। इस अवसर पर अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित रहीं।
July 25, 2026देहरादून। पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेल रहे तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हजारों की नगदी व ताश के पत्ते बरामद किये। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा वर्तमान में सम्पूर्ण राज्य में चल रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत सभी अधीनस्थों को अपने—अपने क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगोेंं को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में अलग—अलग पुलिस टीमों द्वारा सभी थाना क्षेत्रों लगातार सघन चौकिंग अभियान चलाते हुए ऐसे लोगों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। प्रेम नगर पुलिस को गोपनीय माध्यम से प्रेम नगर दशहरा ग्राउंड में अवैध जुए के संचालित होने की सूचना प्राप्त हुयी, जिस पर तत्काल प्रेमनगर पुलिस द्वारा रात्रि में दशहरा ग्राउंड में दबिश देते हुये मौके पर जुआ खेल रहे 03 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से जुए में लगाई गयी 17400 रूपये की नगदी तथा ताश की गड्डी बरामद हुई। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम राव वीरेन्द्र पुत्र राधेश्याम यादव निवासी — नौबिजडी गांव, थाना जैसर, जिला गंगानगर, राजस्थान, धु्रव भारद्वाज पुत्र मनीष भारद्वाज निवासी पीडी टण्डनमार्ग लक्ष्मण चौक, थाना कोतवाली नगर, देहरादून, सुगम वर्मा पुत्र राजेश कुमार वर्मा निवासी शिव कालोनी, कोतवाली पटेलनगर बताया। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
July 25, 2026धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी को भेजी इस्तीफे की चिट्ठी जंतर-मंतर पर काकरोच संग्राम के बाद बड़ा फैसला पीएमओ से अभी तक नहीं हो पाई है इसकी कोई भी पुष्टि नई दिल्ली। राजधानी के जंतर—मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहे अनोखे प्रदर्शन के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिक्षा नीति और पेपर लीक विवादों के बीच, जंतर—मंतर पर शुरू हुए काकरोच संग्राम ने ऐसा तूल पकड़ा कि आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफे की पेशकश करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक चिट्ठी भेजकर अपना पद छोड़ने की इच्छा जताई है।दरअसल, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस बार विरोध का एक बेहद अजीब तरीका निकाला। छात्रों ने आरोप लगाया था कि देश की परीक्षा प्रणाली में दीमक और काकरोच की तरह भ्रष्टाचार घर कर चुका है। इसके विरोध स्वरूप जंतर—मंतर पर हजारों की संख्या में प्रतीकात्मक काकरोच के पोस्टर, कट—आउट और डिब्बों में बंद काकरोच लाकर अनोखा प्रदर्शन किया गया। काकरोच हटाओ, परीक्षा बचाओ के नारों से पूरा जंतर—मंतर गूंज उठा। इस अजीबोगरीब प्रदर्शन ने न केवल मीडिया का ध्यान खींचा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह संग्राम ट्रेंड करने लगा, जिससे सरकार पर भारी नैतिक दबाव बन गया।प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा है कि वह छात्रों के आक्रोश और जंतर—मंतर पर बने हालात से बेहद आहत हैं। परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना मेरी सर्वाेच्च प्राथमिकता थी। लेकिन जिस तरह से छात्रों का विश्वास डगमगाया है और जिस तरह के विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं, उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मैं अपने पद से त्यागपत्र दे रहा हूँ। धर्मेंद्र प्रधान के इस अप्रत्याशित कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।विपक्षी दलों ने इसे छात्र शत्तिQ की जीत करार देते हुए कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से बात नहीं बनेगी, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र को ध्वस्त कर नए सिरे से बनाना होगा। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री कार्यालय ने फिलहाल इस चिट्ठी पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। खबर लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि प्रधानमंत्री ने इस्तीफा स्वीकार किया है या नहीं। फिलहाल, जंतर—मंतर पर छात्रों का जमावड़ा बना हुआ है और सबकी नजरें अब पीएमओ के अगले कदम पर टिकी हैं। यहां यह बात उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्रालय ने कहा कि कॉकरोज जनता पार्टी के आंदोलन में किसी प्रकार की विदेशी फंडिग की हमें जानकारी नहीं है।यह लोकतंत्र है। उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया है। लेकिन हमारी अभी दो और मांगें हैं। हम ऐसे नहीं रुकेंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है। लेकिन जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा मिलना चाहिए। उन्हें यह मिलना ही चाहिए। सभी प्रभावित परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाए। दूसरी मांग यह है कि 20 तारीख़ को कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ़ भी कार्रवाई होनी चाहिए। याद रखिए, कॉकरोच से पंगा मत लेना। अभिजीत दिपकेसंस्थापक, CJP