July 17, 20262023 के प्रारंभ में थे विशेष न्यायालयों में 368 लम्बित केस 2026 के प्रारंभ में बढ़कर हुये 506 सूचना के अधिकार से हुआ खुलासा काशीपुर/देहरादून। उत्तराखंड सरकार भले ही भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेन्स का कितना ही दावा करें लेकिन उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के आरोपियों के लम्बित मुकदमों में लगातार वृद्धि हो रही हैं। वर्ष 2023 के प्रारंभ में उत्तराखंड के भ्रष्टाचार के तीन विशेष न्यायालयों में लम्बित भ्रष्टाचार के केसों की संख्या 368 थी वह 2025 के अंत/2026 के प्रारंभ में बढ़कर 506 हो गयी है। यह जानकारी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लोक सूचना अधिकारी द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ है।काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लोेक सूचना अधिकारी से उत्तराखंड के भ्रष्टाचार निवारण सम्बन्धी विशेष न्यायालयों में लंबित केसों व लंबित केसों से सम्बन्धित विवरण की सूचना चाही थी। जिसके उत्तर में 2026 में पत्रांक 946 से राज्य लोक सूचना अधिकारी/ज्वाइंट रजिस्टर एच.एस. जीना ने सूचना उपलब्ध करायी है। इससे पूर्व 2024 तथा 2025 में भी सम्बन्धित विवरणों की सूचना तत्कालीन लोक सूचना अधिकारियों द्वारा उपलब्ध करायी गयी है।उपलब्ध 31—12—25 के भ्रष्टाचार निवारण से सम्बन्धित अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित व निस्तारित केसों के विवरण के अनुसार 31 दिसम्बर 2025 को उत्तराखंड के 3 भ्रष्टाचार निवारण विशेष न्यायालयों में कुल 506 केस लंबित थे। इसमें अपर जिला स्पेशल जज एन्टी भ्रष्टाचार करप्शन (सी.बी.आई.) देहरादून न्यायालय में 64, चतुर्थ अपर जिला जज/स्पेशल जज एन्टी करप्शन (विजिलेंस) देहरादून में 248 केस तथा द्वितीय अपर जिला जज एन्टी करप्शन हल्द्वानी में लंबित 194 केस शामिल है। वर्ष 2023 की प्रथम तिमाही के विवरण के अनुसार 2023 के प्रारंभ में कुल 368 केस लंबित थे जिसमें सी.बी.आई. कोर्ट देहरादून में 48, विजिलेंस कोर्ट देहरादून में 192 तथा हल्द्वानी में 128 केस शामिल थे। वर्ष 2023 में कुल 98 केस नये दायर हुये तथा केवल 33 केसों का निपटारा हुआ। 2023 के अंत में बढ़कर लंबित केसों की संख्या 433 हो गयी। वर्ष 2024 में कुल 79 केस नये दायर हुये तथा केवल 32 केसों का निपटारा हुआ 2025 के अंत में बढ़कर लंबित केसों की संख्या 480 हो गयी। वर्ष 2025 में 48 केस दायर हुुये 22 निपटारा हुये तथा लंबित केसों की संख्या 506 हो गयी।उपलब्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के हाईकोर्ट में लंबित व निस्तारित केसों के विवरण के अनुसार वर्ष 2023 के प्रारंभ में कुल 226 केस लंबित थे जिसमें 183 अपील, 16 रिवीजन, 27 विविध प्रार्थना पत्र धारा 482 शामिल थे। वर्ष 2023 के अंत में बढ़कर 249 हो गये जिसमें 199 अपील, 16 रिवीजन, 34 विविध प्रार्थना पत्र शामिल थे। वर्ष 2024 के अंत में बढ़कर कुल 294 हो गये जिसमें 200 अपील, 40 रिवीजन तथा 36 विविध प्रार्थना पत्र धारा 482, 8 विविध प्रार्थना पत्र धारा 528 तथा 10 जमानत प्रार्थना पत्र शामिल थे। वर्ष 2025 के अंत तथा 2026 के प्रारंभ में हाईकोर्ट में भ्रष्टाचार सम्बन्धी लंबित केसों की संख्या कुछ कम होकर 290 हो गयी इसमें 201 अपील, 23 रिवीजन तथा 34 विविध प्रार्थना पत्र धारा 482 तथा 29 विविध प्रार्थना पत्र धारा 528 तथा 3 जमानत प्रार्थना पत्र शामिल थे।
July 17, 2026उत्तराखंड दौरे से कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश छात्रों की गूंज से कांग्रेस देगी राजनीतिक संदेश युवाओं के मुद्दों पर सीधे मैदान में उतरेगा विपक्ष देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 भले अभी कुछ समय दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा कांग्रेस के लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन में नई ऊर्जा भरने वाला अवसर बन गया है। लंबे समय बाद ऐसा देखने को मिला कि प्रदेश कांग्रेस का लगभग पूरा संगठन एक ही मंच पर सक्रिय और उत्साहित दिख रहा है। राहुल गांधी के देहरादून आगमन और छात्रों की गूंज कार्यक्रम ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा कर दिया है। कांग्रेस भले इस कार्यक्रम को छात्रों के मुद्दों पर संवाद बता रही हो, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके जरिए पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह आगामी चुनाव में बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा और युवाओं के भविष्य को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है।उत्तराखंड में लंबे समय से बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर असंतोष रहा है। कांग्रेस इन्हीं मुद्दों को सरकार के खिलाफ राजनीतिक हथियार बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। राहुल गांधी के दौरे का सबसे बड़ा असर संगठनात्मक स्तर पर देखने को मिलेगा। पिछले कुछ समय से गुटबाजी और निष्क्रियता के आरोप झेल रही प्रदेश कांग्रेस में इस कार्यक्रम के बहाने नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ गई है। जिला इकाइयों से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक तैयारियों में जुटा दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं का मानना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रिय मौजूदगी से संगठन में मनोबल बढ़ा है और चुनावी तैयारियों को गति मिलेगी।हालांकि राजनीतिक पर्यवेक्षक यह भी मानते हैं कि किसी एक दौरे से संगठन की पुरानी चुनौतियां स्वतः समाप्त नहीं हो जातीं। कांग्रेस के सामने अभी भी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना, गुटीय मतभेदों को कम करना और एकजुट चुनावी रणनीति बनाना जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। राहुल गांधी के दौरे को भाजपा ने राजनीतिक कार्यक्रम करार देते हुए उस पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस युवाओं के मुद्दों का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस का रिकार्ड भी जनता के सामने है। यानी राहुल गांधी के दौरे ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह जितना बढ़ाया है, उतना ही भाजपा को भी अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज करने का अवसर दिया है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तराखंड का चुनाव केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा। राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रियता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस इस बार चुनावी तैयारी आखिरी समय पर नहीं, बल्कि काफी पहले से शुरू करना चाहती है। यदि राहुल गांधी भविष्य में भी उत्तराखंड का नियमित दौरा करते हैं और पार्टी युवाओं, महिलाओं, किसानों तथा पलायन जैसे स्थानीय मुद्दों पर लगातार अभियान चलाती है, तो कांग्रेस को संगठनात्मक लाभ मिल सकता है।राहुल गांधी के दौरे ने कांग्रेस में उत्साह का संचार जरूर किया है, लेकिन चुनाव केवल उत्साह से नहीं जीते जाते। उत्साह को संगठन में, संगठन को जनसमर्थन में और जनसमर्थन को वोट में बदलना सबसे कठिन राजनीतिक परीक्षा होती है। उत्तराखंड की राजनीति में यह अक्सर देखा गया है कि बड़े नेताओं की सभाओं में उमड़ने वाली भीड़ हमेशा चुनावी परिणामों में नहीं बदलती। इसलिए कांग्रेस के लिए यह दौरा शुरुआत तो माना जा सकता है, लेकिन मंजिल नहीं।राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा कांग्रेस के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त और संगठनात्मक ऊर्जा का स्रोत बनकर उभर सकता है। इससे कार्यकर्ताओं में जोश लौटेगा और पार्टी को एक नया चुनावी नैरेटिव गढ़ने का अवसर मिलेगा। अब यह कांग्रेस की रणनीति और संगठनात्मक क्षमता पर निर्भर करेगा कि वह इस उत्साह को 2027 के विधानसभा चुनाव तक कितनी मजबूती से बनाए रख पाती है। फिलहाल इतना तय है कि राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे ने उत्तराखंड कांग्रेस में नई हलचल पैदा कर दी है और यही हलचल आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति का तापमान तय करने में भूमिका निभा सकती है। राहुल गांधी पहुंचे दिवंगत कांग्रेसी नेता अमर मेहता के घर देहरादून। राहुल गांधी ट्टछात्रों की गूंज’ कार्यव्रQम से पहले दिवंगत कांग्रेसी नेता अमर सिंह मेहता के घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर मृतक की आत्मा की शांति की दुआ मांगी।आज यहां राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे ट्टछात्रों की गूंज’ के लिए दून पहुंचे। इस दौरान उनको ज्ञात हुआ कि कार्यव्रQम की तैयारियों के दौरान लौहे का पिलर गिरने से कांग्रेसी कार्यकर्ता अमर सिंह मेहता गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। जिनको सीएमआई अस्पताल पहुंचाया गया जहां पर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी। हादसे के बाद कार्यव्रQम स्थल पर अफरा तफरी मच गयी। अमर सिंह मेहता कांग्रेस महानगर कमेटी के महामंत्री आलोक मेहता के पिता थे। आज दोपहर राहुल गांधी जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचे और वहां से सीधे अमर सिंह मेहता के घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर मृतक अमर सिंह मेहता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
July 17, 2026गिरफ्तार लोगों मे महिला भी शामिल ठगे गए 4.55 लाख रुपये नकद, लग्जरी वाहन बरामद गिरोह के सदस्य `अघोरा’ नाम का यूट्यूब चैनल कर रहे थे संचालित हरिद्वार। `ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत बड़ी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने धार्मिक आस्था, तंत्र—मंत्र एवं अंधविश्वास का फायदा उठाकर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से ठगी गयी 4.55 लाख रूपये की नगदी, कार व तंत्र—मंत्र में प्रयुक्त मिटृी का छोटा मटका व ढक्कन (पीले कपड़े एवं रोली/कलावा से बंधा)बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार बीती रात थाना श्यामपुर पुलिस को सूचना मिली कि मन्नत ढाबा, चण्डी माता मंदिर के पास एंडेवर कार में सवार महिला व पुरुष एक व्यक्ति से 4,60,000 की धोखाधड़ी कर फरार हो गए हैं। सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल सभी पिकेट एवं चेक पोस्टों को अलर्ट मोड पर करते हुए क्षेत्र में व्यापक चैकिंग एवं नाकाबंदी कराई गई तथा संदिग्ध वाहन की तलाश के प्रयास शुरु किए गए। साथ ही आज सुबह पीड़ित विनोद कुमार निवासी सोनीपत (हरियाणा) के शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जांच में सामने आया कि ठगी के आरोपियो द्वाराअघोरा’ नाम से एक यूट्यूब चैनल संचालित किया जा रहा था जिसके माध्यम से ये गिरोह तंत्र—मंत्र, पूजा—पाठ एवं कथित चमत्कारों से संबंधित वीडियो अपलोड कर आमलोगों/ सोशल मीडिया यूजर्स को अपने झांसे में लेता था। इसी तरह गिरोह के झांसे में आकर हरियाणा निवासी पीड़ित को चण्डी देवी मंदिर के पास विशेष पूजा कराने के लिए बुलाया गया था जिसका खर्चा 4,60,000 रूपये बताया गया। तय योजना के अनुसार गिरोह के सदस्यों ने पीड़ित को एक लाल धागे से बंधा मिटृी का मटका देकर मंत्र जाप करने को कहा तथा नकदी से भरा बैग अपनी कार में रखवा लिया। इसके बाद पूजा की सामग्री लाने का बहाना बनाकर मौके से फरार हो गए। जिन्हे पुलिस ने आज सुबह माइनिंग चेक पोस्ट, चिड़ियापुर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ मेें उन्होने अपना नाम मलकीत उर्फ राकेश शर्मा उर्फ मोहित पुत्र श्रवण सिंह उर्फ नमो शान्त शर्मा, निवासी मोहल्ला चारजान, कस्बा मंडावर, जनपद बिजनौर हाल निवासी चन्द्रमणी, देहरादून, मोन्टी जोशी पुत्र मुनेश कुमार जोशी, निवासी सब्जी मंडी के पास, थाना पटेलनगर, देहरादून, व युवती निवासी थ्ौलीसैण जनपद पौड़ी गढ़वाल, हाल निवासी तुनुवाला, भद्रकाली, देहरादून बताया। पुलिस ने उनके पास से 4 लाख 55 हजार की नगदी, घटना में प्रयुक्त कार व तंत्र मत्र में प्रयुक्त सामान बरामद कर लिया है। पूछताछ में इस ठगी गिरोह के सदस्यों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया एवं यूट्यूब के माध्यम से लोगों में विश्वास पैदा कर उन्हें अंधविश्वास एवं भय का शिकार बनाते थे तथा पूजा—पाठ एवं तंत्र—मंत्र के नाम पर लाखों रुपये एवं आभूषण हड़प लेते थे।
July 17, 2026अल्मोड़ा। नगर के व्यस्त चौघानपाटा बाजार स्थित पार्क व्यू रेस्टोरेंट में बीते दोपहर एलपीजी गैस रिसाव के कारण अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे रेस्टोरेंट को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बाजार क्षेत्र में अफरा—तफरी मच गई। हालांकि समय रहते सभी ग्राहक, कर्मचारी और रेस्टोरेंट संचालक सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगते ही आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। पानी की बाल्टियों और फायर एक्सटिंग्विशरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया, जिससे आग का फैलाव कुछ हद तक रोका जा सका। सूचना मिलने पर लगभग आधे घंटे के भीतर फायर स्टेशन अल्मोड़ा की टीम आवश्यक अग्निशमन उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।जांच में आग लगने का कारण एलपीजी सिलेंडर से गैस रिसाव माना जा रहा है। गैस रिसाव के बाद आग तेजी से फैली और रेस्टोरेंट के भीतर रखा फर्नीचर, रसोई का सामान, विघुत उपकरण सहित अधिकांश सामग्री जलकर राख हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दमकल कर्मियों ने मिनी फायर इंजन से पंपिंग कर होज पाइप के माध्यम से आग बुझाने का अभियान चलाया। इस दौरान रेस्टोरेंट के भीतर मौजूद जलते हुए एलपीजी सिलेंडरों को अत्यंत सावधानी और सूझबूझ के साथ ठंडा कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। साथ ही लकड़ी की छत तक पहुंच चुकी आग को भी समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई के चलते आग आसपास की दुकानों और भवनों तक नहीं फैल सकी। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो चौघानपाटा बाजार में बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल अग्निशमन विभाग और संबंधित अधिकारी आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
July 17, 2026हरिद्वार। पुरानी रंजिश के चलते प्रधान पति ने देर रात अपने सगे भाई पर फायर झोंक दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। जबकि सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया जहंा उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।मामला कलियर कोतवाली क्षेत्र के बाजुहेड़ी गांव का है। यहंा देर रात पुरानी रंजिश के चलते प्रधान पति ने अपने सगे भाई को लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी। गोली लगने से 50 वर्षीय राजेश सैनी गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी।जानकारी के अनुसार बाजुहेड़ी गांव निवासी प्रधान पति किशोर सैनी और उनके भाई के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। बीती देर रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर किशोर सैनी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से राजेश पर गोली चला दी। गोली लगते ही राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। वारदात के बाद से आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
July 17, 2026जम्मू-। जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में कथित तौर पर एक व्यक्ति द्वारा सुरक्षाकर्मियों की सरकारी राइफल छीनने का प्रयास किए जाने के बाद हुई गोलीबारी में उसकी मौत हो गयी, जबकि विशेष अभियान समूह (एसओजी) के तीन जवान घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के संबंध में एक धार्मिक उपदेशक को हिरासत में लिया गया है।जम्मू कश्मीर में सरकारी राइफल छीनने की कोशिश नाकाम हालांकि, घटना से उसका क्या संबंध है, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद एसओजी की एक टीम बृहस्पतिवार को भद्रवाह कस्बे से लगभग 35 किलोमीटर दूर जाइ-गंडोह मार्ग पर घात लगाकर बैठी थी। उन्होंने बताया कि रात करीब साढ़े 11 बजे एसओजी टीम ने एक युवक को रोका, जिसने कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर उनकी सरकारी राइफल छीनने का प्रयास किया। अधिकारी ने कहा, ”हाथापाई के दौरान एसओजी के एक जवान ने गोली चला दी।इसमें युवक को गोली लगी, जबकि तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।” अधिकारियों के अनुसार, चारों को पहले भद्रवाह के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए डोडा के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। चिका गांव निवासी 30 वर्षीय आरिफ हुसैन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि मामले में एक धार्मिक उपदेशक को हिरासत में लिया गया है। एहतियात के तौर पर भद्रवाह शहर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि सेना ने जाइ क्षेत्र में तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है।