May 8, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन अस्पताल का लोकार्पण किया।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ—साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा—अर्चना कर प्रदेश की सुख—समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। कार्यक्रम में उपस्थित विधायक केदारनाथ श्रीमती आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह—सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, बद्री केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बद्री केदार उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, श्री केदार सभा के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मेंखडी, महा मंत्री अकिंत सेमवाल, संजय तिवारी, जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी, केशव बहुगुणा, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिक तोमर, उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, कर्नल अजय कोटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
May 8, 2026प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके निकटतम सहयोगी अमित शाह जिन्हें अब देश के नेता राजनीति का चाणक्य कहते हैं, के नेतृत्व में भाजपा निरंतर चुनावी जीत दर जीत दर्ज करती हुई उस मुकाम तक पहुंच चुकी है जहां कभी कांग्रेस हुआ करती थी। कांग्रेस की उस बुलंदी का कारण था उसका राजनीतिक एकाधिकार जहां उसे चुनौती देने वाला कोई दूसरा बड़ा प्रतिद्वंद्वी था ही नहीं लेकिन वर्तमान की भाजपा ने यह उपलब्धि लंबे संघर्ष तथा तमाम छोटे बड़े दलों की चुनौतियों का सामना करते हुए की है जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। लेकिन उसे उसकी राजनीतिक सफलताओं के लिए बधाई देने वाले भी इस बात को कहने से चूकते नहीं है कि उसने यह सफलता संवैधानिक व्यवस्थाओं और मान्यताओं तथा परंपराओं की बलि चढ़ा कर हासिल की है। यही कारण है कि विपक्षी दल और उनके नेताओं के लिए संविधान और लोकतंत्र बचाओ का मुद्दा 70 के दशक के आपातकाल जैसा ही अहम हो गया है। यह बात अलग है कि विपक्षी नेता अपने—अपने निजी स्वार्थो की प्रतिपूर्ति के चलते आपातकाल की तरह एकजुट नहीं हो सके हैं जिसका लाभ उठाते हुए भाजपा एक—एक कर क्षेत्रीय क्षत्रपों और राजनीतिक दलों को तहस—नहस करती चली जा रही है। पंजाब से अकाली दल महाराष्ट्र से शिवसेना, बिहार से जेडीयू तथा राजद यूपी से बसपा और दक्षिण भारत सहित देश के अन्य तमाम राज्यों से कितने दलों का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों ने जो इंडिया के नाम से एक संयुक्त मोर्चा बनाया था भले ही वह नीतीश कुमार और ममता बनर्जी जैसे नेताओं के अहम ने उसे सफल नहीं होने दिया हो लेकिन इसके बावजूद भी उसने 400 पार का नारा देने वाली भाजपा को 240 पर ही लाकर खड़ा कर दिया था मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और बिहार के सुशासन बाबू जो अब पूर्व सीएम हो चुके हैं उनका तथा उनके दलों का भविष्य क्या होगा यह तो आने वाला समय ही तय करेगा, हां उसे भाजपा को किए गए असाधारण सहयोग से मोदी की सरकार अपनी सफलता की नई कहानी लिखने में सफल जरूर रही है। आने वाले दिनों में पंजाब में चुनाव होना है जहां आप की सरकार है। इसके बाद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के चुनाव हैं देखना होगा कि दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार के बाद पश्चिम बंगाल में विजय पताका फहराने वाली भाजपा अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी को कितना नुकसान पहुंचाती है। जिस तरह तेजी से क्षेत्रीय क्षत्रपों का सफाया हो रहा है उतनी ही तेजी से भाजपा बुलंदियों की ओर अग्रसर है। विपक्ष के नेताओं को यह समझ ही नहीं आ रहा है कि यह हो क्या रहा है क्योंकि भाजपा ने उन्हें एसआईआर तथा स्टीन फाइल जैसे मुद्दों में या फिर नारी वंदन अधिनियम जैसे मुद्दों में उलझा रखा है। या फिर विपक्षी नेता सीबीआई और ईडी के फंदे से बचने की जोड़ जुगाड़ में ही लगे रहते हैं। इस सभी हालातो के बीच एक अहम सवाल यह है कि जिस लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है उसने भाजपा के वर्तमान चाल चरित्र और चेहरे को इस रूप में स्वीकार कर लिया है जैसी भाजपा और उसके नेता हैं? उसकी चुनावी जीत तो यही बताती है। अगर जनता को वह सब स्वीकार नहीं होता जो सत्ता में रहकर भाजपा के नेता या सरकारें कर रही हैं तो फिर उसे वह वोट क्यों देती? अगर यह सच नहीं है तो क्या वह सच है जिसमें ममता बनर्जी 100 सीटों की चोरी करने की बात कह रही है या फिर यह सच है कि देश से लोकतंत्र खत्म हो चुका है, आप भी इस पर मंथन कीजिए?
May 8, 2026देहरादून। इन्वेस्टमेन्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग के एक सदस्य को एसटीएफ ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। करोड़ों रूपये की इस ठगी प्रकरण में इस गैंग के मास्टर माइंड सहित अब तक 5 शातिरों की गिरफ्तारी हो चुकी है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि श्रीनगर, पौडी गढवाल के निवासी नागरिक द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अक्टूबर से दिसम्बर 2025 के मध्य अज्ञात साइबर ठगों (कथित रजत वर्मा व मीना भटृ आदि) द्वारा उसे एक लिंक के माध्यम से एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोडा गया था व प्रतिदिन 5 प्रतिशत से अधिक कमाने का झांसा देकर एक लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाया गया और निवेश के नाम पर विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से रुपये जमा करवाकर कुल लगभग 1,31,76,000/— (एक करोड़ इकतीस लाख छिहत्तर हजार रुपये) की धोखाधड़ी की गयी। कुछ समय पश्चात शिकायतकर्ता को स्वंय के साथ साइबर ठगी होने का आभास हुआ, जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण एवं विवेचना के आधार पर उक्त अपराध में संलिप्त अपराधियों को चिन्ह्ति कर तलाश जारी की गयी, विवेचना के दौरान जानकारी में आया कि उक्त साईबर अपराध में संलिप्त गैंग के महाराष्ट्र निवासी 3 सदस्य केन्द्रीय कारागार पटियाला में किसी अन्य अपराध में निरुद्ध हैं, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुये उक्त तीनों अपराधियों का वारण्ट बी प्राप्त कर देहरादून लाया गया व बीती 25 मार्च को इस मुकदमें में रिमाण्ड लेकर देहरादून जेल भेजा गया तथा संलिप्त एक अन्य अपराधी अरवाज सैफी को बीती 9 अप्रैल को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साईबर टीम द्वारा जांच में और तेजी लाते हुये उक्त अपराध में संलिप्त एक अन्य आरोपी रिंकू पुत्र किशोरी लाल निवासी जिला झुंझुनूं राजस्थान को चिन्हित कर उसकी तलाश प्रारंभ की गयी और इसी क्रम में आरोपी रिंकू को झुंझुनू राजस्थान से गिरफ्तार किया गया जिसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाईल फोन और सिम बरामद हुआ है। पीड़ित के साथ ठगी के रुपयों में से 2 लाख रूपये की धनराशि आरोपी रिंकू के बैंक खाते में बरामद हुई थी, जिसे उसके द्वारा तत्समय सेल्फ चेक के माध्यम से निकाला गया था। जांच से रिंकू के बैंक खाते के खिलाफ पूरे भारत वर्ष में कई शिकायतें दर्ज होना प्रकाश में आयी हैं जिनमें अब तक तेलंगाना, तमिलनाडू, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यो में 16 शिकायतें प्रकाश में आयी हैं।
May 8, 2026चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति इस समय अपने सबसे नाटकीय मोड़ पर खड़ी है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंका दिया, लेकिन सत्ता की कुर्सी अब भी उनसे दूर दिखाई दे रही है। इसी बीच पार्टी की ओर से आया एक बड़ा अल्टीमेटम पूरे राज्य में राजनीतिक भूचाल पैदा कर चुका है-अगर डीएमके या एआईडीएमके सरकार बनाने की कोशिश करती हैं, तो टीवीके के सभी 108 विधायक इस्तीफा दे देंगे।टीवीके का दावा है कि जनता ने सबसे ज्यादा सीटें देकर उन्हें सबसे बड़ा जनादेश दिया है, इसलिए संवैधानिक परंपरा के अनुसार राज्यपाल को पहले सरकार बनाने का मौका उन्हें देना चाहिए। लेकिन राज्यपाल ने विजय को साफ कह दिया कि बिना 118 विधायकों के समर्थन पत्र के उन्हें शपथ की अनुमति नहीं दी जा सकती। यहीं से सियासी टकराव और तेज हो गया। टीवीके अब इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रही है और अदालत जाने की तैयारी में है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पर्दे के पीछे डीएमके और एआईडीएमके मिलकर उन्हें सत्ता से दूर रखने की रणनीति बना रही हैं।तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से एक-दूसरे की सबसे बड़ी दुश्मन रही डीएमके और एआईडीएमके के बीच संभावित समझौते की खबर ने सभी को हैरान कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, एक ऐसा फॉर्मूला चर्चा में है जिसमें एडप्पादी के. पलानीस्वामी मुख्यमंत्री बन सकते हैं और एमके स्टालिन की डीएमके बाहर से समर्थन दे सकती है।एआईडीएमके फिलहाल खुलकर कोई कदम नहीं उठा रही, लेकिन पार्टी ने अपने विधायकों को चेन्नई में रुकने और सतर्क रहने को कहा है। अंदरखाने यह चर्चा जरूर तेज है कि पार्टी टीवीके के साथ जाएगी या डीएमके के साथ कोई नई रणनीति बनाएगी। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने टीवीके से गठबंधन की संभावना को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है।
May 7, 2026देवभूमि पर ‘अपनों’ का ‘दाग’ देवभूमि में संगठन-सत्ता के बीच पिस रही है कानून-व्यवस्था उत्तराखंड में महिला अपराधों ने बढ़ाया प्रदेश में सियासी पारा सूबे में बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा विपक्षी पूछ रहे हैं सवाल भाजपा नेताओं के नाम आने से गरमाया राजनीतिक माहौल देहरादून। उत्तराखंड में सत्ता, संगठन और कानून व्यवस्था कटघरे में है। चंपावत से लेकर हरिद्वार तक ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने सरकार की बेटी बचाओ के नारों पर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश में महिलाओं के विरु( अपराध और उनमें सत्ताधारी दल से जुड़े चेहरों की संलिप्तता ने प्रदेश के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद जनता के भीतर जो आक्रोश पैदा हुआ था, वह अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ कि नए मामलों ने फिर बहस छेड़ दी है।सबसे ताजा और चौंकाने वाला मामला मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र चंपावत से सामने आया है। यहाँ एक 10वीं की छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले में भाजपा के एक मंडल उपाध्यक्ष, एक पूर्व प्रधान और एक छात्र पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित एक दोस्त की मेहंदी की रस्म में गई थी, जहाँ से उसे बंधक बनाकर इस घृणित कार्य को अंजाम दिया गया। इससे पूर्व हरिद्वार में एक पूर्व भाजपा महिला मोर्चा नेत्री ने अपने ही प्रेमी और उसके साथियों को अपनी नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने की अनुमति दी। वही अल्मोड़ा के भाजपा ब्लाक प्रमुख भगवत बोरा पर एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था। मामला तब बढ़ा जब आरोपी ने पीड़िता के परिवार को धमकाने की कोशिश की।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले महिला सुरक्षा एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। खासतौर पर पहाड़ की महिलाओं और युवाओं के बीच यह भावना मजबूत हो रही है कि राजनीति में चरित्र और जवाबदेही पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। सवाल केवल किसी एक पार्टी या नेता का नहीं, बल्कि उस भरोसे का है जो जनता लोकतंत्र और शासन व्यवस्था पर करती है। सत्ता में बैठे लोग महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर कितने गंभीर हैं।उत्तराखंड में पिछले कुछ समय में सत्तारूढ़ भाजपा के कुछ नेताओं और उनके करीबियों पर गंभीर आरोप लगने का क्रम जारी हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में उबाल है। विपक्ष इन मुद्दों को कानून-व्यवस्था की विफलता बताकर सरकार को घेर रहा है। राजनैतिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में इन मुद्दों की आंच से भाजपा को नुकसान भी हो सकता है। इंसाफ की सबसे लंबी लड़ाईउत्तराखंड के इतिहास में सबसे ज्यादा चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मई 2025 में कोटद्वार कोर्ट ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य ;पूर्व भाजपा नेता का बेटाद्ध और उसके साथियों को दोषी करार दिया। हालांकि यह मामला हत्या का था, लेकिन इसमें स्पेशल सर्विस के नाम पर यौन उत्पीड़न के दबाव की बात सामने आई थी, जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया था।
May 7, 2026देहरादून। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि बेटी पढाओं, बेटी बचाव व नारी शक्ति वंदन भाजपा के केवल चुनावी जुमले हैं।आज यहां उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चम्पावत में 16 वर्षीय नाबालिग युवती के साथ हथियारों की नोक पर हुई सामूहिक बलात्कार की घटना को मानवता को शर्मसार करने वाली तथा देवभूमि उत्तराखंड की अस्मिता को कलंकित करने वाली घटना करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह के माध्यम से जारी बयान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि चम्पावत में सामूहिक बलात्कार की इस घृणित एवं शर्मनाक घटना से राज्य की गिरती कानून व्यवस्था, राज्य में महिलाओं के साथ लगातार बढते अपराध तथा महिला सुरक्षा के प्रति भाजपा सरकार की नाकामी उजागर हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह क्षेत्र चम्पावत में सामूहिक बलात्कार की इस घटना में भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत की संलिप्तता तथा राज्य में अब तक हुई बलात्कार एवं महिला अपराध की अधिकतर घटनाओं में सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े लोगों का नाम सामने आने से नारी शक्ति वंदन के नाम पर भाजपा की मातृशक्ति के प्रति झूठे दिखावे की पोल खोल कर रख दी है। मामले में सत्ताधारी दल के नेताओं की संलिप्तता के कारण राज्य पुलिस पर इस घटना में भी लीपापोती का दबाव बनाया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य में विगत 10 वर्ष के अन्तराल में महिलाओं एवं मासूमों से बलात्कार, हत्या जैसे जघन्य अपराध की घटनाओं की बाढ जैसी आई हुई है। राज्य में लगातार घट रही सामूहिक बलात्कार की घटनाएं मानवता को शर्मसार करने वाली तथा देवभूमि की अस्मिता को कलंकित करने वाली घटनाएं हैं। महिला अपराध की घटनाओं में उत्तराखण्ड राज्य सभी हिमालयी राज्यों में पहले स्थान पर पहुंच चुका है, परन्तु राज्य की धामी सरकार एवं नारी शक्ति वंदन का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा महिला अपराध की इन घटनाओं को रोकने की बजाय इस प्रकार के अपराध करने वालों की संरक्षक बनी हुई है। गोदियाल ने कहा कि चाहे अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के रूप में भाजपा नेताओं की भूमिका हो या भाजपा नेता पुत्र पुलकित आर्य की, हरिद्वार में अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म कराने का मामला भाजपा महिला मोर्चा पदाधिकारी अनामिका शर्मा से जुड़ा हुआ हो या द्वाराहाट में नाबालिग दलित युवती से बलात्कार मामले में मुख्य आरोपी भाजपा नेता प्रमोद बिष्ट, रूद्रपुर में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मे मुख्य आरोपी भाजपा नेता नरेन्द्र गंगवार हो या बहादराबाद में दलित युवती की बलात्कार एवं हत्या कांड में मुख्य आरोपी भाजपा नेता अमित सैनी, लालकुंआ नाबालिग बलात्कार कांड में मुख्य आरोपी भाजपा नेता, नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा या अल्मोड़ा में 14 वर्षीय नाबालिग से छेड़छाड कांड में मुख्य आरोपी भाजपा मंडल अध्यक्ष भगवत सिंह बोरा तथा रूद्रपुर में नाबालिग लड़की एवं उसकी मां से छेड़छाड़ मामले में मुख्य आरोपी भाजपा पार्षद शिव कुमार गंगवार हों या अब चम्पावत में सामूहिक बलात्कार की घटना में भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष पूरन ंिसंह रावत की। इन सभी प्रकरणों से ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तराखंड राज्य के सत्ताधारी दल के नेताओं की नजरों में मातृशक्ति केवल उपभोग की वस्तु मात्र है तथा नारी शक्ति वंदन और बेटी बचाओ—बेटी पढ़ाओ चुनावी जुमला। डॉ. प्रतिमा सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह क्षेत्र चम्पावत में नाबालिग युवती के साथ भाजपा नेता की अगुवाई में हुई सामूहिक बलात्कार की शर्मनाक घटना के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर प्रदेशभर के जिला एवं महानगर मुख्यालयों में 8 मई 2026 को विरोध—प्रदर्शन के साथ भाजपा सरकार का पुतला दहन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में महिला अस्मिता को लेकर बड़ा आन्दोलन किया जायेगा।