June 10, 2026पति—पत्नी व देवर पर मुकदमा दर्ज पांच आरोपियों को पूर्व में ही भेजा जा चुका है जेल देहरादून। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता एवं सत्यता की जांच के उपरान्त 4 जून को ऊधमसिंह नगर की काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मुकदमें की विवेचना के क्रम में कल देर रात्रि उत्तराखण्ड एसटीएफ व ऊधमसिंह नगर पुलिस ने ज्वाइंट ऑप्रेशन में कार्यवाही करते हुए काशीपुर क्षेत्र से 4 हथियार व 237 कारतूस एक स्विफ्ट कार से बरामद किये गये। जिन्हें एसटीएफ द्वारा काशीपुर कोतवाली में ले जाकर दाखिल कराया गया। मामले में जांच के दौरान पति—पत्नी व देवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि बरामद शस्त्र, कारतूस, कूटरचित लाइसेंस एवं वाहन मुकदमा उपरोक्त में नामजद आरोपी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल पुत्र राकेश अग्रवाल निवासी काशीपुर व दीप्ति अग्रवाल पत्नी सौरभ अग्रवाल निवासी काशीपुर के हैं। जिस सम्बन्ध में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।बताया कि एसटीएफ. द्वारा राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले की जांच की जा रही है और एसटीएफ द्वारा राज्य में इस सम्बन्ध में विभिन्न जनपदो में 3 मुकदमें दर्ज कर संलिप्त 5 आरोपियों को जेल भेजा गया है तथा अब तक 5 अवैध शस्त्र व फर्जी लाइसेंस बरामद किये जा चुके हैं।एसएसपी द्वारा बताया गया कि कल रात्रि एसटीएफ को काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार में भारी मात्रा में अवैध हथियार होने का गोपनीय इनपुट प्राप्त हुआ था जिस पर मेरे द्वारा टीम को निर्देशित किया गया था। टीम द्वारा स्थानीय पुलिस को साथ लेते हुए रात्रि में कार्यवाही करते हुए उक्त स्विफ्ट कार को कब्जे में लेते हुए उसके अन्दर से 4 अवैध हथियार व 237 कारतूस , 4 मैंगजीन व 7 कूटरचित लाइसेंस बरामद किये गये।उक्त के अतिरिक्त राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों एवं उनके धारकों का सत्यापन जारी है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे भी लगातार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति एवं कानून—व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
June 9, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा तैयार की गई `मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तक में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर संकलित किया गया है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के साथ—साथ स्वरोजगार, कौशल विकास, शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार नवाचार करें तथा शासनादेशों को भी आमजन की समझ के अनुरूप सरल भाषा में जारी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की कार्यश्ौली के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है और प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, महक क्रांति योजना, एरोमा वैली, मिशन एप्पल तथा अन्य रोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित कर रही है। इस मौके पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने कहा कि ये ऑडियो संस्करण, आकाशवाणी सहित अन्य रेडियो स्टेशन पर प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले विभाग मेरी योजना पुस्तक के चार संस्करण प्रकाशित कर चुका है। साथ ही इसका डिजिटल संस्करण भी जारी किया जा चुका है। इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।
June 9, 2026पुलिस ने जिनकी बचाई जान, वही निकले बाइक चोर टिहरी। बाइक चोरी मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवकों द्वारा बाइक चोरी के बाद भागने के प्रयास में एक्सीडेट कर दिया था। जिन्हे पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया था। बाद में पुलिस को पता चला था कि उक्त युवक ही बाइक चोर है।जानकारी के अनुसार बीती 7 जून की रात थाना घनसाली पुलिस को सूचना मिली कि चम्पुवा मंदिर के पास एक मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई है तथा दो युवक घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़े हैं। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में सड़क किनारे पाई गई। प्रथम दृष्टया मोटरसाइकिल का पहाड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होना प्रतीत हुआ। पुलिस द्वारा स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों घायलों को तत्काल उपचार हेतु सीएचसी बेलेश्वर, चमियाला भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया। घायलों ने अपना नाम अनुज सिंह राणा निवासी खटीमा तथा साहिल सिंह निवासी खटीमा बताया।वहीं अगले ही दिन 8 जून को स्थानीय निवासी वीर सिंह द्वारा थाना घनसाली में तहरीर देकर बताया गया कि उनकी बाइक बस स्टेशन घनसाली से चोरी हो गयी है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पिछली रात्रि दुर्घटनाग्रस्त हुई मोटरसाइकिल वही चोरी की गई मोटरसाइकिल थी तथा घायल हुए दोनों युवक ही उक्त चोरी की घटना में शामिल थे। चोरी की मोटरसाइकिल लेकर भागने के दौरान ही दोनों दुर्घटना का शिकार हो गए थे। जिस पर पुलिस टीम ऋषिेकेश एम्स पहुंची तो पता चला कि दोनों युवक पुलिस कार्रवाई के भय से अस्पताल से छुटृी लेकर फरार हो चुके हैं। जिसके बाद थाना घनसाली पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी गई तथा आरोपियों की तलाश हेतु सघन अभियान चलाया गया। अथक प्रयासों एवं प्रभावी सुरागरसी—पतारसी के फलस्वरूप बीती रात आरोपियों को बालगंगा डिग्री कॉलेज के पास चमियाला रोड से गिरफ्तार कर लिया गया है।
June 9, 2026पौड़ी। पौड़ी जनपद में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को खाण्ड्यूसैण—दीवार गांव के समीप गुलदार ने एक 50 वर्षीय महिला पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।स्थानीय लोगों के अनुसार महिला गांव के पास मौजूद थी, तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को दे दी गई है। विभागीय टीम मौके के लिए रवाना हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। साथ ही क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है। क्षेत्र में लगातार सामने आ रही गुलदार हमले की घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की मौजूदगी देखी जा रही थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
June 9, 2026भाजपा सत्ता की हैट्रिक के लिए बूथों को कर रही मजबूत कांग्रेस जनाक्रोश को राजनीतिक ताकत में बदलने की तैयारी भाजपा और कांग्रेस संगठन दे रहे चुनावी रण के लिए धार दलों में बूथ से लेकर सोशल मीडिया तक सक्रियता बढ़ी देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय शेष है, लेकिन प्रदेश की राजनीति में चुनावी आहट साफ सुनाई देने लगी है। सत्ता में काबिज भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने संगठनात्मक मोर्चे पर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि 2027 की लड़ाई केवल नेताओं के चेहरे या चुनावी घोषणाओं से नहीं, बल्कि संगठन की ताकत से तय होगी। भाजपा जहां लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का इतिहास रचने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस दस साल के वनवास को खत्म कर सत्ता में लौटने का सपना संजोए हुए है। ऐसे में दोनों दलों का फोकस संगठन को धारदार बनाने पर है।प्रदेश में भाजपा का संगठन इस समय बूथ सशक्तीकरण अभियान, लाभार्थी संपर्क और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पार्टी का सबसे बड़ा चुनावी चेहरा मानते हुए संगठन उनके नेतृत्व में चुनावी जमीन तैयार कर रहा है। भाजपा की कोशिश है कि समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, चारधाम परियोजना और निवेश जैसे मुद्दों को राजनीतिक उपलब्धि के रूप में जनता के बीच स्थापित किया जाए। दूसरी ओर कांग्रेस संगठन को फिर से जीवंत बनाने की चुनौती से जूझ रही है। पार्टी नेतृत्व यह मानकर चल रहा है कि बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की धीमी रफ्तार जैसे मुद्दे सत्ता विरोधी माहौल बना सकते हैं। इसी कारण कांग्रेस लगातार जनसभाओं, पदयात्राओं और मुद्दा आधारित आंदोलनों के जरिए जनता से जुड़ने का प्रयास कर रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे और लगातार बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस संगठन गांव-गांव तक अपनी पहुंच बढ़ाने और निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने का प्रयास कर रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तराखंड की राजनीति में संगठन हमेशा निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा ने मजबूत बूथ प्रबंधन और संगठनात्मक समन्वय के दम पर सत्ता बरकरार रखी थी। वहीं कांग्रेस को कई सीटों पर संगठनात्मक कमजोरी का नुकसान उठाना पड़ा था। यही कारण है कि इस बार कांग्रेस भी बूथ स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों दल युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म भी अब चुनावी रणक्षेत्र का अहम हिस्सा बन चुके हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों की आईटी और सोशल मीडिया टीमें लगातार सक्रिय दिखाई दे रही हैं।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले महीनों में संगठनात्मक फेरबदल, नई नियुक्तियां और बड़े नेताओं के दौरे बढ़ेंगे। चुनावी रणनीति का असली केंद्र अब गांव, बूथ और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनने जा रहे हैं। फिलहाल उत्तराखंड की राजनीति में एक नई प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है। यह प्रतिस्पर्धा जनसभाओं से ज्यादा संगठन की मजबूती को लेकर है। भाजपा और कांग्रेस दोनों समझती हैं कि 2027 की सत्ता की चाबी देहरादून, हरिद्वार या हल्द्वानी में नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं के हाथ में होगी। इसलिए चुनावी रण को धार देने की सबसे बड़ी जंग इस समय संगठन के मोर्चे पर लड़ी जा रही है। फिलहाल इतना तय है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की औपचारिक घोषणा भले अभी दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने चुनावी शंखनाद कर दिया है। संगठन को मजबूत बनाने की यह होड़ आने वाले दिनों में और तेज होती दिखाई देगी।
June 9, 2026देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से सहसपुर ब्लॉक के चयनित गांवों में पॉलीहाउस स्थापित किए जाएंगे, जिनमें ब्लूबेरी की खेती की जाएगी।कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में देहरादून जिला प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में जनपद में पहली बार ब्लूबेरी खेती का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन और उघान विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों के विकल्प विकसित करने पर कार्य कर रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि उघान विभाग द्वारा सहसपुर क्षेत्र की जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद ब्लूबेरी उत्पादन के लिए इसे उपयुक्त पाया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत सहसपुर ब्लॉक के 10 किसानों का चयन किया गया है, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चयनित किसानों को 500 वर्गमीटर क्षेत्र में खेती के लिए 500 ब्लूबेरी पौधे 80 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को वैज्ञानिक खेती, पौधों के रखरखाव, सिंचाई प्रबंधन तथा उत्पादन तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिला प्रशासन किसानों की उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य करेगा, ताकि उन्हें उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इसे क्लस्टर स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। इससे देहरादून को ब्लूबेरी उत्पादन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दून बासमती ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, उसी प्रकार ब्लूबेरी खेती भी किसानों के लिए आय का नया और लाभकारी स्रोत बन सकती है। मुख्य उघान अधिकारी डी.के. तिवारी ने बताया कि ब्लूबेरी एक हाई—वैल्यू फसल है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 1,000 से 1,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक रहती है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फलों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे ब्लूबेरी की व्यावसायिक संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। उन्होंने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से सहसपुर ब्लॉक के चयनित गांवों में पॉलीहाउस स्थापित किए जाएंगे, जिनमें ब्लूबेरी की खेती की जाएगी। ब्लूबेरी के पौधे लगभग दो वर्षों में फल देना शुरू कर देते हैं। विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले किसानों में से 10 किसानों ने इस खेती को अपनाने की इच्छा जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नवाचार आधारित ऐसी योजनाएं किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अधिक आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करेंगी। साथ ही इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र में आधुनिक एवं लाभकारी खेती को बढ़ावा मिलेगा।