April 21, 2026ज्योतिर्मठ से आदि गुरु शंकराचार्य की डोली, प्रथम पड़ाव पांडुकेश्वर प्रस्थान हुई चमोली। आज श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ से पूजा—अर्चना पश्चात आदि गुरु शंकराचार्य जी की पवित्र डोली एवं श्री गरुड़जी की उत्सव मूर्ति विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रावल अमरनाथ नंबूदरी सहित श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में श्री बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान हुई। आज देव डोलियां पहले पड़ाव योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंच गयी। कपाट खुलने के अवसर हेतु केदारनाथ धाम रवाना हो चुके बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ से देवडोलियों के धाम प्रस्थान होने पर शुभकामनाएं दी है। उन्होंने बताया कि धामों में यात्रा पूर्व तैयारियां पूरी की जा चुकी है।बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि ज्योर्तिमठ के विभिन्न स्कूलों के छात्रों के साथ समारोह पूर्वक देवडोलियां धाम के लिए प्रस्थान हुई तथा स्कूली बच्चों ने दो किमी मार्ग तक देवडोलियों का पुष्प वर्षा से भब्य स्वागत किया। इससे पहले बीते शनिवार को ज्योर्तिमठ में तिमुंडिया वीर पूजन तथा गरूड़ छाड़ मेले में आगामी बदरीनाथ यात्रा के सफल शुभारंभ हेतु आशीष मांगा गया। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बुधवार 22 अप्रैल को योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री उद्धव जी और श्री कुबेर जी, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे जबकि श्री गरूड़ जी आज ज्योर्तिमठ से बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे। इसके पश्चात 23 अप्रैल की प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसी क्रम में श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तेल कलश (गाडू घड़ा) के साथ ज्योतिर्मठ पहुंचे। तेल कलश 22 अप्रैल को बदरीनाथ धाम पहुंचेगा। इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी सहित, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भटृ, आचार्य वाणी विलास डिमरी, नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह सहित कई लोग मौजूद रहे।
April 21, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बारिश से क्षतिग्रस्त हुए पुल की कार्य प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुल निर्माण का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को आवागमन में सुविधा मिल सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल देहरादून और मसूरी को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों का आवागमन होता है। उन्होंने कहा कि यातायात को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों ओर से आवागमन के लिए वैली ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है, जो दूसरी ओर से भी शीघ्र ही पूर्ण होकर संचालित हो जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थान पर स्थायी पुल का निर्माण कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, जिसे आगामी 2 से 3 माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़कों एवं पुलों के सुदृढ़ीकरण हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण से संबंधित अनेक परियोजनाएं तेजी से क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा एवं आदि कैलास यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक अवसंरचनात्मक कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
April 21, 2026कार को काटकर बाहर निकाला शव देहरादून। सड़क दुर्घटना मेंं आज सुबह सरिया लादकर खड़े ट्रक से कार टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि आधा दर्जन लोग मामूली रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर कटर से कार को काटकर शव निकाला। जिसको रेगुलर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।जानकारी के अनुसार आज सुबह चौकी व्यासी से एसडीआरएफ टीम को सूचना प्राप्त हुई कि कौडियाला क्षेत्र में एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, जिसमें कुछ व्यक्तियों के घायल होने की सूचना है। सूचना पर एसडीआरएफ टीम त्वरित कार्यवाही करते हुए रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर पाया गया कि सरिया से लदा एक भारी ट्रक खड़ा था, जिससे एक कार टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। कार में चालक सहित कुल 8 लोग सवार थे, जिनमें 5 महिलाएं एवं 3 पुरुष शामिल थे। दुर्घटना में एक महिला, धूमा देवी (पत्नी स्व. दिलवर सिंह), आयु लगभग 55 वर्ष, की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। महिला का शव वाहन में बुरी तरह फंसा हुआ था, एसडीआरएफ टीम द्वारा वाहन को काटकर कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। शव को अग्रिम कार्रवाई हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया। अन्य सभी घायलों को सामान्य चोटें आई हैं जिन्हें एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया है।
April 21, 2026टिहरी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता चौबे द्वारा यात्रा मार्गों, प्रमुख पड़ाव स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों का लगातार स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा आवश्यक दिशा—निर्देश जारी किये गए।आज यहां चारधाम यात्रा—2026 को सुरक्षित, सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद टिहरी गढ़वाल पुलिस द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता चौबे द्वारा यात्रा मार्गों, प्रमुख पड़ाव स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों का लगातार स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा आवश्यक दिशा—निर्देश जारी किये गए। एसएसपी श्वेता चौबे द्वारा चारधाम यात्रा मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख थाना/चौकी एवं पर्यटन पुलिस केंद्रों का गहन निरीक्षण किया गया उन्होंने पीपल डाली, चौकी दुगड्डा, पर्यटन बूथ मलेथा, चौकी भल्लेगांव, थाना देवप्रयाग, चौकी बछेलीखाल, आपदा राहत/पर्यटन पुलिस चौकी साकनीधार, चौकी ब्यासी, चौकी गूलर, चौकी शिवपुरी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की बारीकी से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लिया गया। विशेष रूप से मुनिकीरेती क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग को सुदृढ़ करते हुए 60 सीसीटीवी कैमरों एवं 12 आईपी आधारित पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम की स्थापना की गई है। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सुरक्षा के साथ—साथ भीड़ नियंत्रण एवं त्वरित सूचना प्रसारण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे द्वारा निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी यातायात प्रबंधन योजना लागू की जाए। सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। यात्रियों के प्रति शालीन, सहानुभूतिपूर्ण एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। भीड़भाड़ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। सीसीटीवी कैमरों एवं तकनीकी संसाधनों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आपातकालीन परिस्थितियों हेतु रेस्क्यू टीम, एम्बुलेंस एवं आपदा प्रबंधन इकाइयों के साथ समन्वय बनाए रखा जाए। यात्रा मार्गों पर अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति एवं पर्यटन का महत्वपूर्ण आधार है, जिसमें देश—विदेश से लाखों श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय, संवेदनशीलता एवं सेवा भावना के साथ कार्य करें, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सहज एवं सुखद यात्रा अनुभव प्राप्त हो सके। सभी व्यवस्थाओं को पूर्ण रूप से सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
April 21, 2026चुनाव से पूर्व राजनैतिक दलों का यह ट्रेंड आज नया नहीं पार्टियों में ‘बगावत’ आम बात, प्रजातंत्र की है एक प्रक्रिया दलों में जुड़ने व टूटने का सिलसिला रहता है लगातार जारी देहरादून। राजनीति के अपने ही अलग और अनोखे रंग चुनावी साल में बार-बार दिखते है। उत्तराखंड में विधानसभा के चुनाव की घोषणा से पूर्व भाजपा में जहां ‘भगदड़’ मची है, वही कांग्रेस में ‘फूट’ भी सार्वजनिक हो गई है। चुनाव से पूर्व राजनैतिक दलों का यह ट्रेंड आज नया नहीं है। देश के इतिहास में अभी तक हुए चुनावों में यह सामान्य रूप से चलता आ रहा है और आगे भी चलता रहेगा। क्योंकि यह राजनीति का ही एक अनोखा रूप है।बता दें कि उत्तराखंड में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पूर्व सभी दल अपनी हलचलें तेज कर देते हैं और चुनाव आते-आते यह अपने चरम पर होती है। प्रदेश में दो प्रमुख दलों के बीच मुख्य मुकाबला होता है और यह मुकाबला किसी महाभारत से कम नहीं होता है। राजनैतिक दल इसके लिए एक साल से तैयारियों में लगे रहते है। एक-दूसरे दल से लोगों को तोड़ना और जोड़ना चुनाव से पूर्व लगा रहता है। इससे दलों में फूट और भगदड़ मचना स्वाभाविक है। प्रदेश में वैसे भी भाजपा और कांग्रेस में यह साफ देखा जाता है। हालांकि प्रदेश में क्षेत्रिय दल भी है, लेकिन इस दल से जुडे़ लोग दल में लंबे समय से है और दल के प्रति अपनी निष्ठा को निभाते है।दूसरी ओर चुनावी साल में भाजपा-कांग्रेस में नेताओं का आना और जाना लगा रहता है। पहले यहां भाजपा की बात करें तो भाजपा वर्तमान समय में सत्ता में है और सत्ता के बल पर आगामी विधानसभा चुनाव में जीत के लिए अपनी पकड़ बनाने के लिए सभी हथकंडे अपनाने में लगी है। सरकार में रहते हुए भाजपा सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को तो खुश नहीं कर सकती है। इसलिए भाजपा से नाराज लोगों का कांग्रेस में जाना स्वाभाविक है। यह कहा जाए कि चुनावी साल में भाजपा में भगदड़ मची है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण भी पिछले दिनों सामने आया है। भाजपा के छह बडे़ नेता कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके साथ ही अगर कांग्रेस के दावों को सच माने तो कई भाजपा नेता कांग्रेस में शामिल होने के लिए कांग्रेस के संपर्क में है। यह अपने आप में यह दर्शाता है कि भाजपा में भगदड़ मची है और आगे ओर भी भगदड़ मचेगी।दूसरी ओर कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस में छह भाजपा नेताओं के शामिल होने के साथ ही फूट पड़ गई और यह फूट सावजनिक हो गई है। कांग्रेस के बडे़ नेता के राजनैतिक अवकाश इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इसके साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश की अपनी नये अध्यक्ष के साथ टीम अभी तक खड़ी नहीं की। इससे साफ संदेश जाता है कि कांग्रेस के अंदर फूट है और कांग्रेस में सब ठीक नहीं चल रहा है। कांग्रेस नेताओं के नाराज होने का क्रम जारी है और यह विधानसभा चुनाव में टिकट बटवारे तक जारी रह सकती है। राजनैतिक विशेषज्ञों की माने तो पार्टियों में फूट,भगदड़ से राजनैतिक माहौल खराब होता ही है। इसके साथ ही चुनाव के समय इससे नुकसान भी होता है और यह क्रम दोनों दलों में जारी रहता है।चुनावी साल में पार्टियों में ‘बगावत’ आम बात है और प्रजातंत्र की यह एक प्रक्रिया है। छोटे चुनाव हो या बडे़ यह होता ही है। देश की प्रमुख पार्टियों पर सभी की नजरें रहती हैं, लेकिन चुनाव के समय सभी दलों में यह सब चलता रहता है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के समय तो देश के प्रमुख दलों में अंतरकलह समान्य बात है और दलों में जुड़ने और टूटने का सिलसिला लगातार जारी रहता है। इसके फायदे और नुकसान चुनाव के समय दलों को होता है।
April 21, 2026महिलाओं को राज्यों की विधानसभाओं तथा संसद में 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार द्वारा नारी वंदन बिल लाया गया तथा इसे एक मास्टर स्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा था वह बिल ही भाजपा और सरकार के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन जाएगा? यह किसी ने भी नहीं सोचा था। सत्ता शीर्ष पर बैठे नेताओं की गलत सोच ने अब उन्हें पूरी तरह से एक्सपोज कर दिया है। विपक्ष इस बात को अच्छी तरह से जानता था कि इस बिल का विरोध करने का मतलब है अपना इतना बड़ा नुकसान करना कि उनका कभी सत्ता में आने का सपना पूरा नहीं हो सकता वहीं सत्ता में बैठे लोग भी जानते थे कि अगर महिलाओं को अपने पाले में खड़ा कर लिया तो वह हमेशा अजेय बने रहने की किसी गारंटी से कम नहीं होगा। मगर भाजपा के नीतिकारों की कुछ गलतियों के कारण अब उनका पूरा खेल खराब हो चुका है। पीएम मोदी अब भले ही कितने भी घड़ियाली आंसू बहा ले और कांग्रेस तथा विपक्ष पर आरक्षण बिल की भ्रूण हत्या करने का आरोप लगा दें उनका कोई दांव पेेच काम आने वाला नहीं है। ऐसा नहीं है कि उनके पास इस बात के पर्याप्त अवसर नहीं थे कि वह नए संसद भवन में अपने सबसे पहले लाये गए बिल को लेकर उसी समय 2011 की जनगणना के आधार पर किए गए परिसीमन के अनुरूप लागू कर देना चाहिए था। आज अगर विपक्ष के नेता और तमाम महिलाएं इस बात का आरोप लगा रही है कि सरकार महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती है तो यह एक सच्चाई है। सरकार ने इसे 2026 से होने वाली जनगणना और नए परिसीमन तक लटकाए क्यों रखा? सरकार को इसे लागू करने से पहले ही इसमें संशोधन की जरूरत क्यों पड़ गई? जब सरकार जानती थी कि उनके पास संविधान संशोधन के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है और बिल पास नहीं हो सकता तब इस बिल को क्या जानबूझकर इसलिए लाया गया था। प्रधानमंत्री द्वारा अपने राष्ट्रीय संबोधन में जो रोना पिटना किया गया और जिस तरह विपक्ष पर वह बरसे तथा बिल गिरने पर भाजपा की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया? वह सब भाजपा की एक सूची समझी नौटंकी ही थी। इसका सच अब पूरे देश के सामने आ गया है सोशल मीडिया पर सरकार के इस कृत्य को लेकर उनकी जिस तरह थू—थू हो रही है और भाजपा के वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे तथा मुरली मनोहर जोशी ने पीएम मोदी और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा की दुर्दशा करने का आरोप लगाया है और देशभर में कांग्रेस की महिलाओं द्वारा पीएम के पुतले फूके जा रहे हैं और भाजपा के खिलाफ नारीबाजी की जा रही है तथा भाजपा नेताओं द्वारा महिलाओं के साथ किए गए कूकृत्यों का इतिहास उन्हें याद दिलाया जा रहा है तो यह समझने के लिए काफी है कि भाजपा ने इस महिला आरक्षण बिल को लेकर जो तमाशा किया है या करना चाहती थी उसका पूरा सच अब जनता के सामने आ चुका है। वह बिहार की तरह महिलाओं के खातों में पैसे भेज कर और महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति करके उनसे अब भविष्य में वोट नहीं ले सकते हैं।