- पीएम के दौरे में मौसम डाल सकता है खलल
- हिमालयी राज्यों के लिए अलग आपदा नीति बने
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आपदा प्रभावितों की खैर खबर लेने आ रहे हैं। शाम 4.15 बजे उनका जौली ग्रांट हवाई अड्डे पर पहुंचने की संभावना है। जहां से वह आपदा प्रभावित उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग और चमोली के उन क्षेत्रों के हवाई सर्वे पर जाएंगे जहां भारी नुकसान हुआ है। इस बीच मौसम विभाग द्वारा भी राज्य की राजधानी दून सहित 6 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। जिसमें रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी व चमोली भी शामिल है। अब मौसम के मिजाज पर निर्भर करेगा कि प्रधानमंत्री हवाई सर्वे पर जा सकेंगे या नहीं। लेकिन उनके उत्तराखंड आने को लेकर सरकार इस बात को लेकर आशान्वित जरूर है कि पीएम आएंगे तो देवभूमि को आपदा राहत के तौर पर बड़ी आर्थिक मदद देकर जाएंगे।
इस दौरे का समय लगभग तीन या साढे तीन घंटे का ही तय है जिसमें आपदा पीड़ितों से हवाई अड्डे पर ही मुलाकात तथा हवाई सर्वे से लेकर अधिकारियों के साथ बैठक और आपदा पर प्रेजेंटेशन आदि तमाम कार्यक्रम शामिल है। खराब मौसम के बीच क्या—क्या संभव हो सकता है यह आने वाला समय ही बताएगा लेकिन प्रशासन ने सभी तैयारियां जरूर कर रखी हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड के साथ हमेशा ही प्रेम पूर्ण और उदार भाव रहा है उनके आने से आपदा प्रभावितों का मनोबल बढ़ेगा। उधर पूर्व मुख्यमंत्री हुआ संासद त्रिवेंद्र सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी पहाड़ वासियों के दुख दर्द को अच्छे से समझते हैं। इस बार मानसून काल में राज्य को भारी नुकसान हुआ है। हिमाचल, पंजाब तथा जम्मू कश्मीर की तरह वह उत्तराखंड को भी इस आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त और बड़ी आर्थिक मदद देंगे ऐसी उन्हें उम्मीद है। भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि हिमालयी राज्यों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर उनके लिए अलग आपदा प्रबंधन नीति बनाए जाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी आज शाम को ही दिल्ली लौट जाएंगे।




