नई दिल्ली। बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों अपने बयानों के लिए सुर्खियों हैं। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा है कि वो भी नवरात्रि में माता की पूजा अर्चना करेंगे लेकिन उनका विरोध उन सभी से है जो 9 दिन दुर्गा दुर्गा करते हैं और 10वें दिन मुर्गा मुर्गा करते हैं। नवरात्रि को लेकर शास्त्री ने कहा कि देवी की मूर्ति स्थापना करना तब सफल है जब आप यह प्रण लें कि प्रत्येक बेटी की तरफ उठने वाली अंगुली को ही तोड़ देंगे। ऐसे भारत का कल्याण नहीं होगा। हम भी माता की पूजा करेंगे, लेकिन उनका हम विरोध करते हैं जो 9 दिन तो दुर्गा-दुर्गा करते हैं और 10 वें दिन मुर्गा-मुर्गा करते हैं। हम भी माता की पूजा करेंगे, लेकिन उनका हम विरोध करते हैं जो 9 दिन तो दुर्गा-दुर्गा करते हैं और 10 वें दिन मुर्गा-मुर्गा करते हैं। महालक्ष्मी के 30 टुकड़े हुए। इसके लिए अब हिंदुओं को संकल्प लेना होगा। महिलाओं के सम्मान की रक्षा नहीं की जाएगी, तब तक देवी आराधना का कोई अर्थ नहीं है।
हाल ही में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा दिए गए हवस के पादरी या हवस के मौलाना वाले बयान पर कुछ धर्मगुरूओं द्वारा आपत्ति जताए जाने पर जब पंडित धीरेन्द्र शास्त्री से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये नालायक हैं। हमने किसी भी धर्म के धर्मगुरू का अपमान नहीं किया है। हमने अपनी बात किसी भी धर्म या मजहब के गुरू के लिए नहीं कही थी।




