नई दिल्ली। जयपुर एयरपोर्ट पर विमान हाईजैक होने के अलर्ट के बाद हड़कंप मच गया। एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-2030 की जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। यह विमान जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जा रहा था। जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को विमान को लेकर अलर्ट मिला था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गईं। बताया जा रहा है कि विमान से कथित तौर पर “स्क्वॉड 7500” सिग्नल प्रसारित हुआ था। विमानन क्षेत्र में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ट्रांसपोंडर कोड है, जिसका उपयोग पायलट किसी संभावित हाईजैकिंग या विमान में अवैध हस्तक्षेप की स्थिति की जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल को गोपनीय तरीके से देने के लिए करते हैं। इसी संकेत के मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और विमान की प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान के सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालकर एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया। किसी के घायल होने या किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान से हाईजैक अलर्ट क्यों प्रसारित हुआ। यह तकनीकी त्रुटि थी, गलत संकेत था या फिर किसी अन्य कारण से यह कोड सक्रिय हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
इससे पहले 30 सितंबर 2026 को दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट से भी हाईजैक अलर्ट आया था। बोइंग 737 मैक्स विमान ने पहले इमरजेंसी कोड 7700 और फिर कुछ समय के लिए स्क्वाक-7500 जारी किया। 7500 कोड विमान में हाईजैक या अवैध हस्तक्षेप की आशंका का संकेत देता है। इसके बाद विमान का रास्ता बदला गया और सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।इस घटना में विमान के ओमानी को-पायलट पर पायलट पर हमला करने और विमान को तेल अवीव एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराने की कोशिश करने का आरोप है।





